Jal Jivan Mission: जल जीवन मिशन के तहत बरेली के साढ़े चार लाख घरों तक पहुंचा पेयजल, महिलाएं बन रहीं स्वावलंबी
जल जीवन मिशन योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रहने वाले लोगों को भी हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बरेली में तकरीबन 4,97,576 घर हैं, जिसमें से तकरीबन 4,48,144 घरों में आज शुद्ध पेयजल फंक्शनल हाउसहोल्ड नल कनेक्शन से पहुंच रहा है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने जल जीवन मिशन योजना का सुचारु रूप से संचालन करते हुए प्रदेश के कई सारे प्रांत और वहां के गांवों तक में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सरकार ने इस लोक कल्याणकारी योजना का लाभ सभी तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के तकरीबन सभी प्रांतों में इसे क्रियान्वित किया है। जिसके फलस्वरूप आज उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से ज्यादा घरों में साफ पीने का पानी सीधे नल द्वारा पहुंच रहा है।
बरेली के साढ़े चार लाख घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल
जल जीवन मिशन योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रहने वाले लोगों को भी हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बरेली में तकरीबन 4,97,576 घर हैं, जिसमें से तकरीबन 4,48,144 घरों में आज शुद्ध पेयजल फंक्शनल हाउसहोल्ड नल कनेक्शन से पहुंच रहा है। बरेली में इस योजना का संचालन होने से वहां के लोगों तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा के साथ-साथ कई सारे रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हुए हैं।
क्या कहते हैं बरेली के ग्रामीण प्रबंध निदेशक
जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक डॉ. बलकार सिंह ने बताया कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति करवाना है। हम इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक घरों तक शुद्ध जल पहुंचने लगा है। बरेली जनपद में 90 प्रतिशत से अधिक घरों तक शुद्ध जल पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। हर परिवार को शुद्ध जल मिल सके, इसके लिए पानी की गुणवत्ता की जांच भी करवाई।
उत्तर प्रदेश की महिलाएं बन रही हैं स्वावलंबी
जल जीवन मिशन योजना उत्तर प्रदेश वालों के लिए वरदान से कम नहीं है। इसके जरिए लोगों को साफ पीने का पानी मिल रहा है। साथ ही इसका सबसे बड़ा और सकारात्मक प्रभाव यहां की महिलाओं के ऊपर देखने को मिला है। इस योजना के जरिए महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी कई प्रयास किए जा रहे हैं, जो निम्न हैं :
-यूपी में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए हर गांव से 5 महिलाओं को जल जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-महिलाएं गांव में फील्ड टेस्ट किट से पानी की जांच कर रही हैं।
-अब तक 4,80,205 से अधिक महिलाओं को पानी जांच की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
-सरकार ने पानी की जांच की बड़ी जिम्मेदारी गांवों में रहने वाली घरेलू महिलाओं को सौंपी है।
-गांवों में महिलाएं पानी की शुद्धता की 11 तरह की जांच कर रहीं हैं।
-ये सभी महिलाएं मिलकर पानी का नमूना एकत्र कर रही हैं और नमूनों को जांच के लिए जल निगम भेजा जा रहा है।
-एफटीके पानी की जांच के लिए बनाई गई किट है। इस किट के जरिए पानी में मौजूद अर्सेनिक, हानिकारक बैक्टीरिया, रासायनिक अशुद्धियां, एलिमेंट, पार्टिकल्स आदि का पता लगाया जाता है।
बरेली में लोगों को मिले हैं रोजगार
इस योजना के आने से बरेली के लोगों को रोजगार भी मिल रहे हैं। बरेली के गांवों में रहने वाले युवाओं को कई सारी स्किल ट्रेनिंग प्रदान की गई हैं, जिसमें 2386 युवाओं को प्लम्बर, पंप ऑपरेटर, मोटर मैकेनिक, फिटर और इलेक्ट्रिशियन के पदों के लिए प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही 3579 लोगों को राजमिस्त्री के लिए प्रशिक्षण दिया गया।