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चेतावनी: जो अस्पताल डाटा नहीं देंगे उन्हें नहीं मिलेगी कोरोना वैक्सीन

Sat, 05 Dec 2020 02:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 05 Dec 2020 02:13 AM IST
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Warning: hospitals that do not provide data will not receive the Corona vaccine
demo photo - फोटो : demo photo

कोरोना वैक्सीनेशन के लिए हेल्थ केयर वर्कर का डाटाबेस हो रहा तैयार
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फरवरी तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद, वितरण के लिए टास्क फोर्स गठित

बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोरोना वैक्सीन के कुछ हफ्तों में ही मिलने की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल शुरू हो गई है। शुक्रवार की शाम डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ ही, आईएमए, नीमा, एसआरटीएल, एनपीएसपी, डीएमसी, यूनिसेफ, यूएनडीपी, एड्रा समेत निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक कर वैक्सीन वितरण के लिए रणनीति बनाई। डीएम नितीश कुमार ने सभी निजी अस्पताल संचालकों को जल्द स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा मुहैया कराने के निर्देश के दिए हैं। चेतावनी दी है कि यदि डाटा न दिया तो वैक्सीन नहीं दी जाएगी।
शुक्रवार को डीएम नितीश कुमार की अध्यक्षता में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए हेल्थ केयर वर्कर के डाटाबेस तैयार और पूरा करने के लिए टास्क फोर्स समिति की बैठक हुई। कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी, जिला होम्योपैथी अधिकारी, आईएमए सचिव डॉ. अतुल श्रीवास्तव, नीमा के अध्यक्ष डॉ. राजीव सक्सेना समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे। बैठक में कोरोना वैक्सीन के जनवरी या फरवरी के आखिरी तक आने की उम्मीद जताई गई। इसके दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं अभी से पूरी करने पर चर्चा की गई और वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक राजकीय चिकित्सालयों के हेल्थ वर्कर का सौ फीसदी डाटाबेस तैयार हो गया है, जबकि निजी अस्पतालों में सिर्फ 73 फीसदी ने ही डाटा मुहैया कराया है। सभी अस्पतालों को सौ फीसदी डाटा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। चेताया कि अगर कर्मियों का डाटा उपलब्ध नहीं होगा तो उनका कोविड वैक्सीनेशन नहीं हो सकेगा। आईएमए सचिव ने डीएम और सीएमओ को जल्द ही निर्देश को पूरा कराने का भरोसा दिलाया।
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वैक्सीनेशन पर चिकित्सकों की राय 80 फीसदी कारगर रहेगी वैक्सीन

आईएमए के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. विनोद पागरानी का कहना है कि कोरोना वैक्सीन के संक्रमण रोकने में 80 फीसदी कारगर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसका अर्थ है कि जिसे वैक्सीन लगेगी उसके संक्रमित होने की आशंका 80 फीसदी कम हो जाएगी। साथ ही, अगर संक्रमित भी हुए तो संक्रमण महज 20 फीसदी ही प्रभावी रहेगा। संभव है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता के चलते वह निष्क्रिय ही रहे। उन्होंने सरकार केे जल्द वैक्सीन मुहैया कराने के वादे की सराहना की है। बताया कि वैक्सीन को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं और सवाल हैं, जिनके जवाब वैक्सीन आने पर ही दिए जा सकेंगे।
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कुछ कहना अभी जल्दबाजी रहेगी

संक्रामक रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल के मुताबिक वैक्सीन के प्रभाव को लेकर साफ तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। चिकित्सकों में वैक्सीन को लेकर मतभेद हैं। इन पर एक राय होना मुश्किल है। सरकार ने एक सार्थक प्रयास किया है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए। अस्पतालों की ओर से हेल्थ वर्कर का डाटा मुहैया कराया जा रहा है। वैक्सीन का क्या असर संक्रमित और स्वस्थ व्यक्ति पर होगा, इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जो रिपोर्ट मिल रही है उसमें वैक्सीन के 70 से 80 फीसदी तक कारगर होने का दावा किया जा रहा है।
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