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Bareilly News: वित्तविहीन शिक्षकों ने तोड़ा शर्मा गुट का तिलिस्म
Sat, 03 Oct 2026 01:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:16 AM IST
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बरेली। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी पद के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा और संभल जिलों में 2020 के चुनाव में 36,705 मतदाता थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 46,573 हो गई है। यानी इस बार 9,868 ज्यादा शिक्षक मतदान करेंगे। इस सीट पर 1972 से 2008 तक लगातार माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रत्याशी जीतते रहे, लेकिन 2014 के चुनाव में वित्त विहीन शिक्षकों ने माध्यमिक शिक्षक संघ का तिलिस्म तोड़ दिया।
इस सीट पर 1972 से 2008 तक रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, केशव कुमार शर्मा, रामबाबू शास्त्री, सुभाष चंद्र शर्मा दो-दो बार एमएलसी चुने गए। 1995 में एक बार उप चुनाव भी हुआ। वर्ष 2014 में शाहजहांपुर निवासी वित्तविहीन शिक्षक संजय मिश्रा सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और शर्मा गुट से सीट झटक ली।2020 के चुनाव में अमरोहा निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इस बार भाजपा ने एक बार फिर ढिल्लो पर दांव लगाया है। सपा ने संजय मिश्रा को तीसरी बार मौका नहीं दिया तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। शर्मा गुट ने मुरादाबाद स्थित हिंदू कॉलेज के सुनीत को और चंदेल गुट ने विमलेंद्र शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
ऐसे बदला चुनावी गणित
वर्ष 2008 तक के चुनाव में वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मतदान करते थे, लेकिन 2014 का चुनाव आते-आते वित्तविहीन शिक्षकों को भी मतदान का अधिकार मिल गया। इसके बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ी और चुनावी गणित बदल गया। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव सत्तारूढ़ दलों की ओर होने के कारण पार्टियों ने भी समर्थित उम्मीदवार उतारने शुरू कर दिए।
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1972 से अब तक चुने गए शिक्षक एमएलसी
- 1972 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1978 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1984 में केशव कुमार शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1990 में केशव कुमार शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1995 में रामबाबू शास्त्री, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1996 में रामबाबू शास्त्री, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 2002 में सुभाष चंद्र शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 2008 में सुभाष चंद्र शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 2014 में संजय कुमार मिश्र, सपा समर्थित
- 2020 डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा समर्थित
कहां कितने मतदाता
जिला-- -2020-- -- 2026
बरेली- 6,230-- 6,772
बदायूं- 3,275-- 3,893
पीलीभीत-1,967-- 3,500
शाहजहांपुर-3,846-- 4,607
रामपुर-2,742-- 3,093
मुरादाबाद-5,475-- 7,504
बिजनौर-6,354-- 8,077
अमरोहा- 3,779-- 5,669
संभल- 2,987-- 3508
कमजोर नहीं हुआ है शर्मा गुट
फोटो
सभी नौ जिलों में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का संगठन आज भी सबसे मजबूत है। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव राजनीतिक दलों की ओर होने के कारण गुट को नुकसान हुआ है। - नवनीत कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट
शिक्षक संघ के साथ आएं वित्तविहीन शिक्षक
फोटो
वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों का झुकाव सत्ता पक्ष की ओर होता है, लेकिन उनके लिए कोई काम नहीं करता। वित्तविहीन शिक्षक भी अगर हमारे साथ आएं तो उनकी समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से होगा। - श्याम नारायण शर्मा, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट
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इस सीट पर 1972 से 2008 तक रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, केशव कुमार शर्मा, रामबाबू शास्त्री, सुभाष चंद्र शर्मा दो-दो बार एमएलसी चुने गए। 1995 में एक बार उप चुनाव भी हुआ। वर्ष 2014 में शाहजहांपुर निवासी वित्तविहीन शिक्षक संजय मिश्रा सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और शर्मा गुट से सीट झटक ली।2020 के चुनाव में अमरोहा निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इस बार भाजपा ने एक बार फिर ढिल्लो पर दांव लगाया है। सपा ने संजय मिश्रा को तीसरी बार मौका नहीं दिया तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। शर्मा गुट ने मुरादाबाद स्थित हिंदू कॉलेज के सुनीत को और चंदेल गुट ने विमलेंद्र शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
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ऐसे बदला चुनावी गणित
वर्ष 2008 तक के चुनाव में वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मतदान करते थे, लेकिन 2014 का चुनाव आते-आते वित्तविहीन शिक्षकों को भी मतदान का अधिकार मिल गया। इसके बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ी और चुनावी गणित बदल गया। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव सत्तारूढ़ दलों की ओर होने के कारण पार्टियों ने भी समर्थित उम्मीदवार उतारने शुरू कर दिए।
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1972 से अब तक चुने गए शिक्षक एमएलसी
- 1972 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1978 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1984 में केशव कुमार शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1990 में केशव कुमार शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1995 में रामबाबू शास्त्री, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 1996 में रामबाबू शास्त्री, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 2002 में सुभाष चंद्र शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 2008 में सुभाष चंद्र शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
- 2014 में संजय कुमार मिश्र, सपा समर्थित
- 2020 डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा समर्थित
कहां कितने मतदाता
जिला
बरेली- 6,230
बदायूं- 3,275
पीलीभीत-1,967
शाहजहांपुर-3,846
रामपुर-2,742
मुरादाबाद-5,475
बिजनौर-6,354
अमरोहा- 3,779
संभल- 2,987
कमजोर नहीं हुआ है शर्मा गुट
फोटो
सभी नौ जिलों में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का संगठन आज भी सबसे मजबूत है। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव राजनीतिक दलों की ओर होने के कारण गुट को नुकसान हुआ है। - नवनीत कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट
शिक्षक संघ के साथ आएं वित्तविहीन शिक्षक
फोटो
वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों का झुकाव सत्ता पक्ष की ओर होता है, लेकिन उनके लिए कोई काम नहीं करता। वित्तविहीन शिक्षक भी अगर हमारे साथ आएं तो उनकी समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से होगा। - श्याम नारायण शर्मा, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट