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हकीकत सामने आई तो अवैध टैक्सी स्टैंड के खिलाफ चलाया अभियान
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बरेली। हकीकत सामने आई तो समय सीमा बीतने के बाद अवैध टैक्सी स्टैंड के खिलाफ कई विभागों ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू कर दिया। संयुक्त टीम ने सड़क पर उतरकर सरकारी भूमि पर बने अवैध स्टैंड पर खड़े वाहनों के चालान काटे। खासतौर से सेटेलाइट स्टैंड व नेकपुर में अभियान चलाया गया।
अपर मुख्य सचिव के आदेश में 24 से 30 अप्रैल तक अभियान चलाकर अवैध टैक्सी स्टैंड को हटाने के लिए कहा गया था। यह आदेश सभी जिलों के पुलिस, प्रशासन व परिवहन अधिकारियों के नाम से कार्यालयों को भेजा गया था। इसमें साफतौर पर लिखा था कि भीड़भाड़ वाले चौराहों के आसपास अवैध टैक्सी, ऑटो, बस स्टैंड संचालित किए जा रहे हैं जिससे जाम के साथ ही लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। वहीं माफिया किस्म के लोग भी अवैध रूप से रकम कमा रहे हैं। इनके खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया। अभियान के बाद डीएम, एसएसपी के संयुक्त हस्ताक्षर की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसमें शहर समेत जिले में कोई अवैध टैक्सी स्टैंड न होने की बात कही गई थी।
हाल में ही मुख्यमंत्री के 24 से 48 घंटे में अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश आए तो अधिकारी फिर खानापूर्ति करते हुए सड़क पर उतरे और एक जगह से दूसरी जगह स्टैंड शिफ्ट हो गए। अमर उजाला ने इस स्थिति को फोटो समेत प्रमुखता से प्रकाशित किया और सरकारी विभागों की शासन को भेजी रिपोर्ट की हकीकत बयां कर दी। इसके बाद शनिवार को सीमा तय होने के बाद भी सेटेलाइट स्टैंड और सुभाषनगर के नेकपुर में वाहन खड़े मिले। नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रुप से अभियान चलाकर वाहनों के चालान काटकर वाहनों को हटा दिया।
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अपर मुख्य सचिव के आदेश में 24 से 30 अप्रैल तक अभियान चलाकर अवैध टैक्सी स्टैंड को हटाने के लिए कहा गया था। यह आदेश सभी जिलों के पुलिस, प्रशासन व परिवहन अधिकारियों के नाम से कार्यालयों को भेजा गया था। इसमें साफतौर पर लिखा था कि भीड़भाड़ वाले चौराहों के आसपास अवैध टैक्सी, ऑटो, बस स्टैंड संचालित किए जा रहे हैं जिससे जाम के साथ ही लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। वहीं माफिया किस्म के लोग भी अवैध रूप से रकम कमा रहे हैं। इनके खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया। अभियान के बाद डीएम, एसएसपी के संयुक्त हस्ताक्षर की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसमें शहर समेत जिले में कोई अवैध टैक्सी स्टैंड न होने की बात कही गई थी।
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हाल में ही मुख्यमंत्री के 24 से 48 घंटे में अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश आए तो अधिकारी फिर खानापूर्ति करते हुए सड़क पर उतरे और एक जगह से दूसरी जगह स्टैंड शिफ्ट हो गए। अमर उजाला ने इस स्थिति को फोटो समेत प्रमुखता से प्रकाशित किया और सरकारी विभागों की शासन को भेजी रिपोर्ट की हकीकत बयां कर दी। इसके बाद शनिवार को सीमा तय होने के बाद भी सेटेलाइट स्टैंड और सुभाषनगर के नेकपुर में वाहन खड़े मिले। नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रुप से अभियान चलाकर वाहनों के चालान काटकर वाहनों को हटा दिया।
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