{"_id":"61a3c031608455100c143df9","slug":"uproar-in-many-examination-centers-after-the-announcement-of-cancellation-of-tet-bareilly-news-bly467555385","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी रद्द होने के एलान के बाद कई परीक्षा केंद्रों पर हुआ हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी रद्द होने के एलान के बाद कई परीक्षा केंद्रों पर हुआ हंगामा
विज्ञापन
बरेली इंटर कॉलेज पर परीक्षार्थियों को समझाते सिटी मजिस्ट्रेट।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बरेली कॉलेज में कॉपियां वापस करने से किया इनकार, सीबीगंज इंटर कॉलेज में केंद्र प्रभारी से नोकझोंक
अफसरों ने समझाबुझाकर किया शांत, मायूस होकर घर लौटे
बरेली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रद्द होने की सूचना आने से दस मिनट पहले ही परीक्षा शुरू हुई थी। परीक्षा केंद्र के प्रभारियों ने जब अभ्यर्थियों को यह सूचना देते हुए अपनी कॉपी जमा करने को कहा तो वे सकते में आ गए। बरेली कॉलेज और सीबीगंज इंटर कॉलेज समेत कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। अफसरों ने उन्हें काफी देर समझाया। आखिरकार मायूस चेहरा लिए अभ्यर्थी लौट गए।
बरेली में टीईटी के लिए 95 केंद्र बनाए गए थे जिन पर 43 हजार 377 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। पहली पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 56 केंद्रों पर 25 हजार 747 अभ्यर्थी शामिल हुए। पेपर हाथ में आने के बाद उन्होंने परीक्षा देना शुरू ही किया था कि दस मिनट बाद ही पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दिए जाने की घोषणा कर दी गई। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को सवा दस बजे यह सूचना दे दी गई। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे अभ्यर्थियों से कॉपी लेकर जमा कर लें।
केंद्र प्रभारियों ने अभ्यर्थियों से कापी जमा करने को कहा तो कई केंद्रों पर हंगामा शुरू हो गया। तमाम अभ्यर्थियों ने कॉपी जमा करने से इनकार कर दिया। केंद्र प्रभारियों के काफी समझाने के बाद अभ्यर्थियों ने कापी जमा की। बरेली कॉलेज से करीब सवा 11 बजे अभ्यर्थियों को छोड़ा गया। यहां दूसरे केंद्रों से निकले अभ्यर्थी भी अपने दोस्तों और परिजन को लेने पहुंचे थे। इन अभ्यर्थियों ने यहां सेक्टर मजिस्ट्रेट शेर बहादुर सिंह के सामने हंगामा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों का कहना था कि जिस परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट हुआ है, वहीं परीक्षा रद्द की जाए। उन्हें परीक्षा देने दी जाए। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने उन्हें समझाया कि पूरे प्रदेश में परीक्षा रद्द हो गई है। अब परीक्षा देने का कोई लाभ नहीं मिलेगा। काफी देर समझाने के बाद अभ्यर्थी माने, इसके बाद गेट खोलकर अभ्यर्थियों को बाहर निकाला गया। सीबीगंज इंटर कॉलेज के बाहर भी अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। वहां भी उन्हें समझाबुझाकर भेजा गया। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 से शाम पांच बजे तक जूनियर स्तर के 39 केंद्रों पर होनी थी। इसमें 17 हजार 630 अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। परीक्षा रद्द होने के बाद दूसरी पाली की परीक्षा भी नहीं हुई।
इकट्ठे न हों अभ्यर्थी इसलिए परीक्षा केंद्रों से रुक-रुककर निकाला गया
पेपर लीक होने की सूचना के बाद प्रशासन के निर्देश पर सभी केंद्रों से एक साथ अभ्यर्थियों को नहीं निकलने दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों से बाहर निकाला गया ताकि वे एकजुट होकर हंगामा न कर सके और शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। इस्लामिया इंटर कॉलेज, बिशप मंडल कॉलेज समेत कुछ और केंद्रों से अभ्यर्थियों को साढ़े दस तक छोड़ दिया गया। बरेली कॉलेज से करीब सवा 11 बजे अभ्यर्थियों को छोड़ा गया।
ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग से चौपुला पर लगा जाम
शहर में चौपुला पुल को छोड़कर कहीं और जाम की स्थिति नहीं बनी। यहां भीड़भाड़ होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस चौराहे पर वाहन चेंकिंग में जुटी हुई थी, इसी वजह से ट्रैफिक रुका तो जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने में भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
पुलिस वालों और शिक्षकों से फोन मांगकर घरवालों को दी सूचना
परीक्षा केंद्रों पर कई अभ्यर्थियों को छोड़कर उनके परिजन यह सोचकर घर लौट गए थे कि साढ़े 12 बजे परीक्षा खत्म होने पर वे उन्हें लेने आ जाएंगे लेकिन सवा दस बजे ही परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। इन अभ्यर्थियों के आगे संकट खड़ा हो गया कि वे कैसे घर जाएं। कई के फोन भी नहीं था। परिजनों को सूचना देने के लिए वे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, शिक्षकों और राहगीरों को रोककर उनका फोन मांगते रहे ताकि परिजनों को परीक्षा रद्द होने की सूचना दे सकें।
असमंजस : दूसरी पाली में परीक्षा होगी या नहीं
पहली पाली की परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थी असमंजस में थे कि दूसरी पाली की परीक्षा होगी या नहीं। अभ्यर्थी केंद्र पर तैनात कर्मियों और अधिकारियों से इस बारे में लगातार पूछताछ करते रहे। परीक्षा केंद्र से निकलने के बाद करीब आधे घंटे बाद तक अभ्यर्थी लोगों से इस बारे में जानकारी लेते रहे, जब यह साफ हो गया कि परीक्षा नहीं होंगी तभी उन्होंने परीक्षा केंद्र छोड़ा।
लगा था कि इस बार मेहनत सफल मगर..
पेपर बहुत सरल था। ऐसा लगा कि हमारी मेहनत सफल हो जाएगी लेकिन जब परीक्षा रद्द होने की सूचना मिली तो यह बहुत खराब लगा। -शाकिर अली खान, फरीदपुर
तैयारी बहुत की थी, पेपर भी अच्छा आया। तेजी से प्रश्नों को हल कर रहे थे, तभी परीक्षा रद्द हो गई। सारी मेहनत और समय जाया हो गया। -सचिन सिंह, शास्त्री नगर
पेपर लीक करने वालों पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। सबके लिए पेपर रद्द होना ठीक नहीं रहा। -अंबा प्रसाद, मीरगंज
पेपर रद्द होने से अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो। पेपर रद्द होने से हमेशा ही मेधावियों का नुकसान होता है। - संतोष गंगवार, शास्त्रीनगर
मैं शाहजहांपुर से हूं। शनिवार सुबह पहले गाजियाबाद अंकपत्र प्रमाणित कराने गया। रात में लौटकर सुबह परीक्षा देने आया। दो रात से सोया नहीं हूं। - अमन शर्मा, शाहजहांपुर
कासगंज से चार साल की बेटी जोया को लेकर रात में पेपर देने बरेली आ गई थी। यहां पेपर दे रही थी तब सूचना मिली कि परीक्षा रद्द हो गई है। - रजनी सिंह, कासगंज
परीक्षा की तैयारी अच्छी थी। पेपर अच्छा आया था मगर अचानक परीक्षा रद्द हो गई। परीक्षा में ऐसा होता है तो अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है। - रश्मि शर्मा, बहेड़ी
परीक्षा रद्द होने से मेधावियों का नुकसान होता है। अब दोबारा उसी मनोयोग से तैयारी नहीं कर पाएंगे। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। - सृष्टि सिंह, राजेंद्रनगर
सरकार कह रही है मुफ्त घर जाओ यहां तो टिकट लेना पड़ रहा है
बरेली। टीईटी रद्द होने के बाद सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर मीम्स बनाकर गुस्सा जाहिर किया। कुछ अभ्यर्थियों ने बस के टिकट पोस्ट कर लिखा, सरकार कह रही है कि मुफ्त में घर जाओ लेकिन यहां टिकट लेना पड़ रहा है।
एक यूजर साजिद अली खान ने लिखा ये कब हुआ...। प्रियम ने लिखा कि सरकार कह रही है कि घर फ्री में जाओ और यहां परिवहन विभाग टिकट बना रहा है। सुनील यादव ने एक फिल्म का चित्र पोस्ट करते हुए लिखा- तुमसे न हो पाएगा। अनिल विश्वकर्मा ने लिखा, अब कुछ नहीं हो सकता क्या.. करें तो करें क्या अब लड़के, बोले तो बोले क्या...। आकांक्षा ने लिखा, परीक्षा से पहले की गई मेहनत को समझना जरूरी है और यह पेपर लीक करने वालों का क्या करें, कार्रवाई तो चलती रहेगी, गिरफ्तारी कब होगी। सत्या त्रिपाठी ने मीम्स बनाकर लिखा, भाई यह तो शुरू होते ही खत्म हो गया।
विज्ञापन
अफसरों ने समझाबुझाकर किया शांत, मायूस होकर घर लौटे
बरेली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रद्द होने की सूचना आने से दस मिनट पहले ही परीक्षा शुरू हुई थी। परीक्षा केंद्र के प्रभारियों ने जब अभ्यर्थियों को यह सूचना देते हुए अपनी कॉपी जमा करने को कहा तो वे सकते में आ गए। बरेली कॉलेज और सीबीगंज इंटर कॉलेज समेत कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। अफसरों ने उन्हें काफी देर समझाया। आखिरकार मायूस चेहरा लिए अभ्यर्थी लौट गए।
बरेली में टीईटी के लिए 95 केंद्र बनाए गए थे जिन पर 43 हजार 377 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। पहली पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 56 केंद्रों पर 25 हजार 747 अभ्यर्थी शामिल हुए। पेपर हाथ में आने के बाद उन्होंने परीक्षा देना शुरू ही किया था कि दस मिनट बाद ही पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दिए जाने की घोषणा कर दी गई। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को सवा दस बजे यह सूचना दे दी गई। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे अभ्यर्थियों से कॉपी लेकर जमा कर लें।
विज्ञापन
केंद्र प्रभारियों ने अभ्यर्थियों से कापी जमा करने को कहा तो कई केंद्रों पर हंगामा शुरू हो गया। तमाम अभ्यर्थियों ने कॉपी जमा करने से इनकार कर दिया। केंद्र प्रभारियों के काफी समझाने के बाद अभ्यर्थियों ने कापी जमा की। बरेली कॉलेज से करीब सवा 11 बजे अभ्यर्थियों को छोड़ा गया। यहां दूसरे केंद्रों से निकले अभ्यर्थी भी अपने दोस्तों और परिजन को लेने पहुंचे थे। इन अभ्यर्थियों ने यहां सेक्टर मजिस्ट्रेट शेर बहादुर सिंह के सामने हंगामा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों का कहना था कि जिस परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट हुआ है, वहीं परीक्षा रद्द की जाए। उन्हें परीक्षा देने दी जाए। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने उन्हें समझाया कि पूरे प्रदेश में परीक्षा रद्द हो गई है। अब परीक्षा देने का कोई लाभ नहीं मिलेगा। काफी देर समझाने के बाद अभ्यर्थी माने, इसके बाद गेट खोलकर अभ्यर्थियों को बाहर निकाला गया। सीबीगंज इंटर कॉलेज के बाहर भी अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। वहां भी उन्हें समझाबुझाकर भेजा गया। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 से शाम पांच बजे तक जूनियर स्तर के 39 केंद्रों पर होनी थी। इसमें 17 हजार 630 अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। परीक्षा रद्द होने के बाद दूसरी पाली की परीक्षा भी नहीं हुई।
इकट्ठे न हों अभ्यर्थी इसलिए परीक्षा केंद्रों से रुक-रुककर निकाला गया
पेपर लीक होने की सूचना के बाद प्रशासन के निर्देश पर सभी केंद्रों से एक साथ अभ्यर्थियों को नहीं निकलने दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों से बाहर निकाला गया ताकि वे एकजुट होकर हंगामा न कर सके और शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। इस्लामिया इंटर कॉलेज, बिशप मंडल कॉलेज समेत कुछ और केंद्रों से अभ्यर्थियों को साढ़े दस तक छोड़ दिया गया। बरेली कॉलेज से करीब सवा 11 बजे अभ्यर्थियों को छोड़ा गया।
ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग से चौपुला पर लगा जाम
शहर में चौपुला पुल को छोड़कर कहीं और जाम की स्थिति नहीं बनी। यहां भीड़भाड़ होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस चौराहे पर वाहन चेंकिंग में जुटी हुई थी, इसी वजह से ट्रैफिक रुका तो जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने में भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
पुलिस वालों और शिक्षकों से फोन मांगकर घरवालों को दी सूचना
परीक्षा केंद्रों पर कई अभ्यर्थियों को छोड़कर उनके परिजन यह सोचकर घर लौट गए थे कि साढ़े 12 बजे परीक्षा खत्म होने पर वे उन्हें लेने आ जाएंगे लेकिन सवा दस बजे ही परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। इन अभ्यर्थियों के आगे संकट खड़ा हो गया कि वे कैसे घर जाएं। कई के फोन भी नहीं था। परिजनों को सूचना देने के लिए वे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, शिक्षकों और राहगीरों को रोककर उनका फोन मांगते रहे ताकि परिजनों को परीक्षा रद्द होने की सूचना दे सकें।
असमंजस : दूसरी पाली में परीक्षा होगी या नहीं
पहली पाली की परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थी असमंजस में थे कि दूसरी पाली की परीक्षा होगी या नहीं। अभ्यर्थी केंद्र पर तैनात कर्मियों और अधिकारियों से इस बारे में लगातार पूछताछ करते रहे। परीक्षा केंद्र से निकलने के बाद करीब आधे घंटे बाद तक अभ्यर्थी लोगों से इस बारे में जानकारी लेते रहे, जब यह साफ हो गया कि परीक्षा नहीं होंगी तभी उन्होंने परीक्षा केंद्र छोड़ा।
लगा था कि इस बार मेहनत सफल मगर..
पेपर बहुत सरल था। ऐसा लगा कि हमारी मेहनत सफल हो जाएगी लेकिन जब परीक्षा रद्द होने की सूचना मिली तो यह बहुत खराब लगा। -शाकिर अली खान, फरीदपुर
तैयारी बहुत की थी, पेपर भी अच्छा आया। तेजी से प्रश्नों को हल कर रहे थे, तभी परीक्षा रद्द हो गई। सारी मेहनत और समय जाया हो गया। -सचिन सिंह, शास्त्री नगर
पेपर लीक करने वालों पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। सबके लिए पेपर रद्द होना ठीक नहीं रहा। -अंबा प्रसाद, मीरगंज
पेपर रद्द होने से अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो। पेपर रद्द होने से हमेशा ही मेधावियों का नुकसान होता है। - संतोष गंगवार, शास्त्रीनगर
मैं शाहजहांपुर से हूं। शनिवार सुबह पहले गाजियाबाद अंकपत्र प्रमाणित कराने गया। रात में लौटकर सुबह परीक्षा देने आया। दो रात से सोया नहीं हूं। - अमन शर्मा, शाहजहांपुर
कासगंज से चार साल की बेटी जोया को लेकर रात में पेपर देने बरेली आ गई थी। यहां पेपर दे रही थी तब सूचना मिली कि परीक्षा रद्द हो गई है। - रजनी सिंह, कासगंज
परीक्षा की तैयारी अच्छी थी। पेपर अच्छा आया था मगर अचानक परीक्षा रद्द हो गई। परीक्षा में ऐसा होता है तो अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है। - रश्मि शर्मा, बहेड़ी
परीक्षा रद्द होने से मेधावियों का नुकसान होता है। अब दोबारा उसी मनोयोग से तैयारी नहीं कर पाएंगे। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। - सृष्टि सिंह, राजेंद्रनगर
सरकार कह रही है मुफ्त घर जाओ यहां तो टिकट लेना पड़ रहा है
बरेली। टीईटी रद्द होने के बाद सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर मीम्स बनाकर गुस्सा जाहिर किया। कुछ अभ्यर्थियों ने बस के टिकट पोस्ट कर लिखा, सरकार कह रही है कि मुफ्त में घर जाओ लेकिन यहां टिकट लेना पड़ रहा है।
एक यूजर साजिद अली खान ने लिखा ये कब हुआ...। प्रियम ने लिखा कि सरकार कह रही है कि घर फ्री में जाओ और यहां परिवहन विभाग टिकट बना रहा है। सुनील यादव ने एक फिल्म का चित्र पोस्ट करते हुए लिखा- तुमसे न हो पाएगा। अनिल विश्वकर्मा ने लिखा, अब कुछ नहीं हो सकता क्या.. करें तो करें क्या अब लड़के, बोले तो बोले क्या...। आकांक्षा ने लिखा, परीक्षा से पहले की गई मेहनत को समझना जरूरी है और यह पेपर लीक करने वालों का क्या करें, कार्रवाई तो चलती रहेगी, गिरफ्तारी कब होगी। सत्या त्रिपाठी ने मीम्स बनाकर लिखा, भाई यह तो शुरू होते ही खत्म हो गया।