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टीकाकरण अभियानः 50527 लोग अब तक 18 से 44 आयुवर्ग के प्रतिरक्षित
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
143767 स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 पार वालों को लगा टीका
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स्लॉट बुकिंग के नियम तोड़े तो तीन महीने न लगे वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए शासन को भेजी सिफारिश
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में तैयार किया गया डाटा
बरेली। वैक्सीनेशन के लिए एक तरफ जहां लोगों को स्लॉट नहीं मिल रहा है तो दूसरी तरफ कई लोग बुकिंग कराने के बाद भी टीका लगवाने नहीं आ रहे हैं या दो-दो स्लॉट बुक करा रहे हैं। इस गड़बड़ी से वैक्सीन बर्बाद होने के मद्देनजर अफसरों ने पोर्टल पर ऐसे लोगों को ट्रेस करने का विकल्प बढ़ाने और उनका पंजीकरण निरस्त कर तीन महीने के लिए उन्हें वैक्सीनेशन अभियान से बाहर करने की संस्तुति शासन को भेजी है।
कोविड संक्रमण रोकने के लिए जनवरी में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ तो शुरुआत में तो कई तरह के भ्रम की वजह से लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचे। अब दूसरी लहर में टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ उमड़ने के साथ वैक्सीन की बरबादी भी बढ़ी है। स्लॉट बुकिंग के बावजूद करीब दस फीसदी वैक्सीन बरबाद हो रही है। इसकी वजह जानने के बाद अफसरों ने शासन को दो-दो स्लॉट बुक कराने वालों या तय समय पर वैक्सीनेशन के लिए न पहुंचने वालों पर तीन महीने के लिए पाबंदी लगाने की सिफारिश शासन को भेजी है।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह के मुताबिक वैक्सीन की बरबादी रोकने के लिए उन्होंने टीकाकरण केंद्रों पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को फोन कर लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए बुलाने के निर्देश दिए थे। इस प्रक्रिया में पता चला कि कई लोग कॉल करने पर भी टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। करीब पांच फीसदी लोगों ने दो केंद्रों पर स्लॉट बुक कर लिया था। कई लोगों ने बीमारी और दूरी की बात कहकर टीका लगवाने से इनकार कर दिया। कुछ लोगों के अलग-अलग मोबाइल नंबर से अलग-अलग बुकिंग करने की जानकारी मिली।
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जरूरतमंदों को नहीं लग पा रही वैक्सीन
अफसरों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियों से जरूरतमंदों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। दरअसल अब वैक्सीनेशन के लिए कोविन या आरोग्य सेतु एप पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक केंद्र पर हर दिन 120 लोगों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य है। दो स्लॉट बुक करने वाले एक स्लॉट बेकार कर देते हैं। इससे जरूरतमंद प्रतिरक्षित नहीं हो पाते।
सरकारी कर्मचारी भी कर रहे गड़बड़ी
गड़बड़ी करने वाले सरकारी कर्मचारी भी हैं। पिछले दिनों आईवीआरआई के तमाम कर्मचारियों ने पास ही के केंद्र पर स्लॉट बुक कराया था। टीका लगवाने को फोन करने पर पता चला कि उन्होंने दो केंद्र पर पंजीकरण कर लिया था। सेना, पुलिस, शिक्षक, बिजली विभाग और विकास भवन के भी कर्मी भी ऐसा कर चुके हैं।
सवाल : संक्रमण फैला तो
अफसरों की सिफारिश पर सवाल भी उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि किसी को टीके के लिए प्रतिबंधित तो किया जा सकता है लेकिन अगर उसने संक्रमित होकर दूसरे लोगों को संक्रमित किया तो क्या करेंगे।
बरबादी की और भी हैं वजहें
कोविशील्ड या कोवैक्सीन
दो स्लॉट इसलिए भी बुक कराए जा रहे हैं क्योंकि लोग अपनी पसंद से कोविशील्ड या कोवैक्सीन की डोज लेना चाहते हैं। अगर किसी केंद्र पर पसंद की वैक्सीन नहीं हैं तो टीका लगवाने नहीं पहुंचते।
अचानक बदले नियम
पिछले दिनों जिला अस्पताल के केंद्र पर कई लोगों ने कोविशील्ड की पहली डोज के 28 से 30 दिन बाद दूसरी डोज के लिए स्लॉट बुक करा लिया जबकि नए नियम के तहत तीन माह बाद दूसरी डोज लगनी थी।
स्लॉट बुकिंग कराने के बाद भी टीका न लगवाने, एक नंबर से दो केंद्रों पर स्लॉट बुक करने और दो अलग-अलग नंबरों से स्लॉट बुक करने के कई मामले मिले हैं। इससे वैक्सीन की बरबादी हो रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की जाएगी। - डॉ. आरएन सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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स्लॉट बुकिंग के नियम तोड़े तो तीन महीने न लगे वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए शासन को भेजी सिफारिश
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में तैयार किया गया डाटा बरेली। वैक्सीनेशन के लिए एक तरफ जहां लोगों को स्लॉट नहीं मिल रहा है तो दूसरी तरफ कई लोग बुकिंग कराने के बाद भी टीका लगवाने नहीं आ रहे हैं या दो-दो स्लॉट बुक करा रहे हैं। इस गड़बड़ी से वैक्सीन बर्बाद होने के मद्देनजर अफसरों ने पोर्टल पर ऐसे लोगों को ट्रेस करने का विकल्प बढ़ाने और उनका पंजीकरण निरस्त कर तीन महीने के लिए उन्हें वैक्सीनेशन अभियान से बाहर करने की संस्तुति शासन को भेजी है।
कोविड संक्रमण रोकने के लिए जनवरी में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ तो शुरुआत में तो कई तरह के भ्रम की वजह से लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचे। अब दूसरी लहर में टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ उमड़ने के साथ वैक्सीन की बरबादी भी बढ़ी है। स्लॉट बुकिंग के बावजूद करीब दस फीसदी वैक्सीन बरबाद हो रही है। इसकी वजह जानने के बाद अफसरों ने शासन को दो-दो स्लॉट बुक कराने वालों या तय समय पर वैक्सीनेशन के लिए न पहुंचने वालों पर तीन महीने के लिए पाबंदी लगाने की सिफारिश शासन को भेजी है।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह के मुताबिक वैक्सीन की बरबादी रोकने के लिए उन्होंने टीकाकरण केंद्रों पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को फोन कर लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए बुलाने के निर्देश दिए थे। इस प्रक्रिया में पता चला कि कई लोग कॉल करने पर भी टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। करीब पांच फीसदी लोगों ने दो केंद्रों पर स्लॉट बुक कर लिया था। कई लोगों ने बीमारी और दूरी की बात कहकर टीका लगवाने से इनकार कर दिया। कुछ लोगों के अलग-अलग मोबाइल नंबर से अलग-अलग बुकिंग करने की जानकारी मिली।
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जरूरतमंदों को नहीं लग पा रही वैक्सीन
अफसरों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियों से जरूरतमंदों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। दरअसल अब वैक्सीनेशन के लिए कोविन या आरोग्य सेतु एप पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक केंद्र पर हर दिन 120 लोगों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य है। दो स्लॉट बुक करने वाले एक स्लॉट बेकार कर देते हैं। इससे जरूरतमंद प्रतिरक्षित नहीं हो पाते।सरकारी कर्मचारी भी कर रहे गड़बड़ी
गड़बड़ी करने वाले सरकारी कर्मचारी भी हैं। पिछले दिनों आईवीआरआई के तमाम कर्मचारियों ने पास ही के केंद्र पर स्लॉट बुक कराया था। टीका लगवाने को फोन करने पर पता चला कि उन्होंने दो केंद्र पर पंजीकरण कर लिया था। सेना, पुलिस, शिक्षक, बिजली विभाग और विकास भवन के भी कर्मी भी ऐसा कर चुके हैं।सवाल : संक्रमण फैला तो
अफसरों की सिफारिश पर सवाल भी उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि किसी को टीके के लिए प्रतिबंधित तो किया जा सकता है लेकिन अगर उसने संक्रमित होकर दूसरे लोगों को संक्रमित किया तो क्या करेंगे।
बरबादी की और भी हैं वजहें
कोविशील्ड या कोवैक्सीन
दो स्लॉट इसलिए भी बुक कराए जा रहे हैं क्योंकि लोग अपनी पसंद से कोविशील्ड या कोवैक्सीन की डोज लेना चाहते हैं। अगर किसी केंद्र पर पसंद की वैक्सीन नहीं हैं तो टीका लगवाने नहीं पहुंचते।
अचानक बदले नियम
पिछले दिनों जिला अस्पताल के केंद्र पर कई लोगों ने कोविशील्ड की पहली डोज के 28 से 30 दिन बाद दूसरी डोज के लिए स्लॉट बुक करा लिया जबकि नए नियम के तहत तीन माह बाद दूसरी डोज लगनी थी।
स्लॉट बुकिंग कराने के बाद भी टीका न लगवाने, एक नंबर से दो केंद्रों पर स्लॉट बुक करने और दो अलग-अलग नंबरों से स्लॉट बुक करने के कई मामले मिले हैं। इससे वैक्सीन की बरबादी हो रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की जाएगी। - डॉ. आरएन सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी