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लंबे इंतजार के बाद एस्केलेटर का हुआ ट्रायल, कल से चलने की संभावना
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तीन साल से यात्रियों को था इस सुविधा का इंतजार
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बरेली। रेल यात्रियों के आखिरकार एस्केलेटर चलने का इंतजार अब खत्म हुआ। दिल्ली से आए इंजीनियर्स ने एस्केलेटर को चलवाकर देखा। थोड़ी सी आवाज के बाद एस्केलेटर चलने लगा। कंपनी शुक्रवार को दिनभर ट्रायल लेने के बाद शनिवार को यह रेलवे के हैंडओवर कर देगी। एस्केलेटर चलने से बुजुर्ग यात्रियों समेत सभी को काफी राहत मिलेगी।
बृहस्पतिवार शाम को दिल्ली से एस्केलेटर लगाने वाली कंपनी के इंजीनियर बरेली जंक्शन पहुंचे। उन्होंने एस्केलेटर को चेक कराया, फिर उसे चलवाकर देखा। मामूली आवाज के साथ एस्केलेटर चलने लगा। यह देखकर यात्री और रेल कर्मचारियों के चेहरों पर रौनक आ गई। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी शुक्रवार को भी एस्केलेटर का ट्रायल लेगी। सब कुछ ठीक रहा तो यह शनिवार को रेलवे के हैंडओवर कर देगी।
यहां बता दें कि तीन साल तक कबाड़ की तरह पड़े रहे एस्केलेटर की मशीनरी भी पुरानी हो चुकी है। एस्केलेटर की वायरिंग को चूहों ने काट दिया था, जिसे मुश्किल से जोड़ा गया है। सबसे पहले अमर उजाला ने एस्केलेटर की मशीनरी को कबाड़ होने की खबर को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद मुरादाबाद के मंडलीय अधिकारियों ने तिरपाल बिछवा दिया था। अब एस्केलेटर कितने दिन चलता है, यह समय बताएगा। सूत्रों के मुताबिक रेलवे के अधिकारियों की कोशिश है कि 29 नवंबर को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के जंक्शन के निरीक्षण तक यह चलता रहे। वहीं जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि एस्केलेटर के ट्रायल की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। यदि ऐसा हुआ है तो अच्छी बात है।
बृहस्पतिवार शाम को दिल्ली से एस्केलेटर लगाने वाली कंपनी के इंजीनियर बरेली जंक्शन पहुंचे। उन्होंने एस्केलेटर को चेक कराया, फिर उसे चलवाकर देखा। मामूली आवाज के साथ एस्केलेटर चलने लगा। यह देखकर यात्री और रेल कर्मचारियों के चेहरों पर रौनक आ गई। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी शुक्रवार को भी एस्केलेटर का ट्रायल लेगी। सब कुछ ठीक रहा तो यह शनिवार को रेलवे के हैंडओवर कर देगी।
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यहां बता दें कि तीन साल तक कबाड़ की तरह पड़े रहे एस्केलेटर की मशीनरी भी पुरानी हो चुकी है। एस्केलेटर की वायरिंग को चूहों ने काट दिया था, जिसे मुश्किल से जोड़ा गया है। सबसे पहले अमर उजाला ने एस्केलेटर की मशीनरी को कबाड़ होने की खबर को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद मुरादाबाद के मंडलीय अधिकारियों ने तिरपाल बिछवा दिया था। अब एस्केलेटर कितने दिन चलता है, यह समय बताएगा। सूत्रों के मुताबिक रेलवे के अधिकारियों की कोशिश है कि 29 नवंबर को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के जंक्शन के निरीक्षण तक यह चलता रहे। वहीं जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि एस्केलेटर के ट्रायल की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। यदि ऐसा हुआ है तो अच्छी बात है।
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