अपनों ने दिया धोखा: एक ही युवक से दो सहेलियों को हुआ प्यार तो पनपी साजिश, जेठानी ने देवरानी को किया बदनाम
बरेली में बीते दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें महिलाएं ही महिलाओं की दुश्मन निकलीं। उन्होंने अपने करीबी को ही बदनाम करने के लिए साजिश रच डाली। जांच में पोल खुली तो उन महिलाओं को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। जानते हैं ऐसे ही चर्चित मामले...
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मिशन शक्ति के जरिये सरकार महिलाओं को सशक्त करने का प्रयास कर रही है। वहीं, साइबर अपराध के मौजूदा ट्रेंड की बात करें तो महिलाएं ही महिलाओं की दुश्मन बनी बैठी हैं। मासूम मुस्कान के पीछे साजिश की खिचड़ी पकाई जा रही है। किसी लड़की को सोशल साइट्स पर बदनाम करने का मामला हो या किसी महिला को नीचा दिखाने का, बरेली में साइबर थाना पुलिस की जांच में अपराध के पीछे सहेली, ननद, भाभी जैसी कोई नजदीकी महिला ही निकल रही है। खोखले होते रिश्तों की हकीकत बताते कुछ ऐसे ही मामलों का जिक्र हम यहां कर रहे हैं।
बरेली के साइबर थाने का सर्वाधिक चर्चित मामला दो सहेलियों और उनके इकलौते प्रेमी से जुड़ा है। शहर की छात्रा की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर प्रेमी संग उसके अश्लील फोटो-वीडियो डाले जा रहे थे। बदनामी से परेशान छात्रा ने इस आईडी पर मेसेज से संपर्क किया तो जवाब आया कि तुम अपने हाथ की नस काट लो तो बख्श देंगे। छात्रा ने दो बार नस काटकर फोटो भी भेजा, लेकिन उसकी मौत नहीं हुई तो खुराफात जारी रही। साइबर थाने में शिकायत पर जांच हुई। कैलिफोर्निया से आई रिपोर्ट से पता लगा कि छात्रा की पक्की सहेली ही यह कर रही थी। दोनों एक ही युवक से प्रेम करती हैं। वह सहेली को रास्ते से हटाकर प्रेमी को अपना बनाना चाहती थी।
प्रेमी की बहन ने ही कर दिया बदनाम
सीबीगंज इलाके का प्रेमी युगल शादी करने का मन बना रहा था। अचानक लड़के को इंस्टाग्राम पर प्रेमिका के अश्लील फोटो के साथ धमकियां मिलने लगीं। कोई बताने लगा कि वह जिससे शादी करने जा रहा है, वह उसकी पूर्व प्रेमिका है। उसका पीछा छोड़ दे। इससे दोनों में अनबन बढ़ी तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच में पता लगा कि धमकी देने वाली आईडी युवक की सगी बहन ने ही बनाई है जो उस लड़की को अपनी भाभी के रूप में स्वीकार करने को कतई तैयार नहीं है। कार्रवाई से तौबा कर माफी से ही मामला निपटा दिया गया।
देवरानी को ही बनाया साजिश का शिकार
महानगर कॉलोनी में नई बहू ससुराल आई तो कुछ दिन बाद ही उसके पति को इंस्टाग्राम पर धमकी भरे मेसेज आने लगे। कहा जा रहा था कि वह उसकी पत्नी का पूर्व प्रेमी है। घर में भयंकर तनाव के बाद मामला साइबर थाने पहुंचा तो पता लगा कि दुल्हन की जेठानी ने ही सारा खेल रचा है। नई बहू की आवभगत बढ़ी। सास से लेकर देवर तक उसके कसीदे पढ़ने लगे तो बड़ी बहू को जलन होने लगी। उसी ने देवरानी के मोबाइल से उसी के नाम की इंस्टाग्राम आईडी बनाई और उसे अपने मोबाइल से चलाने लगी। होशियारी में यह भूल गई कि चैट के हर मेसेज का अलग आईपी एड्रेस होता है और पकड़ी गई। हालांकि, देवरानी ने बड़ा दिल दिखाते हुए कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
चचेरी बहन के साथ रील डालकर किया बदनाम
जनवरी में ही आए मामले में एक ही परिवार के युवाओं का आंतरिक द्वंद्व सामने आया। एक युवक की उसकी चचेरी बहन के साथ सोशल मीडिया पर रील वायरल होने लगीं। इनमें फोटो के साथ अश्लील व भड़काऊ संगीत बज रहा था। भाई-बहन ने शिकायत की तो साइबर थाना पुलिस ने जांच में पाया कि युवक के दूसरे चाचा की बेटी ने अपने तहेरे भाई और चचेरी बहन को बदनाम करने के लिए फर्जी आईडी बनाकर ऐसा किया था।
मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना ने बताया कि महिलाएं ज्यादा भावुक और संवेदनशील होती हैं। वह सीधा झगड़ा करने से बचती हैं। चुगली व बुराई से आगे बढ़कर इस तरह की हरकत कर बैठती हैं। क्राइम पेट्रोल, सास-बहू के सीरियल और भड़काऊ वेब सीरीज भी उनके मन पर सीधा प्रभाव डाल रहे हैं। तमाम महिलाओं ने व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम स्टेट्स को ही दूसरों पर कमेंट का जरिया बना लिया है। कुल मिलाकर इंटरनेट की अति ही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है।
निजता भंग हो तो घबराएं नहीं, पुलिस से मिलें
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने कहा कि मौजूदा दौर में निजता का बचाव ज्यादा अहम है। इसके लिए सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी बनाए रखें। बहन-भाई या खास सहेली को भी पासवर्ड न बताएं। निजता भंग होने पर बिल्कुल न घबराएं। 112 पर कॉल करें। थाने आकर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस आपकी निजता गोपनीय रखकर कार्रवाई करती है।
संयुक्त परिवार टूटने से बिगड़ रहा सामाजिक तानाबाना
बरेली कॉलेज के समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत कौर आहूजा ने बताया कि संयुक्त परिवार टूटने और शहरों में एकाकी परिवार की बहुलता से सामाजिक तानाबाना बिगड़ रहा है। बच्चों को भी पढ़ाई के बहाने अलग मोबाइल फोन और निजता चाहिए। अभिभावक ये नहीं देख पा रहे हैं कि युवा हो रहे बच्चे मोबाइल पर क्या देख-सुन रहे हैं। महिला अपराध भी इसी से उपज रहे हैं। वह महत्वाकांक्षी हो रही हैं, खुद को स्थापित करना, दूसरों से खुद को श्रेष्ठ दिखाने की सोच से इस तरह की स्थिति सामने आ रही है।