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Bareilly News: हत्या की कोशिश में तीन दोषियों को छह साल कैद
Thu, 09 Nov 2023 01:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 09 Nov 2023 01:34 AM IST
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बरेली। हत्या की कोशिश के दोषी तीन लोगों को कोर्ट ने छह-छह साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
राजाराम की ओर से फतेहगंज पूर्वी थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा कि उनके भाई जगदीश और आरोपियों के बीच आवासीय भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद था। 11 जून, 2012 की सुबह करीब छह बजे उसकी भतीजी कल्पना कूड़ा डालने गई थी। आरोपी ओमवीर, अरविंद व मनोज ने उसे कूड़ा डालने से मना किया और डांटा।
शोर सुनकर भाई जगदीश व रामनिवास वहां पहुंचे। मनोज ने जगदीश पर तमंचे से फायर किया और अन्य आरोपियों ने भी तीनों को पीटा। रामनिवास व कल्पना के मुंह और जगदीश के सीने पर चोट आई हैं। जांच के बाद ओमवीर, अरविंद व मनोज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।
गवाही के दौरान सरकारी वकील तेजपाल सिंह राघव ने सात गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव की कोर्ट ने ओमवीर, अरविंद और मनोज को दोषी ठहराते हुए सजा का आदेश किया। संवाद
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दुष्कर्म की कोशिश करने वाले को चार साल की सजा
बरेली। नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश करने के दोषी को अदालत ने चार साल कैद की सजा सुनाई है। थाना अलीगंज में दर्ज रिपोर्ट में पीड़िता की मां बताया था कि 11 दिसंबर, 2013 को उनकी 14 वर्ष की बेटी शौच के लिए गई थी। तभी अभियुक्त मनीष ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। बेटी चिल्लाई तो वह बेटा और गांव के लोगों के साथ पहुंची। आरोपी मनीष को मौके पर पकड़ लिया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सुभव कुमार मिश्रा ने सात गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट रामदयाल की कोर्ट ने मनीष को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। 10 हजार रुपये जुर्माने की राशि पीड़िता के माता-पिता को देने का आदेश भी दिया। संवाद
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दहेज हत्या के आरोपी ससुर की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। दहेज हत्या के आरोपी ससुर की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह की अदालत ने खारिज कर दी। घटना थाना फरीदपुर की है। मृतका के पिता महेंद्र पाल ने लिखाई गई रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने बेटी नीशू की शादी आठ मई को महिपाल के बेटे मोहित से की थी। शादी के बाद बेटी के ससुराल वाले पांच लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इन लोगाें की मारपीट की वजह से वह नीशू को अपने घर ले आए। 14 अगस्त को मोहित नीशू को यह कहकर घर ले गया कि उसे अब परेशान नहीं करेगा। 19 अगस्त को पुलिस ने वादी को सूचना दी कि उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। वादी जब बेटी की ससुराल पहुंचा तो नीशू मरी पड़ी थी। उसका पति, सास, ससुर व ननद घर से फरार थे। आंगन में शराब की बोतलें खुली पड़ी थीं। मृतका के ससुर महिपाल की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई, जिसका विरोध सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने किया। कोर्ट ने अभियुक्त महिपाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद
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राजाराम की ओर से फतेहगंज पूर्वी थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा कि उनके भाई जगदीश और आरोपियों के बीच आवासीय भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद था। 11 जून, 2012 की सुबह करीब छह बजे उसकी भतीजी कल्पना कूड़ा डालने गई थी। आरोपी ओमवीर, अरविंद व मनोज ने उसे कूड़ा डालने से मना किया और डांटा।
शोर सुनकर भाई जगदीश व रामनिवास वहां पहुंचे। मनोज ने जगदीश पर तमंचे से फायर किया और अन्य आरोपियों ने भी तीनों को पीटा। रामनिवास व कल्पना के मुंह और जगदीश के सीने पर चोट आई हैं। जांच के बाद ओमवीर, अरविंद व मनोज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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गवाही के दौरान सरकारी वकील तेजपाल सिंह राघव ने सात गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव की कोर्ट ने ओमवीर, अरविंद और मनोज को दोषी ठहराते हुए सजा का आदेश किया। संवाद
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दुष्कर्म की कोशिश करने वाले को चार साल की सजा
बरेली। नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश करने के दोषी को अदालत ने चार साल कैद की सजा सुनाई है। थाना अलीगंज में दर्ज रिपोर्ट में पीड़िता की मां बताया था कि 11 दिसंबर, 2013 को उनकी 14 वर्ष की बेटी शौच के लिए गई थी। तभी अभियुक्त मनीष ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। बेटी चिल्लाई तो वह बेटा और गांव के लोगों के साथ पहुंची। आरोपी मनीष को मौके पर पकड़ लिया। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सुभव कुमार मिश्रा ने सात गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट रामदयाल की कोर्ट ने मनीष को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। 10 हजार रुपये जुर्माने की राशि पीड़िता के माता-पिता को देने का आदेश भी दिया। संवाद
दहेज हत्या के आरोपी ससुर की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। दहेज हत्या के आरोपी ससुर की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह की अदालत ने खारिज कर दी। घटना थाना फरीदपुर की है। मृतका के पिता महेंद्र पाल ने लिखाई गई रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने बेटी नीशू की शादी आठ मई को महिपाल के बेटे मोहित से की थी। शादी के बाद बेटी के ससुराल वाले पांच लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इन लोगाें की मारपीट की वजह से वह नीशू को अपने घर ले आए। 14 अगस्त को मोहित नीशू को यह कहकर घर ले गया कि उसे अब परेशान नहीं करेगा। 19 अगस्त को पुलिस ने वादी को सूचना दी कि उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। वादी जब बेटी की ससुराल पहुंचा तो नीशू मरी पड़ी थी। उसका पति, सास, ससुर व ननद घर से फरार थे। आंगन में शराब की बोतलें खुली पड़ी थीं। मृतका के ससुर महिपाल की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई, जिसका विरोध सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने किया। कोर्ट ने अभियुक्त महिपाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद