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कूर्मांचलनगर और मुंशीनगर वासियों में ‘वॉटर वार’

Wed, 10 Jul 2019 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2019 02:10 AM IST
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Water Logging
बरेली। जलभराव को लेकर पिछले साल की तरह ही शहर में जनता के बीच टकराव का माहौल फिर बनने लगा है। ढाल ठीक न होने के चलते जलभराव होने पर मंगलवार को मुंशीनगर के लोगों ने कूर्मांचलनगर, सनसिटी और नॉर्थ सिटी से आने वाला नाला मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इसको लेकर मुंशीनगर के लोगों ने कूर्मांचलनगर के लोगों के बीच टकराव के हालात बन गए हैं, मगर निगम अफसर बेफिक्र हैं।
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मुंशीनगर, कूर्मांचलनगर, सनसिटी, नॉर्थ सिटी, परतापुर जीवन सहाय समेत आसपास की कई कालोनियों का पानी सौ फुटा रोड की ओर जाने के लिए नाला बनाया गया है। यह नाला मुंशीनगर से होकर निकलता है और इसका लेवल ठीक नहीं है। इसके चलते ज्यादा बारिश होने पर अन्य कालोनियों से आने वाला पानी मुंशीनगर में भर जाता है। सोमवार रात को ज्यादा बारिश हुई तो ऐसे ही हालात बन गए। मंगलवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो मुंशीनगर कालोनी की तमाम गलियों में घुटनों तक पानी भरा था। इसके बाद कालोनी की महिलाएं इकट्ठी होकर नाले पर पहुंचीं और मुंशीनगर गेट के पास मिट्टी डालकर नाले को बंद कर दिया। इसकी जानकारी होने पर कूर्मांचलनगर के कुछ लोग पहुंचे तो टकराव की स्थिति बन गई और कहासुनी के बाद वे लोग लौट गए। मुंशीनगर के लोगों ने पुलिस और नगर निगम के अफसरों को भी घटना की सूचना दी। बता दें कि पिछले साल संजयनगर में जलभराव के चलते नाला बंद करने को लेकर वहां के ही लोग दो गुटों में बंट गए थे, जिसके बाद जमकर हंगामा और विवाद हुआ था।
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नाला निर्माण पर करोड़ों खर्च, फिर भी जलभराव
नगर निगम हर साल ही नाला निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करता है लेकिन बेहतर प्लानिंग न होने के चलते हर साल ही शहरवासियों को जलभराव से जूझना पड़ता है। मुंशीनगर कालोनी सड़क से कुछ गहराई में बनी है और कूर्मांचलनगर समेत अन्य कालोनियां कुछ ऊंचाई पर हैं। इसके चलते वहां का पानी तेजी से मुंशीनगर तो पहुंच जाता है लेकिन नाले का ढलान सही न होने के चलते यह पानी सौ फुटा रोड के नाले तक नहीं पहुंचता है। इसके चलते ही जहां जलभराव हो रहा है।
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निगम ने नाला सफाई गाई, पानी ने फिर जगह बनाई
बरेली। पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक ने जिला योजना की बैठक के दौरान नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को जलभराव रोकने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। नगर आयुक्त ने भी उन्हें नाला सफाई की कहानी सुनाई थी। मगर सोमवार रात हुई बारिश ने नाला सफाई की पोल खोल दी। साथ ही, पूरे साल संजयनगर, रेजीडेंसी गार्डन में जलभराव रोकने को किए गए इंतजामों की कलई भी उतर गई। नगर निगम कालोनी समेत तमाम इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं।
पिछले साल संजयनगर और उसके आसपास रेजीडेंसी, सिटी हार्ट, नीलकंठ आदि कालोनियों में भीषण जलभराव हुआ था। तमाम लोग घर छोड़कर होटल में रहने को मजबूर हो गए थे। इसके चलते लोगों का वहां आवागमन मुश्किल हुआ तो विरोध प्रदर्शन और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद नगर निगम ने पूरे साल वहां जलभराव रोकने के लिए काम करने का दावा किया। कभी संपवेल की सफाई हुई तो कभी नए संपवेल का प्रोजेक्ट बना। फिर नाले की चौड़ाई बनाने के लिए करीब ढाई करोड़ की लागत से नये नाले का निर्माण भी शुरू करा दिया। मगर अब तक नाले का निर्माण पूरा नहीं हुआ और सोमवार रात हुई बारिश में सारे दावों की हवा निकल गई। संजयनगर में संपवेल रोड समेत मुख्य मार्ग और गलियों में जलभराव हो गया।

रेजीडेंसी गार्डन में लगाया पंप
स्टेडियम रोड पर रेजीडेंसी गार्डन और सिटी हार्ट कालोनी में फिर घुटनों तक पानी भर गया है। रेजीडेंसी गार्डन में भी कालोनी वालों ने संजयनगर की ओर दीवार बनवाई थी लेकिन सारे इंतजाम धराशायी हो गए। इसके चलते मंगलवार को यहां पानी निकालने के लिए पंप लगाना पड़ा।

हाईवे पर भी जलभराव
सिटी स्टेशन के सामने हाईवे पर भी घुटनों तक जलभराव हो गया। किला पुल की सर्विस लेन पर भी काफी पानी भरा था। यहां गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही थी और जाम के हालात बन रहे थे।

नगर आयुक्त आवास और एसएसपी ऑफिस में भी जलभराव
बारिश के चलते मंगलवार को नगर आयुक्त के आवास और सामने वाली सड़क पर काफी पानी भर गया। एसएसपी और डीआईओएस के कार्यालय में भी जलभराव हुआ।

रात तीन बजे घरों में घुसा पानी, कुत्ते भौंके तो पता चला
बरेली। डेलापीर तालाब से उदयपुर खास स्थित नगर निगम कालोनी में तीन-चार फुट तक पानी भर गया है। तालाब का पानी जलकुंभी समेत सड़क पर भर गया है। घरों में जलभराव होने से बच्चे कैद होकर रह गए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे पानी होकर जाते नजर आए।
यहां के निवासी कौशल दत्त मिश्रा ने बताया कि रात करीब तीन बजे कुत्ता भौंकने लगा। उठकर देखा तो कमरे में घुटनों तक पानी भर चुका था। इसके बाद सामान समेटने में लग गए। बीमार मां बिट्टो देवी दवाई लेने भी नहीं जा पा रही हैं। बच्चे घरों में कैद हो गए हैं। पास ही आकाश सक्सेना समेत तमाम लोगों के यहां भी ऐसा ही हाल है।


पॉश इलाके भी जलमग्न, मढ़ीनाथ मंदिर परिसर में पानी
मंगलवार को डीडीपुरम, एकतानगर, पटेल विहार, मॉडल टाउन में भी जलभराव हुआ। इसके अलावा गांधीपुरम वार्ड में रामलीला गौटिया में घरों में पानी घुस गया। इस वार्ड की बाला जी विहार कालोनी, सेंवई वाली गली, सिद्धार्थनगर फेस दो, पहाड़ी कालोनी आदि में भी जलभराव हुआ। सुभाषनगर पुलिया, मढ़ीनाथ, नेकपुर के कुछ मोहल्लों में भी यही स्थिति रही। पुराना शहर में हजियापुर, कांकरटोला, खैराती बाग कब्रिस्तान वाली गली समेत कई इलाकों में पानी भरा। इसके अलावा मढ़ीनाथ मंदिर के प्रांगण और मुख्य मार्ग पर भी जलभराव हो गया।
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