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Bareilly News: गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया का ग्रामीणों ने किया विरोध
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मीरगंज। तहसील क्षेत्र के गांव अंबरपुर में चकबंदी प्रक्रिया डेढ़ साल से चल रही है, जिसका ग्रामीण शुरू से ही विरोध कर रहे हैं।
मंगलवार दोपहर चकबंदी लेखपाल प्रेमपाल, कानूनगो प्रेमशंकर गांव अंबरपुर में पहुंचे। ग्रामीणों को चकबंदी कराने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा चकबंदी 1359 फसली से कराई जा रही है, जिससे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भूमिहीन हो जाएंगे। उस समय काफी लोगों को पट्टे पर जमीन दी गई है, जो असल काश्तकार बन जाने के बाद उस भूमि का कई बार क्रय-विक्रय कर चुके हैं।
1359 फसली से चकबंदी होने पर ग्रामीणों की सारी जमीन ग्राम समाज में चली जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि अगर प्रशासन वर्तमान खतौनी से चकबंदी करे तो सभी ग्रामीण तैयार हैं, लेकिन 1359 फसली से चकबंदी कराने को तैयार नहीं है। ग्राम प्रधान मुनीश कुमार, साकेत मोहन शर्मा, ओमकार शर्मा, शिव सहाय शर्मा, सुमित कुमार, आशा देवी, बसंतों देवी, सत्यपाल आदि सहित दर्जनों लोगों ने चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की हैं। इसके बाद चकबंदी लेखपाल प्रेमपाल और कानून गो प्रेमशंकर लौट आए। लेखपाल व कानूनगो ने बताया बे अधिकारियों के आदेश पर ग्रामीणों को समझाने गांव आए। अब उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। संवाद
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मंगलवार दोपहर चकबंदी लेखपाल प्रेमपाल, कानूनगो प्रेमशंकर गांव अंबरपुर में पहुंचे। ग्रामीणों को चकबंदी कराने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा चकबंदी 1359 फसली से कराई जा रही है, जिससे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भूमिहीन हो जाएंगे। उस समय काफी लोगों को पट्टे पर जमीन दी गई है, जो असल काश्तकार बन जाने के बाद उस भूमि का कई बार क्रय-विक्रय कर चुके हैं।
1359 फसली से चकबंदी होने पर ग्रामीणों की सारी जमीन ग्राम समाज में चली जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि अगर प्रशासन वर्तमान खतौनी से चकबंदी करे तो सभी ग्रामीण तैयार हैं, लेकिन 1359 फसली से चकबंदी कराने को तैयार नहीं है। ग्राम प्रधान मुनीश कुमार, साकेत मोहन शर्मा, ओमकार शर्मा, शिव सहाय शर्मा, सुमित कुमार, आशा देवी, बसंतों देवी, सत्यपाल आदि सहित दर्जनों लोगों ने चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की हैं। इसके बाद चकबंदी लेखपाल प्रेमपाल और कानून गो प्रेमशंकर लौट आए। लेखपाल व कानूनगो ने बताया बे अधिकारियों के आदेश पर ग्रामीणों को समझाने गांव आए। अब उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। संवाद
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