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व्यापारी हो या ग्राहक किसी को समझ नहीं आ रही बाजार की नई व्यवस्था

Thu, 11 Jun 2020 01:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 01:52 AM IST
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Whether the businessman or the customer does not understand the new system of the market
जिला अस्पताल रोड पर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

ग्राहकों का कहना उन्हें रोजाना दौड़ना पड़ रहा बाजार
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व्यापारी बोले, वह खोते जा रहे इस व्यवस्था से पुराने ग्राहक

बरेली। बाजार का नया रोस्टर किसी को समझ नहीं आ रहा है। चाहे व्यापारी हो या ग्राहक, दोनों को ही नई व्यवस्था से शिकायत है। उनका कहना है कि पहले की व्यवस्था अधिक ठीक थी। ग्राहकों का कहना है कि इससे उनका बाजार में समय खराब हो रहा है, मन की दुकान से मन का सामान नहीं मिल पा रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि उनके वर्षों पुराने ग्राहक इस व्यवस्था में खोते जा रहे हैं। इनका कहना है कि पहले की व्यवस्था ही ठीक थी, कम से कम उनके ग्राहक तो नहीं खो रहे थे।
स्थान - कुतुबखाना
लहंगा व्यापारी विवेक देवल कहते हैं कि एक दिन दुकान खुलकर बंद हो रही है। इससे वह अपना बाजार खो रहे हैं। लहंगे के काम में अधिक दुकानदार नहीं है। ऐसे में यदि एक दिन मेरी दुकान बंद रहेगी और किसी और खुलेगी तो ऐसे में हम सभी व्यापारियों को दिक्कत आ रही है। इससे बाजार में कंपटीशन बढ़ता चला जा रहा है। प्रशासन या तो बाजार को रोजाना खुलवाए या फिर पहले जैसी व्यवस्था कर दे।
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स्थान- आलमगीर
साड़ी कारोबारी मनीष खंडेलवाल कहते हैं कि ग्राहक भ्रमित हो रहा है और हम सभी व्यापारियों को भी दिक्क्तें हो रही हैं। पहले सामान के हिसाब से रोस्टर जारी हुआ था कि किस दिन कौन सा व्यापार खोला जाएगा वह व्यवस्था ज्यादा ठीक थी। अब व्यवस्था ठीक नहीं है। इससे दुकानदारों को भी दिक्कतें हो रही है और ग्राहक भी परेशान हो रहा है। ग्राहक रोजाना फोन करके भी पूछते हैं कि बाजार में आज यह दुकानें खुलेंगी कि नहीं खुलेंगी। बाजार को रोजाना खुलना चाहिए।
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स्थान - श्यामगंज।
तेल व्यापारी अंशुल कहते हैं कि इस व्यवस्था ने व्यापार को कमजोर करने का काम शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था से व्यापारी चल नहीं पा रहे हैं। ग्राहक भी परेशान हो रहे हैं हम भी परेशान हो रहे हैं कि कैसे काम किया जाए। या तो बाजार रोजाना के लिए खोल दिया जाए या फिर पहले की तरह ही बाजार खुले। जिससे व्यापारियों को ग्राहक को लेकर चिंता नहीं रहेगी।
स्थान- आलमगीर।
एक खास दुकान का नाम लेते हुए कहा कि मैं हमेशा से ही वहां से ही सूट की खरीदारी करती हूं लेकिन आज आई तो पता चला कि दुकान बंद है। ऐसे ही परसों आई थी तब भी बंद थी। अब आज बताया गया कि दिशा के हिसाब से दुकानें खुल रहीं है तो कल आओ लेकिन परिवार में कार्यक्रम है तो दूसरी जगह से लेना पड़ रहा है। इस तरीके की दिक्कतें तो हो रही हैं।
-आरती।
यह व्यवस्था ठीक नहीं है। हमें बाजार में दुकानों की दिशा के बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए दिक्कतें तो हो रही हैं। घर से निकलते समय दिशा का अंदाजा नहीं होता है। बस लिस्ट बनाकर निकलते तो एक दिन में खरीदारी नहीं हो पा रही है।
--लक्ष्मी।
स्थान - श्यामगंज
मैं दुकान भी चलाता हूं, यहां एक दुकान है उनके यहां से तेल की खरीदारी करने आया था। लेकिन दुकान बंद है, आर्डर लगा हुुआ था पहले से ही। फोन पर अभी बात की तो कह रहे हैं कि आज तो नहीं दे पाएंगे। रोस्टर के हिसाब से दुकान कल खुलेगी तो कल ही माल दे पाएंगे। अब आज वापस लौटना पड़ेगा।

-कमर।
कुछ दुकानदार नहीं मान रहे रोस्टर
बरेली। श्यामगंज बाजार में कुछ दुकानदार ऐसे भी जो रोस्टर नहीं मान रहे हैं। वह रोजाना दुकान का शटर खोलकर माल बेच रहे हैं। बुधवार को भी ऐसे कई दुकानदार यहां दिखे जो रोस्टर के खिलाफ आधा शटर खोलकर ग्राहकों को माल दे रहे थे।
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