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Bareilly: चार घंटे कटघरे में रहे उझानी इंस्पेक्टर, फिर हुए बयान; एक साल से नहीं आ रहे थे गवाही देने
Wed, 10 Jul 2024 11:15 PM IST
आकाश दुबे
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: आकाश दुबे
Updated Wed, 10 Jul 2024 11:15 PM IST
सार
इंस्पेक्टर की गवाही नहीं हो पा रही थी। अदालत से प्रभारी निरीक्षक की गवाही के लिए लगातार समन जारी हो रहे थे। बावजूद इसके प्रभारी निरीक्षक अदालत नहीं पहुंचे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
एक साल से दुष्कर्म के मामले में गवाही के लिए अदालत में न पहुंचना प्रभारी निरीक्षक उझानी को भारी पड़ गया। मंगलवार को जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत में पेश होने के बाद न्यायाधीश ने उन्हें कटघरे में खड़े होने के आदेश दिए। प्रभारी निरीक्षक के चार घंटे तक कटघरे में खड़े रहने के बाद उन्हें माफ किया गया। इसके बाद उनके बयान दर्ज हुए।
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बदायूं जिले के उझानी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह दो साल पहले बरेली में आंवला थाने के प्रभारी निरीक्षक थे। उन्होंने दुष्कर्म के एक मुकदमे की विवेचना कर उसमें आरोप पत्र लगाया था। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान लगभग सभी गवाहों की गवाही हो चुकी थी। महज इंस्पेक्टर की गवाही नहीं हो पा रही थी। अदालत से प्रभारी निरीक्षक की गवाही के लिए लगातार समन जारी हो रहे थे। बावजूद इसके प्रभारी निरीक्षक अदालत नहीं पहुंचे। अदालत ने उनका वारंट जारी किया। इसके बाद मंगलवार को प्रभारी निरीक्षक अदालत पहुंचे।
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न्यायाधीश ने प्रभारी निरीक्षक को हिरासत में लेते हुए कटघरे में खड़ा कर होने के आदेश दिए। करीब चार घंटे तक कटघरे में खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने यह कहते हुए माफी मांगी की अति व्यस्तता के कारण वह अदालत में हाजिर नहीं हो पा रहे थे। अदालत ने माफीनामा कबूल करते हुए निरीक्षक के बयान दर्ज किए तब जाकर उन्हें राहत मिल सकी।
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