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नोएडा के इंजीनियर से ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार

Sat, 07 Aug 2021 01:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Aug 2021 01:59 AM IST
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Three accused of cheating Noida engineer arrested
पकड़े गए ठगी के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

नवाबगंज और सीबीगंज से हुई गिरफ्तारी, धंतिया के ठगों के गुर्गे हैं आरोपी
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साइबर ठगी के लिए आरोपियों ने देश भर में खुलवाए थे करीब सौ खाते

नवाबगंज (बरेली)। नोएडा के इंजीनियर तरुण वार्ष्णेय से ठगी के मामले में नोएडा पुलिस ने नवाबगंज के गांव खिजरपुर निवासी अनीस अहमद, अस्लीम खान और सीबीगंज में तिलियापुर के अकीलुद्दीन को गिरफ्तार किया है। लंदन में संपत्ति दिलाने के नाम पर इंजीनियर से 60 लाख रुपये की ठगी की गई थी। तीनों आरोपी फतेहगंज पश्चिमी के गांव धंतिया के साइबर ठगों के गुर्गे हैं।
नोएडा के सी 203 पार्क एवेन्यू गौर सिटी प्रथम निवासी आईटी इंजीनियर तरुण वार्ष्णेय की मेल आईडी पर आठ जनवरी, 2019 को यूनाइटेड किंगडम से एडवोकेट ब्रजुएडी के नाम से मेल आया। उसमें बताया गया कि यूनाइटेड किंगडम के ब्रज वार्ष्णेय की वर्ष 2005 में सड़क हादसे में परिवार समेत मौत हो चुकी है। वार्ष्णेय गोत्र के कारण उनका वारिस बनाने के लिए तरुण वार्ष्णेय को प्रस्ताव दिया गया। झांसा दिया कि उनके बैंक लॉकर में 12.5 मिलियन पाउंड जमा हैं जो तरुण के खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसमें 50 प्रतिशत कमीशन एडवोकेट ब्रजुएडी का होगा।
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तरुण के तैयार होने पर उनसे फंड रिलीज फार्म भरवाया गया। फिर उन्हें मेल आया कि धनराशि आरबीआई मुंबई में जमा करा दी गई है। इसके बाद आरबीआई के विदेशी मुद्रा विनिमय विभाग, देहरादून से उनके पास मेल आने लगे। जब वह ठगों के झांसे में फंस गए तो रजिस्ट्री कराने, वारिसान परिवर्तन, विदेशी करेंसी को भारतीय करेंसी में बदलने आदि के नाम पर 25 बैंक खातों में उनसे लगभग साठ लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद तरुण को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद नोएडा की साइबर पुलिस ने बृहस्पतिवार को नवाबगंज और सीबीगंज में दबिश देकर अनीस, अस्लीम और अकीलुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को नोएडा में उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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आठवीं, दसवीं पास हैं ठग, हर महीने करते थे लाखों की कमाई

नवाबगंज। गिरफ्तार आरोपियों में अकीलदुद्ीन व अनीस हाईस्कूल और अस्लीम आठवीं तक पढ़ा है। मगर साइबर ठगी के जरिये हर महीने वे लाखों रुपये की कमाई करते थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि फतेहगंज पश्चिमी के धंतिया में रहने वाले जाबिर और राशिद उनके पुराने परिचित हैं। ये दोनों उन लोगों केे आईडी और आधार कार्ड में पता बदलवाकर गुड़गांव, हरियाणा, जयपुर के पते पर देश भर में विभिन्न बैंकों में उनके खाते खुलवाते हैं।

इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, उसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर आदि अपने पास रख लेते हैं। उन लोगों को प्रति बैंक खाता हर महीने बीस हजार रुपये नकद देते थे। बताया कि जाबिर और राशिद ने उन लोगों के करीब सौ बैंक खाते खुलवाकर चार-चार लाख रुपये एडवांस दिए थे और 50-50 हजार रुपये बाद में देने का वादा भी किया था। नोएडा के इंजीनियर से 60 लाख रुपये की ठगी के बाद आरोपियों ने येे रुपये 25 बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस इन सभी खातों में 13 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं लेकिन कार्रवाई होने तक बाकी रुपये ठगों ने ठिकाने लगा दिए। संवाद
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