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Bareilly News: गैर इरादतन हत्या में दोषी को तीन साल की कैंद, 3,500 रुपये जुर्माना

Thu, 10 Sep 2026 03:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 10 Sep 2026 03:21 AM IST
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Three years imprisonment and Rs 3,500 fine for culpable homicide not amounting to murder
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट (संख्या-छह) ने गैर इरादतन हत्या में दोषी को तीन साल की कैद और 3,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर दोषी को तीन माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
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सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला बेहटी देह जागीर निवासी प्रेम शंकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भतीजा तालेवर उसकी मां से मकान बेचने के कारण रंजिश रखता था। 14 मई 2023 की रात 12 बजे तालेवर घर में घुस आया और मेरी मां पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इससे उसकी मां गंभीर घायल हो गई और उसकी 10 साल की भांजी का हाथ टूट गया। बाद में उसकी मां की मौत हो गई।
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विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या की धाराओं में आरोप विचरित किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी को कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
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युवक की मौत के मामले में गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

फतेहगंज पश्चिमी। डेढ़ माह पहले घरेलू क्लेश के चलते एक युवक की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। आरोपी पत्नी की याचिका पर यह आदेश आया है।

कस्बा के मोहल्ला अंसारी निवासी अब्दुल कादिर ने 28 जुलाई को पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। वह आग की लपटों के साथ घर से बाहर निकला। मोहल्ले के लोगों ने आग बुझाई और परिजनों ने उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अगले दिन 29 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया था। भाई अब्दुल खालिद ने अब्दुल कादिर के ससुराल पक्ष और पत्नी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पत्नी सादमा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सफाई दी। उसने दलील दी कि यह हादसा था और घायल को उन्होंने ही अस्पताल पहुंचाया था। सादमा ने संपत्ति विवाद में दबाव बनाने के लिए झूठा केस दर्ज कराने का आरोप लगाया। दो सितंबर को जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस देवेश चंद्र सामंत की पीठ ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। संवाद
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