फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   UP model to prevent corona infection will be applied in Andhra jails

बरेलीः आंध्र की जेलों में लागू होगा कोरोना संक्रमण रोकने का यूपी मॉडल

Thu, 03 Sep 2020 02:57 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2020 02:57 AM IST
विज्ञापन
UP model to prevent corona infection will be applied in Andhra jails
corona in india - फोटो : demo photo

आंध्र प्रदेश सरकार अपनी जेलों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम करने के लिए यूपी का जेल मॉडल लागू करेगी। यूपी की तर्ज पर वहां अस्थायी जेल बनाई जाएंगी और ऐसी जेलों को कोविड एल-1 अस्पताल में तब्दील किया जाएगा जहां ज्यादा बंदी कोरोना संक्रमित होंगे। यूपी में झांसी, बस्ती, बलिया, नैनी, गोरखपुर और आगरा समेत 12 से अधिक जेलों में कोविड एल-1 अस्पताल बनाए गए हैं।

विज्ञापन


‘कोविड - 19 और जेल’ विषय पर नेशनल इंस्ट्रीट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन चंडीगढ़ की ओर से आयोजित नेशनल वेबिनार में भी बुधवार को यूपी में अस्थायी जेल बनाने और ज्यादा संक्रमण वाली जेलों को कोविड एल-1 अस्पताल में तब्दील करने के कदम को सराहा गया। इस वेबिनार में यूपी के एडिशनल आईजी जेल और बरेली के जेल अधीक्षक समेत प्रदेश के पांच जेल अधिकारी शामिल थे। 
विज्ञापन


वेबिनार में ज्यादातर राज्यों के जेल अधिकारियों ने क्षमता से अधिक बंदियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बैरकों में व्यवहारिक रूप से सामाजिक दूरी का पालन कराना मुमकिन नहीं है। इंस्टीट्यूट की ओर से आंकड़े रखे गए कि देश की 1350 जेलों में 4,78,600 बंदी हैं जबकि उनकी क्षमता सिर्फ 4,03793 बंदियों की ही है। इस तरह उनमें 18.5 फीसदी बंदी ज्यादा हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी में यह स्थिति और खराब है जहां कई जेलों में क्षमता से छह गुना तक बंदी हैं। विचाराधीन बंदियों की वजह से जेल ओवरलोड हैं। पूरे देश में ऐसे बंदियों की संख्या 3, 30,487 है, जिसे कोविड - 19 से निपटने के लिए कम करना जरूरी है।

जेलों में 24 घंटे मेडिकल स्टाफ उपलब्ध नहीं होने, सामान्य दवाओं की अनुपलब्धता और सुरक्षा कारणों से डब्ल्यूएचओ का स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल लागू न कर पाने के मुद्दे भी उठे। जेल अधिकारियों ने कहा कि बंदियों और उनके संपर्क में आने वाले स्टाफ को मानसिक तनाव से दूर रखना भी बड़ी चुनौती है। 


तय हुआ कि जेलों में कोविड के नजरिए से बंदियों की लगातार निगरानी की जाए, स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों से बेहतर तालमेल बनाया जाए, विचाराधीन बंदियों की भीड़ को कम किया जाए। सभी जेलों में आइसोलेशन और क्वारंटीन ब्लॉक बनाने का भी सुझाव दिया गया। एडिशनल आईजी जेल डॉ. शरद कुलश्रेष्ठ ने बताया कि आंध्र प्रदेश ने यूपी की कई जेलों में कोविड एल- 1 अस्पताल बनाने और नए बंदियों को शुरू में स्थायी जेलों में रखने की व्यवस्था अपने यहां भी लागू करने की बात कही है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed