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Bareilly News: वेबसाइट ने गवाहों को दिया धोखा, दोपहर में हुआ सुधार

Wed, 04 Feb 2026 02:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:34 AM IST
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Website deceived witnesses, corrected in the afternoon
आधार-आधारित ई-केवाईसी और बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होने से क्रेता-विक्रेता के आधार-पैन अपडेट न होने से नहीं हो पा रही रजिस्ट्री
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बरेली। भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होने के दूसरे दिन मंगलवार को भी क्रेता-विक्रेता और बैनामा लेखक परेशान रहे। वेबसाइट ने लेखपत्र के गवाहों को धोखा दिया। हालांकि, लखनऊ एनआईसी के हस्तक्षेप पर दोपहर 1:30 बजे वेबसाइट ने काम करना शुरू कर दिया था। दिनभर में उप निबंधक कार्यालय प्रथम व द्वितीय के यहां 93 भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई। काफी लोग ओटीपी न आने से भी बिना रजिस्ट्री कराए ही लौट गए।
सदर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय प्रथम-द्वितीय के यहां और परिसर में बैनामा लेखकों के पास सुबह से ही क्रेता-विक्रेताओं की भीड़ लग गई थी। वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन में क्रेता-विक्रेता के गवाहों के आधार नंबर डालने और उसे सुरक्षित करते ही एरर आ रहा था। सहायक महानिरीक्षक निबंधन तेज सिंह यादव ने लखनऊ संपर्क कर एरर का स्क्रीनशॉट भेज कर समस्या का समाधान कराया। उधर, दस्तावेज लेखक कल्याणकारी समिति के सदर तहसील के सचिव अतुल सक्सेना ने बताया कि क्रेता-विक्रेताओं के अंगूठा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में सत्यापन में भी काफी समय लग रहा था। खासकर बुजुर्गों के अंगूठा से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा था। इसलिए उनकी एक-एक कर 10 अंगुलियों को कर्मचारी स्कैन कर रहे थे। इससे काफी समय लग रहा था। -----
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यूडीआई पर आधार बायोमेट्रिक डिसेबल कर भूले, हुई दिक्कत
उप निबंधक कार्यालय के कर्मियों ने बताया कि मंगलवार को ऐसे केस भी आए, जिनमें क्रेता-विक्रेताओं ने यूडीआई (यूनिक डिवाइस आईडेंटिफिकेशन) की वेबसाइट पर अपने आधार नंबर को बायोमेट्रिक डिसेबल कर रखे थे और वह भूल भी चुके थे। उनके आधार नंबर को वेबसाइट स्वीकार नहीं कर रही थी। कुछ मामलों में तो कर्मियों ने संबंधित क्रेता-विक्रेता के आधार की वेबसाइट से उनके बायोमेट्रिक डिसेबल को हटवाकर अन-लॉक कराया और उनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की। संवाद
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नई व्यवस्था फर्जीवाड़ा रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए है। वेबसाइट अच्छे से काम कर रही है। क्रेता-विक्रेता अपने आधार-पैन नंबर का विवरण अपडेट कराकर ही संपत्ति की रजिस्ट्री कराने आएं, अन्यथा उन्हें परेशानी होगी और रजिस्ट्री भी नहीं हो पाएगी। - तेज सिंह यादव, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
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