{"_id":"6726beb95fcaa5c8610b6014","slug":"waste-water-is-increasing-the-amount-of-heavy-metals-in-vegetables-bareilly-news-c-4-bly1015-513562-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: अपशिष्ट जल बढ़ा रहा सब्जियों में भारी धातुओं की मात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: अपशिष्ट जल बढ़ा रहा सब्जियों में भारी धातुओं की मात्रा
विज्ञापन
बरेली। औद्योगिक क्षेत्र के अपशिष्ट जल से सिंचाई की वजह से सब्जियों में भारी धातुओं की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह निष्कर्ष बरेली कॉलेज के वनस्पति विज्ञान की छात्रा रश्मि सिंह के शोध अध्ययन में सामने आया है।
विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक खरे के निर्देशन में रश्मि ने चयनित सब्जियों व बीजों में भारी धातु संदूषण और एंटीऑक्सीडेंट्स गुण विषय पर शोध पूरा किया है। इसका उद्देश्य मिट्टी व सब्जी भारी धातुओं के जमाव और मानव स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम का आकलन करना रहा। रश्मि के अनुसार उन्होंने वाराणसी के छह स्थानों से नमूने एकत्रित किए।
यहां पालक, लौकी, पुदीना, तोरई, टमाटर, भिंडी, करेला और बैंगन आदि की खेती होती है। नमूनों में अपशिष्ट जल, मिट्टी और सब्जियों में भारी धातुओं के संदूषण की जांच की गई। अपशिष्ट जल से सींचे गए स्थानों की सब्जियों में नियंत्रण स्थल की तुलना में भारी धातुओं (क्रोमियम, निकेल, कॉपर, जिंक व लेड) की उच्च सांद्रता प्रदर्शित हुई।
विज्ञापन
यह मात्रा सब्जियों की पोषक गुणवत्ता को कम कर सकती है। मानव स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। सुझाव के तौर पर इंडस्ट्री सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने और सिंचाई के लिए दूषित जल का इस्तेमाल न करने के लिए कहा है। इस शोध के परिणाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। संवाद
विज्ञापन
विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक खरे के निर्देशन में रश्मि ने चयनित सब्जियों व बीजों में भारी धातु संदूषण और एंटीऑक्सीडेंट्स गुण विषय पर शोध पूरा किया है। इसका उद्देश्य मिट्टी व सब्जी भारी धातुओं के जमाव और मानव स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम का आकलन करना रहा। रश्मि के अनुसार उन्होंने वाराणसी के छह स्थानों से नमूने एकत्रित किए।
विज्ञापन
यहां पालक, लौकी, पुदीना, तोरई, टमाटर, भिंडी, करेला और बैंगन आदि की खेती होती है। नमूनों में अपशिष्ट जल, मिट्टी और सब्जियों में भारी धातुओं के संदूषण की जांच की गई। अपशिष्ट जल से सींचे गए स्थानों की सब्जियों में नियंत्रण स्थल की तुलना में भारी धातुओं (क्रोमियम, निकेल, कॉपर, जिंक व लेड) की उच्च सांद्रता प्रदर्शित हुई।
विज्ञापन
यह मात्रा सब्जियों की पोषक गुणवत्ता को कम कर सकती है। मानव स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। सुझाव के तौर पर इंडस्ट्री सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने और सिंचाई के लिए दूषित जल का इस्तेमाल न करने के लिए कहा है। इस शोध के परिणाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। संवाद