UP News: बरेली में जमकर बरसे बादल... सड़कों पर जलभराव, अभी तीन दिन और होगी झमाझम बारिश
बरेली में सोमवार को बादल जमकर बरसे। जिलेभर में 61.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक तेज बारिश की संभावना जताई है।
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बरेली में बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह काले बादल छाने के बाद झमाझम बरसात हुई। शहर और देहात क्षेत्रों में बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। जिससे लोगों की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के सुभाषनगर, सैलानी आदि इलाकों में जलभराव से खासी समस्या हुई। वहीं, तीन दिन से रुक-रुक हो रही बरसात की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में हल्की ठंडक महसूस हो रही है। तीन दिन तक बारिश की संभावना जताई गई है।
बरेली समेत आसपास के जिलों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। सोमवार से बुधवार तक तेज बरसात का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी-पश्चिमी बांग्लादेश पर विकसित हो रहे निम्न दबाव के चलते मानसूनी बारिश एक बार फिर से तेज हो गई है। सोमवार को जिले भर में 61.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
लगातार हो रही बरसात की वजह से तापमान में अचानक गिरावट आई है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 21.4 और न्यूनतम तापमान 25.1 दर्ज किया गया है। शनिवार से अधिकतम तापमान में करीब 12.4 डिग्री की कमी आई है। वहीं न्यूनतम पारे में 3.2 डिग्री की कमी आई है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक अभी बरसात की संभावना जताई है।
बारिश से रामगंगा का जलस्तर बढ़ा
पहाड़ों व मैदानी इलाकों में बारिश के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इसको लेकर उनके किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, जिनके खेत नदी के पास हैं।
कालागढ़ बैराज से रामगंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा बारिश के बाद बरसाती नाले भी सक्रिय हो गए हैं। इसके चलते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को चौबारी पर रामगंगा का गेज 158.190 दर्ज किया, जो रविवार के मुकाबले 22 सेंटीमीटर अधिक है। बाढ़ खंड अभियंताओं के अनुसार पहाड़ों पर जिस तरह से बारिश हो रही है, उसके अनुसार आने वाले दो से तीन दिनों में यहां पर जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
बाढ़ खंड के एसडीओ अमित किशोर ने बताया कि सभी एसडीएम को बाढ़ चौकियां सक्रिय करने के लिए कहा है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के लिए सभी एसडीएम के लिए बोल दिया, ताकि जिले में कोई जनहानि न हो। सदर तहसील में पांच, आंवला व नवाबगंज में छह-छह, फरीदपुर में आठ, बहेड़ी में 10, मीरगंज में 14 में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं।