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रामगंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:54 AM IST
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Thousands of devotees in Ramganga Caused by the plunge of faith
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को रामगंगा में आस्था का सैलाब उमड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारे के साथ चौबारी स्थित रामगंगा घाट पर स्नान किया। भोर से ही श्रद्धालुओं ने स्नान का सिलसिला शुरू कर दिया था, जो शाम होने तक चलता रहा। रेलवे पुल के नीचे पूरब दिशा में बने परंपरागत घाट की ओर पानी अधिक होने से पुलिस-प्रशासन ने यहां स्नान प्रतिबंधित करके पश्चिमी दिशा को सड़क मार्ग स्थित पुल के नीचे घाट बनाया था, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे पुलिस का वश नहीं चला। पुराने घाट पर भी स्नान किया गया, जबकि यहां तक जाने से लोगों को रोकने के लिए रास्ते में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे, लेकिन पुलिस कर्मी भीड़ को रोक पाने में नाकाम रहे। भोर से दोपहर तक इतनी भीड़ रही कि घाट भी कम पड़ गए।
स्नान की व्यवस्था के लिए घाट पर पुलिस फोर्स का खासा बंदोबस्त किया गया था। गोताखोर भी तैनात थे। उन्होंने चार लोगों को डूबने से भी बचाया। इनमें दो महिलाएं भी डूबने से बचाई गईं। पीएसी की नावें रामगंगा में लगातार चौकसी करती रहीं। बांध से पर्याप्त पानी न छोड़े जाने की वजह से श्रद्धालुओं ने रामगंगा का पानी गंदा होेने की शिकायत की। बदायूं रोड से घाट तक जाने के लिए प्रशासन ने अस्थाई मार्ग बनवाया था, लेकिन इस पर लाइटों का कोई बंदोबस्त न होने से भोर में स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को काफी असुविधा हुई। घाट पर पंडों-पुजारियों से श्रद्धालुओं ने हवन, पूजन और सत्यनारायण व्रत की कथा भी कराई। छोटे बच्चों का मुंडन भी कराया गया। ग्रामीण संस्कृति में रची-बसी लोकआस्था की झलक रामगंगा तट पर दिखाई दी।
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स्नान की व्यवस्था के लिए घाट पर पुलिस फोर्स का खासा बंदोबस्त किया गया था। गोताखोर भी तैनात थे। उन्होंने चार लोगों को डूबने से भी बचाया। इनमें दो महिलाएं भी डूबने से बचाई गईं। पीएसी की नावें रामगंगा में लगातार चौकसी करती रहीं। बांध से पर्याप्त पानी न छोड़े जाने की वजह से श्रद्धालुओं ने रामगंगा का पानी गंदा होेने की शिकायत की। बदायूं रोड से घाट तक जाने के लिए प्रशासन ने अस्थाई मार्ग बनवाया था, लेकिन इस पर लाइटों का कोई बंदोबस्त न होने से भोर में स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को काफी असुविधा हुई। घाट पर पंडों-पुजारियों से श्रद्धालुओं ने हवन, पूजन और सत्यनारायण व्रत की कथा भी कराई। छोटे बच्चों का मुंडन भी कराया गया। ग्रामीण संस्कृति में रची-बसी लोकआस्था की झलक रामगंगा तट पर दिखाई दी।
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