Bareilly News: नाइजीरियन गैंग के लिए करते थे साइबर ठगी, किराये के खातों में मंगाते थे रकम, तीन गिरफ्तार
पुलिस ने धंतिया निवासी साजिद खां, मोइन खान, मोहम्मद राशिद खां को गिरफ्तार किया है, जबकि भूरा उर्फ अफसर अली, जाबिर, राशिद खां फरार हो गए हैं। ये आरोपी नाइजीरियन गैंग के लिए काम करते हैं।
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बरेली के थाना फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने सोमवार को धंतिया के तीन साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल दिया। तीनों आरोपी नाइजीरियन गैंग के साथ मिलकर साइबर ठगी करते हैं। तीनों शातिर ग्रामीणों के खाते खुलवाकर उनमें ठगी व हवाला की रकम मंगाते हैं।
पुलिस ने धंतिया निवासी साजिद खां, मोइन खान, मोहम्मद राशिद खां को गिरफ्तार किया है, जबकि भूरा उर्फ अफसर अली, जाबिर, राशिद खां फरार हो गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से कार, तीन आधार कार्ड, पैन कार्ड, मेट्रो कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, दस मोबाइल, लैपटॉप और 6 आईपैड बरामद किए हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नाइजीरियन साइबर ठगों के लिए खाते खुलवाते हैं, जिनमें देशभर से साइबर ठगी करके रकम डाली जाती है। इन खातों का प्रयोग नाइजीरियन ठग विभिन्न तरीके से साइबर ठगी के लिए करते हैं। गिरफ्तार किए राशिद उर्फ नन्हा पर पहले से साइबर ठगी के कई मामले दर्ज हैं।
साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं धंतिया के खाते
हवाला और साइबर ठगी के लिए फतेहगंज पश्चिमी का गांव धंतिया काफी चर्चित है। कई राज्यों में धंतिया के लोग साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं। धंतिया के साइबर ठगों ने आसपास के कई गांवों के लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके खाते खुलवा रखे हैं।वह उनके आधार कार्ड, डेबिट कार्ड व पासबुक अपने पास रखते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम डालने व निकालने के लिए किया जाता है। ठगी के बाद ठग खाता धारकों को मामूली कमीशन देते हैं। साइबर ठगी में लगे नाइजीरियन भी स्थानीय ठगों के साथ मिलकर इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लिए करते हैं।
पुलिस का पैंतरा : पकड़े आरोपी भी दिखाए फरार
स्मैक सिंडिकेट, रबड़ फैक्टरी से लोहा चोरी और धंतिया के साइबर ठगों के पनपने में स्थानीय फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस पर अंगुलियां उठती रहती हैं। सूत्रों के मुताबिक शनिवार रात ही पुलिस ने धंतिया के करीब दस लोगों को पकड़ लिया था। रविवार को थाने में सात ही लोग रह गए।अब सोमवार को पुलिस की कार्रवाई में तीन ही गिरफ्तारी दिखाई गई है। चर्चा है कि जिन तीन लोगों को फरार दिखाया गया है, उनके अलावा और लोग भी पुलिस की हिरासत में थे। हालांकि पुलिस सफाई दे रही है कि पूछताछ के लिए लोग बुलाए गए थे, जो साक्ष्य न मिलने पर छोड़ दिए।
सरगना पर करम : न स्कूल गिराया न गैंगस्टर लगाया
थाना पुलिस के रहमोकरम से धंतिया में साइबर ठग गैंग का सरगना फिलहाल गांव में ही रह रहा है। वह जमानत पर छूटा है। उसका स्कूल तोड़ने के साथ ही उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होनी थी, जिसे दबा दिया गया। पिछली साल बीडीए ने धंतिया में एक बड़े साइबर ठग के मकान को अवैध बताकर ढहा दिया था।
अब उस मकान व जमीन का दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है। धंतिया के साइबर ठगों ने आसपास के कई गांवों में जमीन खरीद रखी है। बाईपास किनारे की बेशकीमती जमीन भी ठगों के नाम है। खिरका, बल्लाकोठा, सीबीगंज इलाकों में भी साइबर ठगों की कीमती जमीन है। पुलिस आरोपियों की संपत्ति चिह्नित करने में लगी है।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि नाइजीरियन साइबर ठगों के लिए काम करने वाले धंतिया के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इनके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। इनसे मिली जानकारियों के आधार पर आगे की पड़ताल व कार्रवाई की जाएगी।