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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Three accused including a doctor and nurse arrested in Bareilly for child trafficking

Child Trafficking: बरेली में डॉक्टर-नर्स समेत तीन गिरफ्तार, डेढ़ साल में दो बच्चे बेचे; कई जिलों में नेटवर्क

Sat, 30 May 2026 06:31 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 30 May 2026 06:31 PM IST
सार

बरेली में पुलिस ने डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। इस गिरोह के कुल छह सदस्य अब तक पकड़े जा चुके हैं। ये लोग निसंतान दंपतियों को बच्चे बेचते थे।

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Three accused including a doctor and nurse arrested in Bareilly for child trafficking
बच्चा चोरी के आरोपी - फोटो : पुलिस मीडिया सेल

विस्तार

बरेली में आंवला थाना पुलिस ने गांव मनौना स्थित श्याम मंदिर से डेढ़ वर्षीय बच्चे को अगवा करने के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने शनिवार को तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। 

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एसपी दक्षिणी ने बताया कि बदायूं, बरेली के साथ लखीमपुर व सीतापुर के लोग गिरोह में शामिल थे, जो बच्चे चोरी करके निसंतान दंपतियों को बेचते थे। कुल छह सदस्य अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं। एसपी ने बताया कि संजय कुमार विश्वास मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी व कई साल से सीतापुर के महोली थाने के उलदौली में रहकर अस्पताल चला रहा था। वह खुद को डॉक्टर बताता था पर उसकी बीएचएमएस की डिग्री को लेकर अभी असमंजस है। 
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लखीमपुर खीरी के थाना मैगलगंज के गांव भगवतीपुर निवासी केशवराम इंटर पास है लेकिन वह भी निजी क्लीनिक चला रहा था। इनके अलावा बच्चों की तस्करी व खरीद-फरोख्त में मुख्य भूमिका सीता की रही है। सीता बदायूं के दातागंज थाने के गाजीपुर गांव निवासी मनोज चौहान की पत्नी है और फिलहाल मीरगंज के गांव रसूलपुर में रह रही है। 

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डेढ़ साल में दो बच्चों को बेचा 
सीता जिले के एक नामी मेडिकल कॉलेज में नर्स है और पूर्व में जेल भेजे गए लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम वाजपेयी व उक्त लोगों के साथ मिलकर बच्चा चोरी का रैकेट चला रही थी। इन्होंने स्वीकार किया है कि डेढ़ साल में ये लोग दो बच्चों को चोरी करके पांच-पांच लाख रुपये में बेच चुके हैं। मनौना से जिस बच्चे को अगवा किया, वह इनका तीसरा शिकार था। 

पूछताछ में हुआ ये खुलासा 
पूछताछ में संजय कुमार विश्वास और केशवराम उर्फ मंजेश ने बताया कि वे उत्तम वाजपेयी के साथ बच्चों की खरीद-फरोख्त करते थे। उन्होंने उत्तम को पहले भी बच्चे दिए थे, जिन्हें उत्तम अपने साथियों योगेश और पवन के साथ सीता को बेच देता था। उत्तम उन्हें हर बच्चे के लिए एक लाख बीस हजार रुपये देता था। उत्तम भीड़भाड़ वाली जगहों, अस्पतालों या मंदिरों से बच्चों का अपहरण करता था।
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