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तिहरा हत्याकांड- बैग रखने के बाद फिर कोठी में आया था देवेंद्र
Updated Wed, 28 Oct 2015 02:17 AM IST
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तिहरा हत्याकांड
बैग रखने के बाद फिर कोठी में आया था देवेंद्र
बरेली। सीसीटीवी फुटेज से भी देवेंद्र पर ही तिहरे हत्याकांड का शक और गहरा गया है। वह डेढ़ बजे से सवा दो बजे से बीच सीसीटीवी कैमरे में कई बार आता जाता नजर आ रहा है। बैग लेकर निकलने के बाद देवेंद्र फिर से कोठी में आकर खाली हाथ बाहर निकलकर नहीं लौटा था।
शनिवार को 1.46 बजे देवेंद्र की कोठी में एंट्री हुई तो उसके साथ एक व्यक्ति गत्ते के डिब्बे में कुछ लेकर आ रहा था। पीछे दूसरा युवक भी चल रहा था। 1.54 बजे वह कई लोगोें के साथ फिर से कोठी में दाखिल हुआ, लेकिन उन दो लड़कों ने साथ नहीं छोड़ा जो इससे पहले सामान लेकर आते सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद 2.14 बजे वह बैग लेकर फैक्ट्री से निकला तो वह लड़के उसके आगे चल रहे थे। इनमें एक लाल रंग की टी शर्ट पहने है और दूसरा चेक की शर्ट में हैं। इस बीच कोठी के मैनगेट पर बाहर एक व्यक्ति नजर आ रहा है। वह कुछ देर बैठने के बाद इधर-उधर देखकर चला जाता है। इसी बीच बैग कहीं रखने के बाद देवेंद्र ने फिर से कोठी में एंट्री की है, क्योंकि वह 2.36 बजे फिर से कोठी के गेट से बाहर निकलता हुआ नजर आ रहा है। उस समय गेट पर खड़ा युवक भी संदिग्ध लग रहा है। उसकी आंखों में खौफ नजर आ रहा था। डर की वजह से वह इधर-उधर देख रहा था।
सलामत तो है देवेंद्र लोधी!
पुलिस कह रही है एटा फर्रुखाबाद में कर रहे हैं तलाश
बरेली। परसाखेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में उद्योेेगपति सुधीर अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका अग्रवाल और नौकरानी अंशु की हत्या में प्रमुख संदिग्ध आरोपी माना जा रहा देवेंद्र लोधी कहां है? वह सलामत तो है? वीडियो फुटेज बता रही है कि हत्या के दिन वह कोठी परिसर में था और कई बार अंदर बाहर गया। उसकी बेचैनी साफ झलक रही है। इस फुटेज में आगे-पीछे के दिनों की फुटेज भी कुछ क्लू दे सकती है। मंगलवार को किसी पुलिस वाले ने ही बताया कि झाड़ियों में देवेंद्र का बैग मिला है जिसमें कपड़े हैं और बैग पर कुछ खून के भी निशान है। अमर उजाला ने जब इस बारे में पुलिस के अधिकारियों से बात की तो किसी ने भी बैग मिलने की पुष्टि नहीं की।
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इधर पुलिस का कहना है कि एटा के थाना जैथरा स्थित गांव बधां में देेेेवेंद्र लोधी को तलाश रही है। वारदात के दिन दोपहर ढाई बजे के बाद तक देवेंद्र को कोठी में देखा गया है। पुलिस का कहना है कि अग्रवाल परिवार भी तीनों हत्याओं के लिए नौकरानी के प्रेमी देवेंद्र लोधी को संदिग्ध मान रहा है लेकिन इतनी बेरहमी से मारे जाने के पीछे कोई ठोस तर्क नहीं दे पा रहा है। सवाल अपनी जगह है कि उसने खुद ये खेल रचा या वह किसी के हाथों का खिलौना था।श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अंशु के साथ पकड़े जाने पर कोठी की मालकिन द्वारा की गई पिटाई से खफा होकर देवेंद्र हत्या कर सकता है। लेकिन यहां सवाल यह उठ रहा है कि उसने हत्या की तो सबसे पहले अपनी प्रेमिका को क्यों मारा और वह भी इतनी क्रूरता से?
एसएसपी धर्मवीर यादव का कहना है कि तिहरे हत्याकांड में फिलहाल उनके टारगेट पर देवेंद्र ही है। उसने पुलिस से भागकर खुद को गुनहगार साबित करने में कोई कमी बाकी नहीं छोड़ी। हालांकि इस घटना के पीछे कोई और भी हो सकता है और अगर ऐसा है तो देवेंद्र की जान को भी खतरा हो सकता है। उसे पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई हैं। देवेंद्र के हाथ आने के बाद ही घटना का खुलासा होने की उम्मीद है।
बैग और कपड़े क्यों छोड़ गया?
बरेली। पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि तिहरे हत्याकांड के शक में संदिग्ध माने जा रहे देवेंद्र लोधी के परसाखेड़ा इलाके की झाड़ियों में नीले रंग का सोल्डर बैग मिला है। बैग में मिले कपड़ों में लाल धब्बों के निशान मिलने से जहां एक ओर देवेंद्र पर हत्या का शक जाता है वहीं यह भी आशंका बनती है कि कहीं उसके साथ भी कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। सवाल यह भी है कि अगर वह कहीं भाग रहा था तो वह अपना बैग झाड़ियों में क्यों फेंक गया? फिलहाल अधिकारी यही बता रहे हैं कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें एटा और फर्रुखाबाद में दबिश दे रही हैं।
हत्या को अगले ही दिन पुलिस टीम देवेंद्र के पिता रिटायर्ड फौजी शिव सिंह को उसके गांव बधां थाना जैथरा, जिला एटा से उठा लाई है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को सिर्फ इतना ही मालूम हो पाया था कि बुधवार से देवेंद्र ससुराल में था। पिता का कहना था कि कपूर फैक्ट्री से निकाले जाने के बाद भी उसका अपनी प्रेमिका अंशु से मिलने जुलने का सिलसिला जारी था। देवेंद्र के गांव में सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया है। देवेंद्र के घर के अलावा पुलिस ने उसकी रिश्तेदारियों में भी दबिश दी।
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बैग रखने के बाद फिर कोठी में आया था देवेंद्र
बरेली। सीसीटीवी फुटेज से भी देवेंद्र पर ही तिहरे हत्याकांड का शक और गहरा गया है। वह डेढ़ बजे से सवा दो बजे से बीच सीसीटीवी कैमरे में कई बार आता जाता नजर आ रहा है। बैग लेकर निकलने के बाद देवेंद्र फिर से कोठी में आकर खाली हाथ बाहर निकलकर नहीं लौटा था।
शनिवार को 1.46 बजे देवेंद्र की कोठी में एंट्री हुई तो उसके साथ एक व्यक्ति गत्ते के डिब्बे में कुछ लेकर आ रहा था। पीछे दूसरा युवक भी चल रहा था। 1.54 बजे वह कई लोगोें के साथ फिर से कोठी में दाखिल हुआ, लेकिन उन दो लड़कों ने साथ नहीं छोड़ा जो इससे पहले सामान लेकर आते सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद 2.14 बजे वह बैग लेकर फैक्ट्री से निकला तो वह लड़के उसके आगे चल रहे थे। इनमें एक लाल रंग की टी शर्ट पहने है और दूसरा चेक की शर्ट में हैं। इस बीच कोठी के मैनगेट पर बाहर एक व्यक्ति नजर आ रहा है। वह कुछ देर बैठने के बाद इधर-उधर देखकर चला जाता है। इसी बीच बैग कहीं रखने के बाद देवेंद्र ने फिर से कोठी में एंट्री की है, क्योंकि वह 2.36 बजे फिर से कोठी के गेट से बाहर निकलता हुआ नजर आ रहा है। उस समय गेट पर खड़ा युवक भी संदिग्ध लग रहा है। उसकी आंखों में खौफ नजर आ रहा था। डर की वजह से वह इधर-उधर देख रहा था।
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सलामत तो है देवेंद्र लोधी!
पुलिस कह रही है एटा फर्रुखाबाद में कर रहे हैं तलाश
बरेली। परसाखेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में उद्योेेगपति सुधीर अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका अग्रवाल और नौकरानी अंशु की हत्या में प्रमुख संदिग्ध आरोपी माना जा रहा देवेंद्र लोधी कहां है? वह सलामत तो है? वीडियो फुटेज बता रही है कि हत्या के दिन वह कोठी परिसर में था और कई बार अंदर बाहर गया। उसकी बेचैनी साफ झलक रही है। इस फुटेज में आगे-पीछे के दिनों की फुटेज भी कुछ क्लू दे सकती है। मंगलवार को किसी पुलिस वाले ने ही बताया कि झाड़ियों में देवेंद्र का बैग मिला है जिसमें कपड़े हैं और बैग पर कुछ खून के भी निशान है। अमर उजाला ने जब इस बारे में पुलिस के अधिकारियों से बात की तो किसी ने भी बैग मिलने की पुष्टि नहीं की।
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इधर पुलिस का कहना है कि एटा के थाना जैथरा स्थित गांव बधां में देेेेवेंद्र लोधी को तलाश रही है। वारदात के दिन दोपहर ढाई बजे के बाद तक देवेंद्र को कोठी में देखा गया है। पुलिस का कहना है कि अग्रवाल परिवार भी तीनों हत्याओं के लिए नौकरानी के प्रेमी देवेंद्र लोधी को संदिग्ध मान रहा है लेकिन इतनी बेरहमी से मारे जाने के पीछे कोई ठोस तर्क नहीं दे पा रहा है। सवाल अपनी जगह है कि उसने खुद ये खेल रचा या वह किसी के हाथों का खिलौना था।श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अंशु के साथ पकड़े जाने पर कोठी की मालकिन द्वारा की गई पिटाई से खफा होकर देवेंद्र हत्या कर सकता है। लेकिन यहां सवाल यह उठ रहा है कि उसने हत्या की तो सबसे पहले अपनी प्रेमिका को क्यों मारा और वह भी इतनी क्रूरता से?
एसएसपी धर्मवीर यादव का कहना है कि तिहरे हत्याकांड में फिलहाल उनके टारगेट पर देवेंद्र ही है। उसने पुलिस से भागकर खुद को गुनहगार साबित करने में कोई कमी बाकी नहीं छोड़ी। हालांकि इस घटना के पीछे कोई और भी हो सकता है और अगर ऐसा है तो देवेंद्र की जान को भी खतरा हो सकता है। उसे पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई हैं। देवेंद्र के हाथ आने के बाद ही घटना का खुलासा होने की उम्मीद है।
बैग और कपड़े क्यों छोड़ गया?
बरेली। पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि तिहरे हत्याकांड के शक में संदिग्ध माने जा रहे देवेंद्र लोधी के परसाखेड़ा इलाके की झाड़ियों में नीले रंग का सोल्डर बैग मिला है। बैग में मिले कपड़ों में लाल धब्बों के निशान मिलने से जहां एक ओर देवेंद्र पर हत्या का शक जाता है वहीं यह भी आशंका बनती है कि कहीं उसके साथ भी कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। सवाल यह भी है कि अगर वह कहीं भाग रहा था तो वह अपना बैग झाड़ियों में क्यों फेंक गया? फिलहाल अधिकारी यही बता रहे हैं कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें एटा और फर्रुखाबाद में दबिश दे रही हैं।
हत्या को अगले ही दिन पुलिस टीम देवेंद्र के पिता रिटायर्ड फौजी शिव सिंह को उसके गांव बधां थाना जैथरा, जिला एटा से उठा लाई है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को सिर्फ इतना ही मालूम हो पाया था कि बुधवार से देवेंद्र ससुराल में था। पिता का कहना था कि कपूर फैक्ट्री से निकाले जाने के बाद भी उसका अपनी प्रेमिका अंशु से मिलने जुलने का सिलसिला जारी था। देवेंद्र के गांव में सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया है। देवेंद्र के घर के अलावा पुलिस ने उसकी रिश्तेदारियों में भी दबिश दी।