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Bareilly News: कोषागार में मुश्किलों की भरमार, भीड़ में हांफ रहे पेंशनर

Sat, 08 Nov 2025 03:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 08 Nov 2025 03:00 AM IST
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Treasury is full of difficulties, pensioners are gasping in the crowd
बरेली। कोषागार में शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे पेंशनरों का हुजूम उमड़ा। कई बुजुर्ग स्वयं तो कुछ के साथ आए परिजन कुर्सी-बेंच के अभाव में जमीन पर बैठकर फाॅर्म भरते मिले। कोषागार का कोई कर्मी उनकी मदद नहीं कर रहा था। परेशान पेंशन भोगियों ने कहा कि यहां अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। कर्मचारियों के आने-जाने का कोई समय नहीं है। वे 10 के बजाय 11 बजे आते हैं और जब मर्जी हुई, चले भी जाते हैं।
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पेंशन कक्ष संख्या-छह और नौ में जीवित प्रमाणपत्र जमा हो रहे थे। कक्ष संख्या-छह में दो तो नौ में केवल एक कर्मी गौरव मौजूद थे। बताया कि अन्य कर्मी पेंशनरों की मूल फाइलें तलाशने में लगे हैं। कक्ष संख्या-छह के बाहर बेंच पर बैठे नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को भी आए थे, पर फॉर्म जमा नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह पौने 10 बजे आ गए थे तो दोपहर में फाॅर्म जमा हो गया।
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नरेंद्र पाल ने कहा, कोषागार में कर्मी मनमर्जी से ड्यूटी पर आते हैं। पेंशनर पहले आ रहे हैं और कर्मी 11 बजे के बाद आते हैं। बुजुर्ग चंद्रिका देवी नवाबगंज से सुबह 10 बजे कोषागार पहुंच गई थीं। दोपहर एक बजे तक उनका फाॅर्म जमा नहीं हुआ था। राजेंद्रनगर की सावित्री यादव ने बताया कि कक्ष संख्या-छह में तीन-चार काउंटर लगे होते तो पेंशनरों को इतनी दिक्कत नहीं होती।
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भीड़ में जूझने की मजबूरी
कचहरी के पास से आईं मीनू ने बताया कि वह बीमार हैं। वह खड़ी तक नहीं हो पा रही हैं, लेकिन भीड़ और अव्यवस्था से जूझने की मजबूरी है। जमीन पर बैठीं सुशीला देवी, प्रेमवती बोलीं कि कोषागार में बुजुर्गों के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। फाॅर्म जमा करने के लिए काउंटर पर खड़े पेंशनर पूरन लाल शर्मा भीड़ से दबे जा रहे थे। फरीदपुर के भोजपुर रामनाथ से आए विष्णु दयाल मौर्य ने बताया कि पिता नारायन ने बृहस्पतिवार दोपहर में फाॅर्म जमा किया था। जांच का इंतजार कर शाम को लौट गए थे। आज दोबारा आए हैं। दोपहर हो गई, पर फाॅर्म की जांच नहीं हो पाई।
सीटीओ ने बदला तरीका, एक फाॅर्म में लग रहे ढाई घंटे
कर्मी धीरज कुमार ने बताया कि मुख्य कोषाधिकारी ने जीवित प्रमाणपत्र जमा करने का तरीका बदला है। मूल फाइल से पेंशनर के हस्ताक्षर, फोटो, जन्मतिथि, बैंक खाते के मिलान के बाद प्रमाणपत्र ले रहे हैं। मूल फाइल तलाशने और फिर मिलान करने में दो-ढाई घंटे लग रहे हैं। पहले आधार, पैन से पेंशनर का सत्यापन हो जाता था। संवाद
मुश्किल से जमा हुआ फॉर्म
बीमार हूं। भीड़ में खड़ा होना मुकिश्ल है। बहुत मशक्कत से फाॅर्म जमा हुआ है। अब मूल फाइल से जांच के इंतजार में दोपहर के दो बज गए हैं। - संध्या शंकर, परवानानगर

कोषागार में पेंशनरों का कोई सम्मान नहीं है। जमीन पर बैठे हैं। भीड़ में हांफ गए, पर फाॅर्म जमा नहीं हुआ। अब बेटे को काउंटर पर भेजा है। - - नैना देवी, ग्वारी पचपेड़ा

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सीटीओ अवकाश पर हैं। 77 पदों के सापेक्ष 47 कर्मी हैं। इनमें से पांच कर्मी जीवित प्रमाणपत्र जमा करने में लगे हैं। कुछ लोग बिल और पेंशन दोनों कार्य देख रहे हैं। पेंशनर चाहें तो ऑनलाइन या बैंक में भी प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। - विश्वबंधु गौतम, कोषाधिकारी
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