फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   This time the stature of Ravan's effigy will remain small

अबकी बार छोटा रहेगा रावण के पुतले का कद

Thu, 22 Oct 2020 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 02:11 AM IST
विज्ञापन
This time the stature of Ravan's effigy will remain small
demo photo - फोटो : demo photo

अब तक किसी ने नहीं ली है दशहरा मेले की परमीशन
विज्ञापन

रस्म अदायगी के तौर पर महज 5 से 10 फिट ऊंचे ही पुतले फूंके जाएंगे

बरेली। शहर में इस बार भव्य रावण, कुंभकरण-मेघनाद का पुतला फुंकते देखने को नहीं मिलेगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने कहीं भी दशहरा मेला आयोजन की अनुमति नहीं दी है। खुद मेला कमेटी के आयोजकों ने कोरोना गाइड लाइन को देखकर हाथ खड़े कर लिए हैं। परंपरा निभाने के तौर पर माना जा रहा था कि कुछेक जगह दशहरा पर रावण का पुतला दहन संभव है, लेकिन वहां भी इस बार काफी छोटे कद के ही पुतले फूंके जाएंगे।
शासन ने इस बार त्योहारों के लिए गाइड लाइन तय कर दी है, जिसमें साफ है कि किसी भी धार्मिक आयोजन में 100-200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। यही कारण है कि शहर में हर साल होने वाली रामलीलाएं इस बार नहीं हो रही हैं। महज चौधरी तालाब के पास ही रामलीला हो रही है। यहां बता दें कि 25 अक्तूबर को दशहरा है। ऐेसे में लोग पसोपेश में हैं कि दशहरा मेला लगेगा या नहीं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बगैर अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा न ही किसी भी प्रकार से भीड़ ही जुटने दी जाएगी।
विज्ञापन

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आयोजन पर रोक नहीं है, लेकिन उसके लिए अनुमति आवश्यक होगी। साथ ही कोरोना की गाइड लाइन का भी पालन करना और कराना सुनिश्चित करना होगा, जिसे देखते हुए अधिकांश जगह पर कमेटी के लोगों ने रामलीला मंचन न कराने का फैसला लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां बता दें कि शहर में जोगी नवादा, सुभाष नगर, चौधरी तालाब, ब्रह्मपुरी आदि जगहों पर सालों से रामलीला होती आ रही हैं। यहां पर दशहरे वाले दिन मेला भी लगता है। रावण के 40 से 50 फिट ऊंचे पुतले तक जलाए जाते हैं। बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं होगा। केवल परंपरा का निर्वाह करते हुए आयोजक रावण का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंक सकेंगे, जिनकी लंबाई महज 5 से 15 फिट तक होने की संभावना है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए धार्मिक आयोजनों के लिए शासन ने पहले से ही गाइड लाइन जारी कर रखी है, जिसके मुताबिक किसी को भी धार्मिक आयोजन करने की मनाही नहीं है, लेकिन जिसे आयोजन करना या कराना है वह कोरोना की गाइडलाइन का पालन करे। इसके लिए भी अनुमति आवश्यक होगी। अब तक दशहरा मेला लगाने के लिए किसी ने अनुमति नहीं मांगी है। - महेंद्र कुमार, एडीएम सिटी

जोगीनवादा की रामलीला 72 साल पुरानी है। वहां रावण, कुंभकरण, मेघनाद के 51-51 फिट के पुतले हर साल फूंके जाते थे। इस बार कोरोना के कारण रामलीला नहीं हो रही है। दशहरा वाले दिन 5 से 10 फिट ऊंचे पुतले फूंके जाएंगे, जिसमें कमेटी के लोग शामिल होंगे।
- गिरधारी साहू, मेला प्रभारी, जोगीनवादा रामलीला कमेटी

इस बार महज 10 फिट के तीन प्रतीकात्मक पुतले फूंके जाएंगे। चूंकि रामलीला ही नहीं हो रही है इसलिए मेला भी नहीं लगेगा। कमेटी के लोग आपस में ही इकट्ठा होकर पुतला दहन कर दशहरे की रस्म अदा करेंगे।


- प्रदीप अग्रवाल, मेला प्रभारी, सुभाषनगर रामलीला कमेटी

चौधरी तालाब मोहल्ले में होने वाली रामलीला में भी 50 से 55 फिट ऊंचे रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले फूंके जाते हैं, लेकिन इस बार रामलीला प्रतीकात्मक ढंग से हो रही है। कोरोना गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए महज 8 से 10 फिट ऊंचे ही पुतले फूंके जाएंगे।- धीरेंद्र शुक्ला, उपमंत्री, चौधरी तालाब मोहल्ला रामलीला कमेटी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed