राजस्थान बस हादसा: पीलीभीत के पूरनपुर से ईंट भट्ठे पर जा रहे थे मजदूर, पिता-पुत्री की मौत से घर में मचा कोहराम
राजस्थान के जयपुर से करीब 50 किमी दूर मनोरथपुर इलाके में हुए बस हादसे में पीलीभीत निवासी पिता-पुत्री की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया।
विस्तार
राजस्थान के जयपुर से करीब 50 किमी दूर मनोरथपुर इलाके में हुए बस हादसे में शामिल मजदूर सोमवार की शाम पीलीभीत के पूरनपुर से रवाना हुए थे। ये सभी पूरनपुर कोतवाली के गांव शेरपुर के मोहल्ला नौगंवा निवासी थे। मंगलवार को हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे में नौगंवा निवासी नसीम और उनकी बेटी सहीनम की मौत हुई है।
गांव निवासी नसीम की पुत्री गरकशा ने अपने भाई राजा से बात की। उसने बताया कि सुबह आठ बजे बात हुई तब भाई ने कहा था कि वे लोग भट्ठे पर पहुंचने वाले हैं। थोड़ी देर बाद बात की तो हादसे का पता चला और भाई ने दो लोगों के मरने की जानकारी दी। इसके बाद से किसी से बात नहीं हो सकी। हादसे की खबर सुन परिजनों में चीख-पुकार मच गई। गांव के जिन घरों से लोग साथ गए थे, उन घरों में भी कोहराम मचा है।
संबंधित खबर- Rajasthan News: जयपुर में हाईटेंशन लाइन से टकराकर जल उठी बस, तीन की मौत, 12 से ज्यादा लोग झुलसे
ईंट भट्ठे से आधा किमी पहले हादसा, मची चीख पुकार
बरेली के बहेड़ी की इस बस को एक ठेकेदार ने बुक कराया था। पूरनपुर के आसपास गांवों के मजदूरों को ईंट भट्ठे पर काम करने को भेजा गया। हादसा ईंट भट्ठे से करीब आधा किमी पहले हुआ और जिले के दो मजदूरों की मौत हो गई।
बहेड़ी निवासी बस मालिक आरिफ ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 10 बजे बस के कंडक्टर ने हादसे की सूचना दी। कंडक्टर ने यह भी बताया कि बस ईंट भट्ठे पर ही पहुंचने वाली थी। करीब आधा किलोमीटर पहले हादसा हो गया। कंडक्टर ने बस मालिक को यह भी बताया कि बस की बुकिंग कराने वाले ठेकेदार ने जिस लड़के को साथ भेजा था, उसी ने बस को ईंट भट्ठे तक ले जाने की जिद की।
हादसे के बाद से यात्री में खौफ, बात करना भी मुश्किल
आरिफ ने बताया कि कंडक्टर से बात करने के बाद उनकी किसी से दोबारा बात नहीं हो सकी। हादसे के बाद से यात्रियों में खौफ है। लोग इतना डरे हैं कि कुछ बता भी नहीं पा रहे है। बस में सवार मजदूर किस गांव के थे यह जानकारी जुटाई जा रही है।