Mock Drill: बरेली में सायरन बजते ही ब्लैक आउट, प्रशासन ने मॉक ड्रिल कर परखी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के बाद उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया गया है। युद्ध जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को दिन में मॉक ड्रिल की गई। रात में आठ बजते ही ब्लैक आउट हो गया।
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विस्तार
बरेली में बुधवार रात आठ बजे युद्ध का सायरन बजा। सायरन बजते ही शहर समेत पूरे जिले में ब्लैक आउट हो गया। सड़कों पर जो जहां था, वहीं पर थम गया और वाहनों की लाइट बंद कर दी। स्ट्रीट लाइटें भी बंद रहीं। शहरवासियों ने अपने घरों की लाइट बंद ब्लैक आउट में सहयोग किया। शहर में 10 मिनट तक ब्लैक आउट रहा। इसके बाद आईवीआरआई के पास पुलिस प्रशासन ने मॉक ड्रिल कर आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां परखीं। लोगों को हवाई हमले से बचाव के तरीके बताए गए।
रेलवे ने बढ़ाई सतर्कता, जंक्शन पर भी ब्लैक आउट
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद रेलवे ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है। बरेली जंक्शन के साथ आने-जाने वाली ट्रेनों में बुधवार को चेकिंग की गई। इधर, दोपहर के समय नागरिक सुरक्षा की टीम के साथ जीआरपीर और आरपीएफ ने जंक्शन पर यात्रियों को जागरूक किया। रात में आठ बजे जंक्शन पर ब्लैक आउट किया गया। ब्लैक आउट के दौरान जंक्शन समेत आसपास का इजाफा 10 मिनट के लिए कुप्प अंधेरे में डूब गया। आरपीएफ और जीआरपी के साथ सिविल पुलिस ने सर्कुलेटिंग एरिया में वाहनों की लाइट भी बंद करा दीं। जंक्शन के आसपास के होटल और मॉल में भी ब्लैक आउट रहा।
चौराहों पर सुरक्षा, 10 मिनट के लिए थम गए वाहन
मॉक ड्रिल के तहत ब्लैक आउट के समय बुधवार रात 10 मिनट के लिए वाहनों के पहिए थम गए। सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख चौराहों पर ब्लैक आउट को लेकर पहले से सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। शहर में जगह-जगह लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये भी लोगों को जागरूक किया गया कि रात आठ से 8:10 बजे तक ब्लैक आउट के दौरान अपने घरों और वाहनों की बिजली बंद कर लें। आठ बजते ही काफी लोगों ने अपने वाहनों की लाइट बंद कर वाहनों को सड़क किनारे लगा लिया। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर से होकर गुजरने वाले सभी हाईवे पर भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई।
जागरूकता अभियान के तहत ब्लैक आउट एक्शन मॉक ड्रिल पर पुराना शहर के इलाके में जबरजस्त असर रहा। खास तौर से लोगों ने न सिर्फ अपने घरों और दुकानों लाईटें बंद रखी, बल्कि अधिकांश लोगों ने आठ बजने से पहले दुकानें ही बंद कर दीं। खास तौर से सैलानी का बाजार की काफी दुकानें पूरी तरह बंद हो गया। मस्जिदों तक की लाईट बंद कर दीं गई थीं। सैलानी की हबीबिया मस्जिद जिसके गुंबद की लाईट कभी बंद नहीं हुई। वहां की लाइटें भी बंद रहीं।
दरगाह आला हजरत पर भी मॉक ड्रिल के दौरान आठ बजे ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान आठ बजकर 10 मिनट तक दरगाह गुंबद, रजा मस्जिद, अफ्रीकी हॉस्टल, मदरसा मंजर-ए-इस्लाम, रहमानी मंजिल, दारुल इफ्ता, मेहमान खान, लंगर खाना की लाइट बंद कर दी गई। दरगाह बाजार की सभी दुकानों को हा शाम सात बजे बंद करा दिया गया।
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रज़ा खां (सुब्हानी मियां) के निर्देश पर सुबह से ही लोगों को फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया गया कि ब्लैकआउट एक्शन हमारे मुल्क और मुल्कवासियों की सुरक्षा का हिस्सा है। इसका मकसद नागरिकों को जागरूक करना है।
परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में रात आठ बजे से आठ बजकर दस मिनट तक ब्लैक आउट हुआ। भारत गैस बॉटलिंग प्लांट, कोकाकोला फैक्टरी, वाडीलाल आइसक्रीम, वीएल एग्रो, आदि तमाम फैक्ट्रियों में ब्लैक आउट हुआ। शिक्षक संस्थानों, पेट्रोल पंप, शराब की दुकानों में भी दस मिनट तक ब्लैक आउट रखा। लोगों ने दस मिनट के लिए अपने वाहनों को भी जहां के तहां रोक कर लाइटें बंद कर दीं।