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Bareilly News: हेल्प डेस्क का इंतजार, विभागों के बीच भटकते रहे विद्यार्थी बरेली कॉलेज में विद्यार्थियों की समस्या अनझुलसी

Fri, 17 Apr 2026 11:55 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 17 Apr 2026 11:55 PM IST
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Waiting for the help desk, students wandered between departments.Students' problems at Bareilly College remain unaddressed.
बरेली। बरेली कॉलेज में शुक्रवार से विद्यार्थियों की परीक्षा फॉर्म व परीक्षा परिणाम संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्प डेस्क काउंटर नंबर 16 पर लगनी थी, लेकिन ये योजना कामयाब नहीं हो सकी। हालांकि वरिष्ठ कर्मचारी अपने कक्ष में बैठकर तो छात्रों को सलाह देते रहे, लेकिन इससे छात्र-छात्राओं की समस्या का हल नहीं निकल सका। बावजूद इसके विद्यार्थी परीक्षा कार्यालय से विभाग व विभाग से कार्यालय के चक्कर काटते रहे।
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परिणाम लंबित व पिछली जानकारी के फॉर्म भरवाकर छात्रों को स्वयं विभागों में जा-जाकर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जबकि एक दिन पहले ही प्राचार्य की ओर से छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था हुई थी। इस पर प्रवेश नियंत्रक प्रो. एके सिंह ने बताया कि हमारे वरिष्ठ कर्मचारी तक निर्देश नहीं पहुंचे थे, आज बैठक में कुछ निर्णय लिए गए, इसमें से हेल्प डेस्क के माध्यम से छात्रों की सहायता के लिए विभागों तक फॉर्म पहुंचाने का निर्णय भी हुआ।
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केस
बीए चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा नेहा अंसारी अपने विषय ठीक कराने पहुंची। कॉलेज व विश्वविद्यालय के चक्कर काटते हुए छात्रा को दो दिन बीत चुके हैं, छात्रा ने बताया कि उसे फील्ड सर्वे विषय के रूप में दिया मिला है जिसे उसे ठीक कराना है। विवि वाले बोल रहे हैं कॉलेज ठीक करेगा, जबकि कॉलेज से पता चल रहा है कि यहां से ठीक करने की अनुमति नहीं मिली है, ये बोलते हुए छात्रा भावुक हो गई।
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बीएससी गणित का छात्र विशाल मौर्य ने बताया कि परीक्षा फॉर्म में अनुसंधान और परियोजना की जगह फील्ड सर्वे जुड़ गया है। अब विषय बदलवाना है, इसलिए प्राचार्य के नाम एक प्रार्थना पत्र लेकर कार्यालय से विभाग तक के चक्कर काट रहा हूं। जब यहां से स्वीकृत होगा तब विश्वविद्यालय जाऊंगा।




बीए की छात्रा सानिया खान ने बताया कि उसका तृतीय सेमेस्टर के परिणाम में एक विषय के आंतरिक अंक नहीं चढ़ाए गए, इससे मेरी बैक आई है। जबकि मैं उस दिन कक्षा में उपस्थित थी और आंतरिक परीक्षा भी। मैं पढ़ाई के साथ नौकरी भी कर रही हूं, ऐसे में छुट्टियां नहीं मिलती, लेकिन ये बात कॉलेज या विश्वविद्यालय को समझ नहीं आएगी।
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