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Bareilly News: जीआईसी में पढ़ते थे, चाचा की बेटी की शादी में आए थे गांव
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हृदयाघात से निधन के बाद गांव में शोक, परिजन बरेली के लिए हुए रवाना
शाहजहांपुर। बरेली के फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी की अचानक मृत्यु से उनके पैतृक गांव ददरौल विकासखंड के सिमराखेड़ा में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन बरेली के लिए रवाना हो गए। वह राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। पिछले वर्ष वह चाचा विनोद उर्फ पहाड़ी की बेटी की शादी में शामिल होने गांव आए थे।
प्रोफेसर श्याम बिहारी के पिता राधेश्याम जलालाबाद के गुरगांव स्थित जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थे। चचेरे भाई हरि नरेश ने बताया कि गांव में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद श्याम बिहारी ने शाहजहांपुर के राजकीय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल किया। बरेली में रहते हुए छोटे भाई श्रीपाल को पढ़ाया।
वर्ष 1995 में पिता के निधन के बाद पूरा परिवार बरेली शिफ्ट हो गया। उसके बाद उनका आना-जाना कम हो गया, लेकिन गांव से काफी स्नेह था। विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्र राजनीति करने के साथ ही वह आरएसएस से भी जुड़े रहे। श्याम बिहारी का गांव में भरा-पूरा कुनबा है। उनके परिवार में करीब डेढ़ सौ लोग हैं। उनके निधन पर भाजपा विधायक अरविंद सिंह, जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा ने शोक जताया है।
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इतिहास से थे डबल एमए, 15 नौकरियां छोड़ीं
चचेरे भाई ने बताया कि श्याम बिहारी काफी होनहार थे। वह इतिहास से डबल एमए थे। वह बीसलपुर के कॉलेज में तैनात रहे। डाकघर में भी नौकरी की। उन्होंने करीब 15 नौकरियां छोड़ीं थीं। संवाद
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शाहजहांपुर। बरेली के फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी की अचानक मृत्यु से उनके पैतृक गांव ददरौल विकासखंड के सिमराखेड़ा में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन बरेली के लिए रवाना हो गए। वह राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। पिछले वर्ष वह चाचा विनोद उर्फ पहाड़ी की बेटी की शादी में शामिल होने गांव आए थे।
प्रोफेसर श्याम बिहारी के पिता राधेश्याम जलालाबाद के गुरगांव स्थित जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थे। चचेरे भाई हरि नरेश ने बताया कि गांव में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद श्याम बिहारी ने शाहजहांपुर के राजकीय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल किया। बरेली में रहते हुए छोटे भाई श्रीपाल को पढ़ाया।
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वर्ष 1995 में पिता के निधन के बाद पूरा परिवार बरेली शिफ्ट हो गया। उसके बाद उनका आना-जाना कम हो गया, लेकिन गांव से काफी स्नेह था। विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्र राजनीति करने के साथ ही वह आरएसएस से भी जुड़े रहे। श्याम बिहारी का गांव में भरा-पूरा कुनबा है। उनके परिवार में करीब डेढ़ सौ लोग हैं। उनके निधन पर भाजपा विधायक अरविंद सिंह, जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा ने शोक जताया है।
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इतिहास से थे डबल एमए, 15 नौकरियां छोड़ीं
चचेरे भाई ने बताया कि श्याम बिहारी काफी होनहार थे। वह इतिहास से डबल एमए थे। वह बीसलपुर के कॉलेज में तैनात रहे। डाकघर में भी नौकरी की। उन्होंने करीब 15 नौकरियां छोड़ीं थीं। संवाद