{"_id":"5ef4f7c18ebc3e433c6133a7","slug":"watch-and-sharpen-on-kashmiri-students-come-to-study-in-madrasas-or-prepare-the-land-of-jihad-bareilly-news-bly4104723197","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीरी छात्रों पर नजर और पैनी.. मदरसों में पढ़ने आए या जेहाद की जमीन तैयार करने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीरी छात्रों पर नजर और पैनी.. मदरसों में पढ़ने आए या जेहाद की जमीन तैयार करने
विज्ञापन
इनामुल हक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सोशल साइट्स पर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि के बाद एटीएस ने शुरू की छानबीन
विज्ञापन
मदरसों और तकनीकी संस्थानों के कश्मीरी छात्रों का तैयार किया जा रहा है ब्योरा
बरेली। कटघर इलाके से गिरफ्तार इनामुल हक और उसके दोस्त एटीएस जम्मू-कश्मीर के सलमान वानी के सोशल मीडिया पर चल रहे अलग-अलग एकाउंट की छानबीन के दौरान एटीएस ने पता लगाया है कि एक मुहिम कश्मीरी छात्रों को मदरसों और तकनीकी संस्थानों में दाखिला दिलाने की भी चल रही थी। इनमें कई कश्मीरियों की गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं जिसके बाद माना जा रहा है कि वे पश्चिमी यूपी के जिलों में पढ़ाई के साथ जेहाद की जमीन तैयार करने का दोहरा उद्देश्य पूरा कर रहे थे। इसके बाद कश्मीरी छात्रों का ब्योरा जुटाने के साथ एटीएस ने उनकी गतिविधियों के बारे में भी पड़ताल शुरू कर दी है।
सलमान वानी ने बागपत के एक इंस्टीट्यूट में खुद दाखिला लेने के बाद कश्मीर के कई और छात्रों का भी दाखिला कराया था। एटीएस को इनपुट मिला है कि दाखिला लेने का मकसद पढ़ाई कम, हॉस्टल में रहकर अपने कश्मीर के आकाओं के हुक्म के मुताबिक मुस्लिम युवाओं को जेहाद के लिए प्रेरित करना ज्यादा था। एटीएस अब पूरे प्रदेश में कश्मीरी छात्रों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। ऐसे कश्मीरी युवाओं पर ज्यादा पैनी नजर है जो सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में सरकार और मीडिया पर सवाल उठाकर मुस्लिम युवाओं को भड़काने में जुटे हुए हैं। ऐसे कश्मीरी युवा भी इनमें शामिल हैं जिनका जल्दी-जल्दी कश्मीर से आना-जाना रहा है। एटीएस सूत्रों का कहना है कि अगर छानबीन में यह पुष्टि हुई कि ये छात्र पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि और किसी मकसद से यहां आए थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा। शहर में दूसरे कामों से आए कश्मीरियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है।
विज्ञापन
बरेली में भी निगाह में आए कई कश्मीरी
एटीएस ने अपनी छानबीन के दौरान बरेली में भी कई कश्मीरी छात्रों को चिन्हित किया है। इनमें एक आसिफ नाम का छात्र है जो यहां एक मेडिकल कॉलेज से रेडियो डायग्नोसिस का कोर्स कर रहा है। उसने अप्रैल में यहां दाखिला लिया था। बताया गया है कि कुछ समय पहले ही वह अपने घर चला गया था। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के पुंछ और कुलगाम के दो छात्र भी शहर की एक दरगाह के मदरसे में तालीम ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एटीएस ने तलाशा इनामुल का तीसरा फेसबुक एकाउंट
एटीएस को इनामुल का तीसरा फेसबुक एकाउंट तलाश करने में भी कामयाबी मिली है। हालांकि इस एकाउंट में सिर्फ 16 लोग जुड़े हैं जिनमें अधिकतर बरेली के हैं। इनामुल के इस एकाउंट की भी पड़ताल की जा रही है।
पढ़ाई के लिए बागपत कश्मीरियों की पसंद
एटीएस सूत्रों के मुताबिक बागपत के इंस्टीट्यूट में कई कश्मीरी युवक दाखिला ले चुके हैं। जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार सलमान वानी ने बागपत के जिस इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया था, उसमें उससे पहले भी कई कश्मीरी दाखिला ले चुके हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के रामबन के जहांगीर अहमद को भी एटीएस ने संदिग्ध के तौर पर चिन्हित किया है। रामबन का ही एक वॉलीबाल खिलाड़ी भी इसी इंस्टीट्यूट में है जबकि अरशद नरमा नाम का कश्मीरी पढ़ाई पूरी कर कश्मीर लौट चुका है। बागपत और उसका यह इंस्टीट्यूट भी एजेंसियों के रडार पर है।
विज्ञापन
मदरसों और तकनीकी संस्थानों के कश्मीरी छात्रों का तैयार किया जा रहा है ब्योरा बरेली। कटघर इलाके से गिरफ्तार इनामुल हक और उसके दोस्त एटीएस जम्मू-कश्मीर के सलमान वानी के सोशल मीडिया पर चल रहे अलग-अलग एकाउंट की छानबीन के दौरान एटीएस ने पता लगाया है कि एक मुहिम कश्मीरी छात्रों को मदरसों और तकनीकी संस्थानों में दाखिला दिलाने की भी चल रही थी। इनमें कई कश्मीरियों की गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं जिसके बाद माना जा रहा है कि वे पश्चिमी यूपी के जिलों में पढ़ाई के साथ जेहाद की जमीन तैयार करने का दोहरा उद्देश्य पूरा कर रहे थे। इसके बाद कश्मीरी छात्रों का ब्योरा जुटाने के साथ एटीएस ने उनकी गतिविधियों के बारे में भी पड़ताल शुरू कर दी है।
सलमान वानी ने बागपत के एक इंस्टीट्यूट में खुद दाखिला लेने के बाद कश्मीर के कई और छात्रों का भी दाखिला कराया था। एटीएस को इनपुट मिला है कि दाखिला लेने का मकसद पढ़ाई कम, हॉस्टल में रहकर अपने कश्मीर के आकाओं के हुक्म के मुताबिक मुस्लिम युवाओं को जेहाद के लिए प्रेरित करना ज्यादा था। एटीएस अब पूरे प्रदेश में कश्मीरी छात्रों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। ऐसे कश्मीरी युवाओं पर ज्यादा पैनी नजर है जो सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में सरकार और मीडिया पर सवाल उठाकर मुस्लिम युवाओं को भड़काने में जुटे हुए हैं। ऐसे कश्मीरी युवा भी इनमें शामिल हैं जिनका जल्दी-जल्दी कश्मीर से आना-जाना रहा है। एटीएस सूत्रों का कहना है कि अगर छानबीन में यह पुष्टि हुई कि ये छात्र पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि और किसी मकसद से यहां आए थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा। शहर में दूसरे कामों से आए कश्मीरियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है।
विज्ञापन
बरेली में भी निगाह में आए कई कश्मीरी
एटीएस ने अपनी छानबीन के दौरान बरेली में भी कई कश्मीरी छात्रों को चिन्हित किया है। इनमें एक आसिफ नाम का छात्र है जो यहां एक मेडिकल कॉलेज से रेडियो डायग्नोसिस का कोर्स कर रहा है। उसने अप्रैल में यहां दाखिला लिया था। बताया गया है कि कुछ समय पहले ही वह अपने घर चला गया था। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के पुंछ और कुलगाम के दो छात्र भी शहर की एक दरगाह के मदरसे में तालीम ले रहे हैं।
विज्ञापन