{"_id":"695acec1f399e94ef2025722","slug":"turned-hobby-into-a-source-of-income-bareilly-news-c-4-vns1074-799951-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: शौक को बनाया कमाई का जरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: शौक को बनाया कमाई का जरिया
विज्ञापन
बरेली। शहर की कई युवतियों ने स्टार्टअप के जरिये नाम कमाया है। अपनी रचनात्मकता से झुमकों, ब्रेसलेट, रॉक पेंटिंग व अन्य कार्यों के जरिये ये पढ़ाई के साथ ही आय का सृजन भी कर रही हैं। ज्यादातर ने पहले शौकिया तौर पर क्राफ्ट व चित्रकला का काम शुरू किया था। बाद में इसे ही कमाई का जरिया बना लिया।
उत्पादों की स्टॉल लगाकर कर रहीं बिक्री
राजेंद्र नगर की रहने वाली 12वीं की छात्रा कीर्ति ने बताया कि उन्हें क्रॉफ्ट बनाने का शौक था। ब्रेसलेट बनाने से शुरुआत की। अब वह हैंडमेड पर्स, चूड़ी व अन्य सामान तैयार करती हैं। स्टॉल लगाकर खुद ही तैयार उत्पादों की बिक्री करती हैं। कीर्ति ने बताया माता-पिता का हमेशा से सहयोग मिला है।
हाथ से तैयार झुमकों की मांग
बड़ा बाजार की रहने वाली अवनीत ने भी कोरोना के समय पढ़ाई से अधिक समय अपने आर्ट क्रॉफ्ट के शौक में लगाया। उन्होंने झुमका बनाने से शुरुआत की। इसके बाद पेंटेड, मेटल व कार्डबोर्ड से हैंडमेड जूलरी बनाने में महारत हासिल की। वह कई जगहों पर स्टॉल लगा चुकी हैं। बताया कि लोग हैंडमेड झुमकों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।
विज्ञापन
रॉक पेंटिंग बना रहीं श्रव्या
डोहरा रोड स्थित कॉलोनी की रहने वाली श्रव्या रॉक पेंटिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि एक रॉक पेंटिंग पर करीब 250 रुपये का खर्च आता है। 400 रुपये तक में यह बिकती है। बड़ी संख्या में लोग कस्टमाइज भी कराते हैं। श्रव्या ने बताया कि कक्षा 10 में पढ़ते समय उन्होंने पिता से पत्थर मंगाकर रॉक पेंटिंग का काम शुरू किया। संवाद
विज्ञापन
उत्पादों की स्टॉल लगाकर कर रहीं बिक्री
राजेंद्र नगर की रहने वाली 12वीं की छात्रा कीर्ति ने बताया कि उन्हें क्रॉफ्ट बनाने का शौक था। ब्रेसलेट बनाने से शुरुआत की। अब वह हैंडमेड पर्स, चूड़ी व अन्य सामान तैयार करती हैं। स्टॉल लगाकर खुद ही तैयार उत्पादों की बिक्री करती हैं। कीर्ति ने बताया माता-पिता का हमेशा से सहयोग मिला है।
विज्ञापन
हाथ से तैयार झुमकों की मांग
बड़ा बाजार की रहने वाली अवनीत ने भी कोरोना के समय पढ़ाई से अधिक समय अपने आर्ट क्रॉफ्ट के शौक में लगाया। उन्होंने झुमका बनाने से शुरुआत की। इसके बाद पेंटेड, मेटल व कार्डबोर्ड से हैंडमेड जूलरी बनाने में महारत हासिल की। वह कई जगहों पर स्टॉल लगा चुकी हैं। बताया कि लोग हैंडमेड झुमकों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।
विज्ञापन
रॉक पेंटिंग बना रहीं श्रव्या
डोहरा रोड स्थित कॉलोनी की रहने वाली श्रव्या रॉक पेंटिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि एक रॉक पेंटिंग पर करीब 250 रुपये का खर्च आता है। 400 रुपये तक में यह बिकती है। बड़ी संख्या में लोग कस्टमाइज भी कराते हैं। श्रव्या ने बताया कि कक्षा 10 में पढ़ते समय उन्होंने पिता से पत्थर मंगाकर रॉक पेंटिंग का काम शुरू किया। संवाद