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Bareilly News: भमोरा में ग्रामीण की गोली मारकर हत्या, सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Sat, 18 Apr 2026 11:27 AM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 18 Apr 2026 11:27 AM IST
सार
बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में गांव भीकमपुर निवासी कल्लू उर्फ कल्याण की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात शनिवार सुबह हुई, जब कल्लू खेत पर गए थे। आरोप है कि वहां घात लगाए बैठे हमलावरों ने गोलियां बरसा दीं।
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पुलिस अधिकारी को जानकारी देते मृतक के परिजन
- फोटो : संवाद
विस्तार
बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में शौच के लिए घर से निकले गांव भीकमपुर निवासी कल्याण उर्फ कल्लू (48) की घात लगाए बैठे आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। आरोपी पक्ष के भी एक व्यक्ति ने अपने हाथ में गोली लगी दिखाकर पीड़ित पक्ष पर रिपोर्ट कराने की कोशिश की, लेकिन प्राथमिक जांच में ही पोल खुल गई। इधर, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
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धर्मपाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे उनके भाई कल्याण गांव के दक्षिण की ओर स्थित रामरईस के खेत पर शौच करने गए थे। गांव के फूल सिंह, सत्येंद्र, दीपक, सुनील, जोगेंद्र, नरवीर उर्फ बाबू और जीराज पहले से ही नदी किनारे झाड़ियों में घात लगाए बैठे थे। जैसे ही कल्लू शौच से निवृत्त हुए, हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली कल्याण के सीने से पार हो गई। इससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
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अफसरों ने किया घटनास्थल का मुआयना
फायरिंग की आवाज व चीख सुनकर वह भाई को बचाने पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी फायरिंग शुरू कर दी। जैसे-तैसे जान बचाकर वह गांव पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों को साथ लेकर दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे तो आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा, सीओ आंवला नितिन कुमार, फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। दूसरे पक्ष के घायल जोगेंद्र ने कल्याण पक्ष पर गोली मारने का आरोप लगाया। उसे हाथ में गोली लगी थी। उसे हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा गया। उससे भी पूछताछ की जा रही है।
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सीओ नितिन कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और उनके घर एक-दूसरे से सटे हुए हैं। एक जमीन की बिक्री को लेकर डेढ़ साल पहले इनमें मनमुटाव हुआ था। उसी में यह हत्या की गई है। आरोपी पक्ष के व्यक्ति पर केस बनाने के लिए खुद ही हाथ में गोली मारने का आरोप है। उसे हिरासत में लेकर इलाज कराया जा रहा है।
खुद को पीड़ित बताकर आरोपी तीन दिन से जा रहे थे थाने
भमोरा थाना क्षेत्र में हुई कल्याण की हत्या के आरोपी बेहद शातिर हैं। सालभर पहले उन्होंने कल्याण को जानलेवा हमले के मामले में गलत तरीके से जेल भिजवाया था। इस बार उसकी हत्या को दो पक्षों का संघर्ष दिखाने की साजिश रच रहे थे, हालांकि प्राथमिक जांच में सच्चाई सामने आ गई। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों से बात की तो पता लगा कि डेढ़ साल पहले एक जमीन बेचने व झगड़े के बाद दोनों पक्षों में तनाव था। पांच दिन पहले मारपीट की घटना बताकर आरोपी पक्ष के नरवीर आदि लोग थाने जा रहे थे।
इन्होंने कल्याण पक्ष पर पिटाई का आरोप लगाया। कहा कि ये लोग उन्हें गांव में नहीं जाने दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोप सही नहीं मिले। नरवीर शुक्रवार को फिर शिकायत लेकर पहुंचा तो पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। इससे पहले यह हत्या हो गई। हत्या के बाद नरवीर उर्फ बाबू शनिवार सुबह फिर थाने पहुंचा। उसने कल्याण पक्ष पर अपने भाई जोगेंद्र को गोली मारने का आरोप लगाया। संदेह होने पर पुलिस ने जांच की और नरवीर को हिरासत में ले लिया
तीन घंटे पड़ा रहा शव गिरफ्तारी पर अड़े परिजन
घटना के बाद कल्याण के परिजनों ने पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि घटना के बाद हल्का दरोगा को कॉल की तो पहले घंटी बजी, बाद में मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया गया। आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पुलिस एक घंटा लेट पहुंची। हालांकि, एक रिश्तेदार के समझाने पर तीन घंटे बाद पुलिस शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज सकी।
भमोरा थाना क्षेत्र में हुई कल्याण की हत्या के आरोपी बेहद शातिर हैं। सालभर पहले उन्होंने कल्याण को जानलेवा हमले के मामले में गलत तरीके से जेल भिजवाया था। इस बार उसकी हत्या को दो पक्षों का संघर्ष दिखाने की साजिश रच रहे थे, हालांकि प्राथमिक जांच में सच्चाई सामने आ गई। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों से बात की तो पता लगा कि डेढ़ साल पहले एक जमीन बेचने व झगड़े के बाद दोनों पक्षों में तनाव था। पांच दिन पहले मारपीट की घटना बताकर आरोपी पक्ष के नरवीर आदि लोग थाने जा रहे थे।
इन्होंने कल्याण पक्ष पर पिटाई का आरोप लगाया। कहा कि ये लोग उन्हें गांव में नहीं जाने दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोप सही नहीं मिले। नरवीर शुक्रवार को फिर शिकायत लेकर पहुंचा तो पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। इससे पहले यह हत्या हो गई। हत्या के बाद नरवीर उर्फ बाबू शनिवार सुबह फिर थाने पहुंचा। उसने कल्याण पक्ष पर अपने भाई जोगेंद्र को गोली मारने का आरोप लगाया। संदेह होने पर पुलिस ने जांच की और नरवीर को हिरासत में ले लिया
तीन घंटे पड़ा रहा शव गिरफ्तारी पर अड़े परिजन
घटना के बाद कल्याण के परिजनों ने पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि घटना के बाद हल्का दरोगा को कॉल की तो पहले घंटी बजी, बाद में मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया गया। आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पुलिस एक घंटा लेट पहुंची। हालांकि, एक रिश्तेदार के समझाने पर तीन घंटे बाद पुलिस शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज सकी।