यूपी में फिर बदला मौसम का मिजाज: बरेली में ओलावृष्टि के बाद झमाझम बारिश, अगले तीन दिन बरसात का यलो अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ से बुधवार शाम जिले में ओलावृष्टि-बारिश हुई। इससे गर्मी से राहत मिली, पर धान, गन्ना समेत फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। बृहस्पतिवार को भी बारिश का यलो अलर्ट है।
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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बुधवार शाम जिले का मौसम अचानक बदल गया। शाम ढलते ही काले बादल छा गए। तेज हवा व गरज के साथ ओलावृष्टि और फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
शाम सात बजे अचानक मौसम ने करवट ली। सीबीगंज, परसाखेड़ा और मीरगंज समेत जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में ओले गिरने लगे। कुछ देर में ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस कारण सड़क पर चल रहे लोगों को सुरक्षित ठिकानों की तलाश करनी पड़ी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बारिश से पहले हुई ओलावृष्टि ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है।
मौसम विभाग ने पहले ही बरेली और आसपास के जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए तीन दिन का यलो अलर्ट जारी किया था। मौसम के इस बदले तेवर के बीच बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बृहस्पतिवार को भी जिले में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने बारिश का यलो अलर्ट जारी कर 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है।
धान, गन्ना समेत अन्य फसलें प्रभावित
बीते दिनों हुई लगातार बारिश से किसानों की धान की फसल खेत में बिछ गई थी। बुधवार शाम फिर ओलावृष्टि और बारिश होने से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। गन्ने और खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य दलहनी-तिलहनी फसलों पर भी संकट गहरा गया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 5.44 लाख से अधिक किसान हैं। इस वर्ष डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में धान की फसल है। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने बताया कि किसानों से खेतों से जलनिकासी की व्यवस्था करने की अपील की है। जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है, उन्हें नुकसान की सूचना संबंधित टोल-फ्री नंबर पर देने की सलाह दी गई है।