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Bareilly News: लुटेरों और गोतस्करों के तीन सक्रिय गिरोह पंजीकृत
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बरेली। जिले में गोतस्करी, मादक पदार्थों की आपूर्ति और लूट करने वाले बदमाशों के तीन नए गिरोह पंजीकृत हुए हैं। इनमें शामिल 10 बदमाशों पर करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं।
मीरगंज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने मोहल्ला सिकोही थाना बहेड़ी निवासी अशफाक को गिरोह का सरगना बनाकर तीन गुर्गों को शामिल किया है। इनमें गांव भीमलौर रसूलपुर आंवला निवासी रविंद्र यादव, मोहल्ला केलाबाग किला निवासी पंकज यादव और मोहल्ला कुसुम नगर कॉलोनी बारादरी निवासी गुरजीत सिंह शामिल हैं। सरगना समेत तीनों गुर्गों पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह को लूटपाट गैंग की श्रेणी में डी-205 नाम दिया गया है।
दूसरा गिरोह मीरगंज थाना क्षेत्र के गुलड़िया निवासी शान खां का है। इसमें अब्दुल नवी और मोहम्मद उमर को शामिल किया गया है। गिरोह पर कुल 10 मुकदमे हैं। ये मादक पदार्थों की सप्लाई करते हैं। गिरोह को मादक पदार्थों की तस्करी में डी-206 के रूप में पंजीकृत किया गया है। संरक्षित पशुओं की हत्या करने वाले मोहल्ला अफसरयान कस्बा मीरगंज निवासी शाहिद कुरैशी का भी गैंग डी-207 के रूप में दर्ज किया गया है। सरगना शाहिद के साथी मोहल्ला सूफी टोला मीरगंज निवासी हसनैन कुरैशी और सरताज आर्थिक लाभ के लिए संरक्षित पशुओं का कटान करते हैं।
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संरक्षित पशुओं की हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी और लूट करने वाले बदमाशों के तीन गिरोह मीरगंज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर पंजीकृत किए गए हैं। इनमें शामिल 10 बदमाशों पर अलग-अलग 50 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। - मुकेश प्रताप सिंह, एसपी क्राइम
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मीरगंज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने मोहल्ला सिकोही थाना बहेड़ी निवासी अशफाक को गिरोह का सरगना बनाकर तीन गुर्गों को शामिल किया है। इनमें गांव भीमलौर रसूलपुर आंवला निवासी रविंद्र यादव, मोहल्ला केलाबाग किला निवासी पंकज यादव और मोहल्ला कुसुम नगर कॉलोनी बारादरी निवासी गुरजीत सिंह शामिल हैं। सरगना समेत तीनों गुर्गों पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह को लूटपाट गैंग की श्रेणी में डी-205 नाम दिया गया है।
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दूसरा गिरोह मीरगंज थाना क्षेत्र के गुलड़िया निवासी शान खां का है। इसमें अब्दुल नवी और मोहम्मद उमर को शामिल किया गया है। गिरोह पर कुल 10 मुकदमे हैं। ये मादक पदार्थों की सप्लाई करते हैं। गिरोह को मादक पदार्थों की तस्करी में डी-206 के रूप में पंजीकृत किया गया है। संरक्षित पशुओं की हत्या करने वाले मोहल्ला अफसरयान कस्बा मीरगंज निवासी शाहिद कुरैशी का भी गैंग डी-207 के रूप में दर्ज किया गया है। सरगना शाहिद के साथी मोहल्ला सूफी टोला मीरगंज निवासी हसनैन कुरैशी और सरताज आर्थिक लाभ के लिए संरक्षित पशुओं का कटान करते हैं।
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संरक्षित पशुओं की हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी और लूट करने वाले बदमाशों के तीन गिरोह मीरगंज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर पंजीकृत किए गए हैं। इनमें शामिल 10 बदमाशों पर अलग-अलग 50 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। - मुकेश प्रताप सिंह, एसपी क्राइम