मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह: भोजन को लेकर मारामारी, खूब हुई बर्बादी, उपहार वितरण में बिगड़ी व्यवस्था
सामूहिक विवाह समारोह के कार्यक्रम स्थल पर भोजन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भोजन को लेकर मारामारी के दौरान रसोई पर पुलिस लगानी पड़ी।
विस्तार
बरेली में समाज कल्याण विभाग की ओर से सोमवार को सहारा मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 1631 जोड़े एक-दूजे के हो गए। गायत्री परिवार के विद्वानों ने हिंदू जोड़ों को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ फेरे दिलाए। वहीं दूसरी ओर मौलवियों ने 170 मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़ाया। शाम पांच बजे के बाद भी कार्यक्रम चलता रहा। समारोह में अव्यवस्था के कारण भोजन के लिए मारामारी रही।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के तहत 1781 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 150 जोड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। सोमवार को 1601 हिंदू और 180 मुस्लिम जोड़ों का विवाह होना था। इनमें 140 हिंदू और 150 मुस्लिम जोड़ों का कार्यक्रम में न पहुंचने के कारण विवाह नहीं हो सका। इस मौके पर मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, डीएम शिवाकांत द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, सीडीओ जगप्रवेश, एमएलसी महाराज सिंह, विधायक श्याम बिहारी लाल, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, पवन शर्मा, वीरपाल सिंह, डॉ. केएम अरोरा समेत सभी बीडीओ और जिला स्तरीय अधिकारी रहे।
भोजन की व्यवस्था चरमराई
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन की तैयारियां दो दिन पहले शुरू कर दी गई थीं। अनुमान था कि 1781 जोड़ों के सामूहिक विवाह में इससे पांच गुना ज्यादा लोग पहुंचेंगे। ऐसे में शहर से बाहर आयोजन के लिए सहारा ग्राउंड चुना गया। इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल पर भोजन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भोजन को लेकर मारामारी के दौरान रसोई पर पुलिस लगानी पड़ी।पूरे कार्यक्रम स्थल में यहां-वहां भोजन बिखरा पड़ा दिखा। ठीक व्यवस्था न होने के कारण भोजन के स्टाल और रसोई में जो जिसके हाथ लग रहा था वह उसे ही समेट कर चलता बनता रहा। व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण भोजन की इस तरह बर्बादी हुई कि पूरे ग्राउंड में पांडालों के आस-पास पूड़ियां और सब्जी बिखरी नजर आईं।
भोजन की हुई बर्बादी
भोजन के ऊपर से ही तमाम लोग गुजरते रहे। स्टॉलों पर भोजन खत्म हुआ तो लोग सीधे रसोई का रुख करने लगे। वहां भी भीड़ जुटी तो व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस लगानी पड़ी। व्यवस्थाएं बिगड़ने पर दूर-दराज से आए लोग अपनी खीज निकालते हुए नजर आए। व्यवस्थाएं बेपटरी होने के कारण काफी संख्या में लोगों को भोजन नहीं मिल सका। दूसरी ओर भोजन की जमकर बर्बादी भी हुई।विवाह के बाद उपहार वितरण में बिगड़ी व्यवस्था
सामूहिक विवाह संपन्न होने के बाद जोड़ों को प्रमाण पत्र के साथ उपहार बितरण के समय व्यवस्थाएं बिगड़ गईं। उपहार और प्रमाण पत्र वितरण के लिए ब्लॉक स्तर से कैंप लगाए गए थे। सामूहिक विवाह योजना में सरकार की ओर से एक जोड़े के विवाह पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इनमें 35 हजार रुपये कन्या के बैंक में भेजे जाते हैं। बाकी धन राशि वर-वधु को सामान देने समेत विवाह आयोजन पर खर्च की जाती है। प्रमाण पत्र और उपहार वितरण की व्यवस्था भी खराब रही।रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
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