{"_id":"648e116e908446e755074ac8","slug":"went-to-jail-in-conversion-case-after-being-released-put-up-posters-of-the-program-bareilly-news-c-4-bly1015-184931-2023-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: धर्मांतरण मामले में जेल गया, छूटने पर फिर कार्यक्रम के पोस्टर लगाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: धर्मांतरण मामले में जेल गया, छूटने पर फिर कार्यक्रम के पोस्टर लगाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। धर्मांतरण मामले में जेल गए शख्स ने छूटने के बाद भारतीय ईसाई मंच के बैनर तले शनिवार को कार्यक्रम रखा। लेकिन हिंदू संगठनों के विरोध और अनुमति न मिलने के चलते पुलिस ने आयोजन पर रोक लगा दी।
नवंबर 2022 में एक शख्स सुभाषनगर के वंशीनगला स्थित अपने घर में लोगों को ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रलोभन दे रहा था। योगी सेना के हिमांशु पटेल के पहुंचने पर वहां हंगामा हुआ था। हिमांशु पटेल ने आयोजक और उसके अन्य साथियों के खिलाफ सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट कराई थी। आरोपी को धर्मांतरण के मामले में जेल भेजा गया था।
रिहा होने के बाद आयोजक ने भारतीय ईसाई मंच का सम्मेलन करने के पोस्टर चस्पा कराए। शनिवार को उसके आवास वंशीनगला में प्रस्तावित आयोजन में शहर के कई जनप्रतिनिधियों के फोटो इस पोस्टर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में चस्पा किए गए थे। साथ ही मुख्य अतिथि के तौर पर आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचारक मुरारी दास का नाम है।
विज्ञापन
पोस्टर वायरल होते ही हिंदू संगठनों के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। वे पुलिस अधिकारियों को ट्वीट कर पूछ रहे हैं कि धर्मांतरण के मामले में जेल जा चुके शख्स को कार्यक्रम की अनुमति किसने दी।
इस मामले में इज्जतनगर इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान ने बताया कि हाईकोर्ट के स्तर पर कार्यक्रम की अनुमति लंबित थी, जो नहीं मिल सकी। इसलिए कार्यक्रम नहीं हो सका।
विज्ञापन
नवंबर 2022 में एक शख्स सुभाषनगर के वंशीनगला स्थित अपने घर में लोगों को ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रलोभन दे रहा था। योगी सेना के हिमांशु पटेल के पहुंचने पर वहां हंगामा हुआ था। हिमांशु पटेल ने आयोजक और उसके अन्य साथियों के खिलाफ सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट कराई थी। आरोपी को धर्मांतरण के मामले में जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
रिहा होने के बाद आयोजक ने भारतीय ईसाई मंच का सम्मेलन करने के पोस्टर चस्पा कराए। शनिवार को उसके आवास वंशीनगला में प्रस्तावित आयोजन में शहर के कई जनप्रतिनिधियों के फोटो इस पोस्टर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में चस्पा किए गए थे। साथ ही मुख्य अतिथि के तौर पर आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचारक मुरारी दास का नाम है।
विज्ञापन
पोस्टर वायरल होते ही हिंदू संगठनों के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। वे पुलिस अधिकारियों को ट्वीट कर पूछ रहे हैं कि धर्मांतरण के मामले में जेल जा चुके शख्स को कार्यक्रम की अनुमति किसने दी।
इस मामले में इज्जतनगर इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान ने बताया कि हाईकोर्ट के स्तर पर कार्यक्रम की अनुमति लंबित थी, जो नहीं मिल सकी। इसलिए कार्यक्रम नहीं हो सका।