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Bareilly News: अनियमितता मामले में दो ग्राम पंचायतें दोषी
Thu, 26 Mar 2026 03:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 26 Mar 2026 03:16 AM IST
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जिला प्रशासन की तरफ से भले ही ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता से काम करने का दावा किया जाता हो, लेकिन अभी भी गबन व अनियमितता के मामले सामने आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने दो ग्राम पंचायत मधुनगला व नगरिया विक्रम में ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को गांव में हुए विकास कार्यो में गबन व अनियमितता का दोषी पाया है। इन ग्राम पंचायत के प्रधानों को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
ग्राम पंचायत नगरिया विक्रम में शिकायत के आधार पर पूर्व में हुए इंटरलाकिंग निर्माण की जांच की गई। इसमें पाया कि 2024-25 में पंचम वित्त आयोग से स्वीकृत 168 वर्ग मीटर क्षेत्र में इंटलाॅकिंग का कार्य तीन लाख 22 हजार 960 रुपये से किया जाना था। माप पुस्तिका में 168 वर्ग मीटर इंटरलाॅकिंग काम तीन लाख एक हजार 400 रुपये में अंकित किया गया। जांच में पाया कि 1785 प्रति वर्ग मीटर की दर से 24 हजार 890 रुपये अधिक भुगतान कर दिया गया। इसमें तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी कुलदीप कुमार पांडेय, कन्सल्टिंग इंजीनियर फरीदपुर अंकुर भट्ट ने विकास कार्यों में घटिया सामग्री प्रयोग करने के साथ ही सरकारी धन 24 हजार 890 रुपये का भुगतान करा लिया। इसके लिए प्रधान यतेंद्र पाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मधुनगला ग्राम पंचायत में शिकायत के बाद जांच में गोशाला के बाहर पश्चिम दिशा में पनघौली नदी के किनारे 17 पुराने मृत गोवंश पाए गए। जिनका निस्तारण नियमानुसार नहीं किया गया। यहां पर अधिक गोबर, जलभराव व कीचड़ पाया गया, जिससे पता चला कि यहां सफाई नियमानुसार नहीं होती। गोवंशो की सूचना के लिए लॉगबुक पंजिका नहीं बनाई गई है। इसके अलावा हरा चारा, भूसा, चोकर संबंधित पंजिकाएं भी ठीक नहीं भरे जा रही थी। इस पर प्रधान अनमोल से स्पष्टीकरण मांगा गया।
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वर्जन ...
शिकायत के आधार डीएम ने टीम गठित कर जांच कराया। जिसमें दो ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को गबन व अनियमितता का दोषी पाया है। डीएम ने इसके लिए दोनों ग्राम पंचायत के प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा है। - कमल किशोर, जिला पंचायत राज अधिकारी
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ग्राम पंचायत नगरिया विक्रम में शिकायत के आधार पर पूर्व में हुए इंटरलाकिंग निर्माण की जांच की गई। इसमें पाया कि 2024-25 में पंचम वित्त आयोग से स्वीकृत 168 वर्ग मीटर क्षेत्र में इंटलाॅकिंग का कार्य तीन लाख 22 हजार 960 रुपये से किया जाना था। माप पुस्तिका में 168 वर्ग मीटर इंटरलाॅकिंग काम तीन लाख एक हजार 400 रुपये में अंकित किया गया। जांच में पाया कि 1785 प्रति वर्ग मीटर की दर से 24 हजार 890 रुपये अधिक भुगतान कर दिया गया। इसमें तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी कुलदीप कुमार पांडेय, कन्सल्टिंग इंजीनियर फरीदपुर अंकुर भट्ट ने विकास कार्यों में घटिया सामग्री प्रयोग करने के साथ ही सरकारी धन 24 हजार 890 रुपये का भुगतान करा लिया। इसके लिए प्रधान यतेंद्र पाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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मधुनगला ग्राम पंचायत में शिकायत के बाद जांच में गोशाला के बाहर पश्चिम दिशा में पनघौली नदी के किनारे 17 पुराने मृत गोवंश पाए गए। जिनका निस्तारण नियमानुसार नहीं किया गया। यहां पर अधिक गोबर, जलभराव व कीचड़ पाया गया, जिससे पता चला कि यहां सफाई नियमानुसार नहीं होती। गोवंशो की सूचना के लिए लॉगबुक पंजिका नहीं बनाई गई है। इसके अलावा हरा चारा, भूसा, चोकर संबंधित पंजिकाएं भी ठीक नहीं भरे जा रही थी। इस पर प्रधान अनमोल से स्पष्टीकरण मांगा गया।
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शिकायत के आधार डीएम ने टीम गठित कर जांच कराया। जिसमें दो ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को गबन व अनियमितता का दोषी पाया है। डीएम ने इसके लिए दोनों ग्राम पंचायत के प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा है। - कमल किशोर, जिला पंचायत राज अधिकारी