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Bareilly News: बच्चों से अपराध कराने वाले अब जाएंगे जेल
Sat, 13 Jul 2024 06:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 13 Jul 2024 06:10 AM IST
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बरेली। नए कानून को लेकर शुक्रवार को कचहरी में कार्यशाला हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव ने अधिवक्ताओं को नए कानून के तमाम पहलुओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अब बच्चों से अपराध कराने वाले भी जेल जाएंगे। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध को नए कानून में खासी तवज्जो दी गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव ने बताया कि केरल व कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वीएस मलिमथ ने कानून में सुधार की सिफारिश की थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने वर्ष 2000 में मलीमथ समिति का गठन किया। इसके बाद लंबे समय तक कानून में सुधार पर कार्य चलता रहा। जिसे सरकार ने अब लागू किया है। कार्यशाला में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध विषय पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि नए कानून के तहत महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध संबंधी सभी कानून एक साथ कर दिए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता में धारा 63 से 99 तक सभी धाराएं महिलाओं के अपराध से संबंधित हैं। इसके अलावा बच्चों के प्रति होने वाले अपराध के मामलों में अब उनसे अपराध कराने वालों को भी सजा का प्रावधान किया गया है। पहले बच्चों के नाबालिग होने पर उन्हें किशोर जेल भेज दिया जाता था। अपराध कराने वाले साफ बच जाते थे, लेकिन अब बच्चों से अपराध कराने वालों पर बीएनएस की धारा 95 से लेकर 96 तक रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इसी तरह मारपीट से लेकर हत्या तक की धाराओं को एक ही क्रम में रखा गया है। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि कानून में कुछ कमियां हो लेकिन यह अभी नहीं आने वाले समय में पता चलेगा जब अधिवक्ता अदालतों में इस कानून के अनुसार बहस करेंगे।
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वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव ने बताया कि केरल व कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वीएस मलिमथ ने कानून में सुधार की सिफारिश की थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने वर्ष 2000 में मलीमथ समिति का गठन किया। इसके बाद लंबे समय तक कानून में सुधार पर कार्य चलता रहा। जिसे सरकार ने अब लागू किया है। कार्यशाला में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध विषय पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि नए कानून के तहत महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध संबंधी सभी कानून एक साथ कर दिए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता में धारा 63 से 99 तक सभी धाराएं महिलाओं के अपराध से संबंधित हैं। इसके अलावा बच्चों के प्रति होने वाले अपराध के मामलों में अब उनसे अपराध कराने वालों को भी सजा का प्रावधान किया गया है। पहले बच्चों के नाबालिग होने पर उन्हें किशोर जेल भेज दिया जाता था। अपराध कराने वाले साफ बच जाते थे, लेकिन अब बच्चों से अपराध कराने वालों पर बीएनएस की धारा 95 से लेकर 96 तक रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इसी तरह मारपीट से लेकर हत्या तक की धाराओं को एक ही क्रम में रखा गया है। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि कानून में कुछ कमियां हो लेकिन यह अभी नहीं आने वाले समय में पता चलेगा जब अधिवक्ता अदालतों में इस कानून के अनुसार बहस करेंगे।
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