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Bareilly News: ट्रकों के थमे पहिये, दूसरे जिलों में पहुंचकर उद्यमी बना रहे ई-बे विल

Tue, 30 Sep 2025 12:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:58 AM IST
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Trucks are stopped, entrepreneurs are reaching other districts and creating eBay will
बरेली। शहर में बवाल के बाद इंटरनेट सेवा बंद होने से कारोबार और उद्योगों के संचालन को झटका लगा है। ट्रकों के पहिये थमे तो उद्यमियों और व्यापारियों ने जिले की सीमा पार कर ई-बे बिल जारी किए। ई-पेमेंट सेवा ठप होने से बाजार में दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते रहे।
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परसाखेड़ा, सीबीगंज, फरीदपुर, भोजीपुरा, रिछा औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों के मुताबिक फैक्टरियों में तैयार माल दूसरे जिलों में भेजने के लिए ई-बे बिल जरूरी है। रविवार को अवकाश था, बाजार भी बंद थे। इसलिए कारोबार पर खास प्रभाव नहीं पड़ा। सोमवार को बाजार खुले। फैक्टरियों में उत्पादन शुरू हुआ तो तैयार माल भेजने में अड़चन सामने आई। बगैर ई-बे बिल माल भेजने पर कारोबारियों को कार्रवाई की आशंका सता रही थी। लिहाजा, वह जिले के बाहर इंटरनेट सेवा वाले क्षेत्र में पहुंचे।
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निर्यातक गौरव मित्तल ने बताया कि अब कारोबार ऑनलाइन है। इसलिए ऑर्डर के लिए मिलक का रुख किया। रात में हाईवे के एक ओर गाड़ी खड़ी कर ई-मेल भेजे। दवा कारोबारी दुर्गेश खटवानी ने बताया कि दवा संबंधी टेंडर के लिए उन्हें जिले की सीमा के बाहर जाना पड़ा।
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ट्रस्ट के नवीनीकरण के लिए जाना पड़ सकता है दूसरे जनपद
चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहित टंडन के मुताबिक प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार ट्रस्ट का नवीनीकरण कराना होता है। 30 सितंबर अंतिम तिथि है। प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर होती है। इंटरनेट बंद होने से रविवार, सोमवार को आवेदन नहीं हो सका। मंगलवार को भी इंटरनेट सुचारु न हुआ तो किसी पड़ोसी जिले में जाना पड़ सकता है, क्योंकि आवेदन समय से न हुआ तो इसे मानकों का उल्लंघन माना जाएगा।

फूड चेन कंपनियां, होटलों में बुकिंग ठप
इंटरनेट सेवा बंद होने से स्विगी, जोमैटो सहित अन्य फूड चेन कंपनियों को ऑर्डर नहीं मिले। होटलों में ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो सकी। अगर किसी ने बुकिंग कराई भी तो उसका नोटिफिकेशन नहीं मिला। ट्रैवेल एजेंसी संचालक सुधा अग्रवाल और साकेत ने बताया कि बुकिंग ऑनलाइन ही होती हैं। इंटरनेट संचालित न होने से 48 घंटे में एक भी बुकिंग नहीं हुई। ऑनलाइन बोर्डिंग पास यात्रियों को नहीं दे सके।

दवा कारोबारियों ने बंद की उधारी
इंटरनेट सुविधा न मिलने से दवा कारोबार भी प्रभावित रहा। कारोबारी विजय मूलचंदानी के मुताबिक पहले दिन मरीजों को उधारी में दवाएं दी गईं, लेकिन दूसरे दिन भी नेट बंद रहा। दवाओं का स्टॉक मंगाने के न ऑर्डर दे सके न ही भुगतान हो सका। सेवा कब तक बाधित रहेगी, इस असमंजस के चलते उधारी के बजाय नकद कारोबार पर जोर रहा। नई रेट लिस्ट भी अपडेट नहीं हो सकी।

अप्रूवल और भुगतान की अड़चन
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह के मुताबिक, इंटरनेट सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा दिक्कत आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने वाले मरीजों को हुई, क्योंकि उन्हें भर्ती से पहले ऑनलाइन अप्रूवल लेना पड़ता है। जिले में रोजाना करीब 200 मरीज आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए भर्ती होते हैं। जो इमरजेंसी मामले थे, उन्हें भर्ती किया जा रहा है। सर्जरी या अन्य केस जो टाले जा सकते हैं, उन्हें बाद में इंटरनेट शुरू होने पर बुलाया है। इंटरनेट सेवा बंद होने से पहले से निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज कराने में अड़चन रहीं। जिनके पास कैश था, वे मरीज को ले गए। जिनके पास नकद रुपये कम थे, उन्होंने रिश्तेदारों, करीबियों से रुपये मांगे, लेकिन वे भेज नहीं सके। लिहाजा, तीमारदारों को रुपये की व्यवस्था में दौड़भाग करनी पड़ी। डिस्चार्ज की बिलिंग, पैथोलॉजी रिपोर्टिंग, ब्लड बैंक में भुगतान आदि में परेशानी हुई। ब्यूरो
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