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Bareilly News: 1920 के नक्शे को आधार बनाने पर व्यापारियों में रोष
Thu, 16 Apr 2026 03:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 16 Apr 2026 03:19 AM IST
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बरेली। नैनीताल रोड के चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की ओर से दिए गए नोटिस और मकानों-दुकानों पर लगाए गए लाल निशानों से व्यापारियों और निवासियों में आक्रोश है। रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल ने इस पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए विसंगतियों को दूर करने की मांग की है।
बुधवार को व्यापार मंडल के बैनर तले कई व्यापारी नगर निगम पहुंचे। व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने एक्सईएन राजीव राठी को पत्र सौंपते हुए कहा कि नगर निगम जिस 1920 के नक्शे को आधार बनाकर ध्वस्तीकरण की तैयारी कर रहा है, उस समय इस पूरे क्षेत्र में केवल जंगल हुआ करता था। इस इलाके का वास्तविक शहरी विकास और बसावट 1985 के बाद शुरू हुई है।
व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि यदि पुराने नक्शे को ही मानक माना गया तो रामपुर बाग, डेलापीर और राजेंद्र नगर जैसे बरेली के अधिकांश विकसित और पॉश इलाके भी अतिक्रमण की जद में आ जाएंगे। इससे पूरे शहर की व्यवस्था चरमरा जाएगी।
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गंभीर मुद्दा बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर उठा है। कहा कि जिन दुकानों और मकानों को बीडीए ने खुद जनता को बेचा है, उन्हें अब नगर निगम की ओर से 10 फीट अतिक्रमण की श्रेणी में रखकर नोटिस देना समझ से परे है।
व्यापारियों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सरकारी संस्था से संपत्ति खरीदता है, तो वह इस विश्वास के साथ निवेश करता है कि नक्शा पास होगा और सभी एनओसी प्राप्त होंगी। यदि आज उन संपत्तियों को अवैध बताया जा रहा है, तो इसका मतलब है कि बीडीए ने जनता के साथ धोखाधड़ी की है।
व्यापार मंडल ने सुझाव दिया है कि चूंकि नैनीताल रोड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत आती है, इसलिए चौड़ीकरण का कार्य केवल पीडब्ल्यूडी के नक्शों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना, महानगर अध्यक्ष मनोज कपूर आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को व्यापार मंडल के बैनर तले कई व्यापारी नगर निगम पहुंचे। व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने एक्सईएन राजीव राठी को पत्र सौंपते हुए कहा कि नगर निगम जिस 1920 के नक्शे को आधार बनाकर ध्वस्तीकरण की तैयारी कर रहा है, उस समय इस पूरे क्षेत्र में केवल जंगल हुआ करता था। इस इलाके का वास्तविक शहरी विकास और बसावट 1985 के बाद शुरू हुई है।
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व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि यदि पुराने नक्शे को ही मानक माना गया तो रामपुर बाग, डेलापीर और राजेंद्र नगर जैसे बरेली के अधिकांश विकसित और पॉश इलाके भी अतिक्रमण की जद में आ जाएंगे। इससे पूरे शहर की व्यवस्था चरमरा जाएगी।
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गंभीर मुद्दा बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर उठा है। कहा कि जिन दुकानों और मकानों को बीडीए ने खुद जनता को बेचा है, उन्हें अब नगर निगम की ओर से 10 फीट अतिक्रमण की श्रेणी में रखकर नोटिस देना समझ से परे है।
व्यापारियों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सरकारी संस्था से संपत्ति खरीदता है, तो वह इस विश्वास के साथ निवेश करता है कि नक्शा पास होगा और सभी एनओसी प्राप्त होंगी। यदि आज उन संपत्तियों को अवैध बताया जा रहा है, तो इसका मतलब है कि बीडीए ने जनता के साथ धोखाधड़ी की है।
व्यापार मंडल ने सुझाव दिया है कि चूंकि नैनीताल रोड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत आती है, इसलिए चौड़ीकरण का कार्य केवल पीडब्ल्यूडी के नक्शों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना, महानगर अध्यक्ष मनोज कपूर आदि मौजूद रहे।