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Bareilly News: जो वर्दी को कर रहे दागदार, उन्हें पकड़ने में कांप रहे हाथ

Fri, 05 Apr 2024 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 01:42 AM IST
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Those who are staining the uniform, hands are trembling to hold them
बरेली। जिले में खाकी को दागदार कर रहे पुलिस कर्मियों पर पुलिस ही मेहरबान है। आम लोगों को पकड़ने में तेजी दिखाने वाली पुलिस अपने विभाग से जुड़े लोगों की बड़े मामलों में भी गिरफ्तारी से परहेज करती है। ढिलाई के चलते आरोपी पुलिसकर्मी न्यायालय में ही सरेंडर कर रहे हैं और पीड़ित पक्ष सख्त कार्रवाई की उम्मीद लिए भटक रहे हैं। तीन दिन पहले शराब की दुकान की कैंटीन में सिपाहियों और उनके साथियों के हंगामे और मामले में अब तक किसी के न पकड़े जाने से पुलिस की भूमिका फिर सवालों में है। आइए जानते हैं कि क्या है विभिन्न लंबित मामलों में पुलिस कार्रवाई की स्थिति?
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सुभाषनगर थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले सिपाही और उसके साथियों ने खाकी को शर्मसार करते हुए शराब की दुकान की कैंटीन में घुसकर उसके मालिक पर लात-घूंसे बरसाए थे। सुभाषनगर थाने में गणेशनगर निवासी अमित सक्सेना ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह अपनी कैंटीन पर बैठे थे तभी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही रामू, महेंद्र और तनु अपने साथियों को लेकर आए और रुपये मांगने लगे। मना करने पर अमित पर लात-घूंसे बरसा दिए। मामले में सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट तो दर्ज हुई लेकिन अभी तक गिरफ्तारी किसी की नहीं हो सकी है।
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हनीट्रैप में लोगों को फंसाकर उनसे वसूली करने के आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ 26 फरवरी को किला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तभी से आरोपी दरोगा सौरभ कुमार और सिपाही कौलेंद्र गायब हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बना भी तो एक कथित पत्रकार को पकड़कर कोटा पूरा कर लिया। इसके बाद से तफ्तीश और तलाश फिर शून्य है। दरोगा और सिपाही कहां हैं? किसी को कुछ नहीं पता। वहीं चर्चा है कि सभी आरोपी अपने घरों पर हैं और उनके मोबाइल भी खुले हैं। वे बचने के लिए हाईकोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं।
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शहर में पहले तैनात रहे एक दरोगा और पुलिस लाइन में तैनात सिपाही के खिलाफ बीते महीने 14 मार्च को दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एडीजी से एक युवती ने शिकायत की थी कि स्टेशन चौकी इंचार्ज रहे व इन दिनों पीलीभीत में तैनात दरोगा सिद्धांत शर्मा से उसकी दोस्ती हो गई थी। दरोगा ने फ्लैट पर बुलाकर दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। दरोगा के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट तो दर्ज हुई लेकिन गिरफ्तारी की कोशिश नहीं की गई। वहीं सीतापुर की एक युवती ने बरेली पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नितिन पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। सिपाही के खिलाफ भी कोतवाली में रिपोर्ट तो दर्ज हुई लेकिन आगे की कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी।
किसान संतोष शर्मा हत्याकांड जिले में खासा चर्चित हुआ था। बीते वर्ष 10 नवंबर 2023 को हुई इस घटना के मामले में सरदार नगर चौकी इंचार्ज टिंकू कुमार, दरोगा नेपाल सिंह, सिपाही दीपक, मनोज, पुष्पेंद्र और अंकित आरोपी बने थे। इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर भी पुलिस आंखमिचौली खेलती रही। हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले में भी अपनों की गर्दन बचाने के लिए कछुआ चाल से विवेचना हुई। इस बीच आरोपी बचने के लिए पैरवी करते रहे। मृतक के भाई ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए तो हत्यारे पुलिसवालों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बढ़ गया। संतोष के भाई ने पैरवी कर कोर्ट से आरोपियों के गैर जमानती वारंट करा दिए। इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई और आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की ढुलमुल जांच के कारण ही छह आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई। अब मृतक का भाई पुलिस पर अपनों को बचाने का आरोप लगा रहा है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के तहत सात साल से कम सजा के मामलों में गिरफ्तारी न करने का प्रावधान है। यही व्यवस्था पुलिसकर्मियों पर दर्ज मामलों में भी प्रभावी होती है। बाकी मामलों में पुलिसकर्मियों की भी गिरफ्तारी होती है, उनके लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी
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