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Bareilly News: एक-दूसरे पर छिड़कते थे जान, साथ ही तोड़ा दम
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बरेली। नैनीताल हाईवे पर हुए हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली। तीन घायलों के परिजन परेशान हैं। पांचों युवकों की दोस्ती को लेकर सुभाषनगर में चर्चा रही। हादसे में जान गंवाने वाले सुनील व गौरव को याद कर लोग फफक पड़े। बोले- दोनों एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे, और साथ ही दम तोड़ दिया।
सुनील बजाज पंजाबी परिवार से थे। उनके पिता की बरसों पुरानी साइकिल की दुकान है, जिसकी देखरेख सुनील ही करते थे। साथ ही उन्होंने बाइक पार्ट्स की दुकान भी खोल ली थी। उनकी शादी नहीं हुई थी। गौरव दत्त वाल्मीकि परिवार से थे। सुनील उनके जिगरी दोस्त थे। गौरव और सुनील जरूरत पर एक-दूसरे की मदद करते थे।
गौरव एक मोबाइल कंपनी में काम करते थे। छह माह पहले काम छोड़ रखा था। हालांकि, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक है। गौरव के पिता सुनील दत्त वाल्मीकि समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति हैं और इस साल भी माधोबाड़ी के वाल्मीकि मेले के प्रभारी रहे। गौरव के बड़े भाई डिंपल बैंक में काम करते हैं।
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गोलू को आ रही थी नींद
घायल हरप्रीत सिंह उर्फ गोलू से गुरुद्वारा कमेटी व अन्य लोगों ने बात की तो उसने कहा कि गौरव कार चला रहा था। वह उसके पास ही बैठे थे। तभी गोलू को नींद आने लगी। तब पीछे बैठे सुनील ने कहा कि तुम पीछे आओ, मैं आगे आ जाता हूं। इसके कुछ ही देर बाद यह घटना हो गई। गोलू ने बताया कि वह लोग कार में फंस गए थे।
घायलों का हाल देखने पहुंचे नेता और व्यापारी
घायल हरप्रीत सिंह उर्फ गोलू सुभाषनगर गुरुद्वारा कमेटी के मीडिया प्रभारी हैं। वह मोबाइल व्यवसायी होने के साथ ही राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष हैं। वहीं, दूसरे घायल प्रेम साहनी क्रॉकरी व्यापारी व इसी व्यापार संगठन की शहर शाखा के मंत्री हैं। उन्हें शाम को मेडिकल कॉलेज से शहर के निजी अस्पताल लाया गया। यहां उनको देखने संगठन के महानगर अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा व उनकी टीम पहुंची। रात को मेयर उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल गंगवार, भाजपा के महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लिया। अमर उजाला ब्यूरो
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सुनील बजाज पंजाबी परिवार से थे। उनके पिता की बरसों पुरानी साइकिल की दुकान है, जिसकी देखरेख सुनील ही करते थे। साथ ही उन्होंने बाइक पार्ट्स की दुकान भी खोल ली थी। उनकी शादी नहीं हुई थी। गौरव दत्त वाल्मीकि परिवार से थे। सुनील उनके जिगरी दोस्त थे। गौरव और सुनील जरूरत पर एक-दूसरे की मदद करते थे।
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गौरव एक मोबाइल कंपनी में काम करते थे। छह माह पहले काम छोड़ रखा था। हालांकि, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक है। गौरव के पिता सुनील दत्त वाल्मीकि समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति हैं और इस साल भी माधोबाड़ी के वाल्मीकि मेले के प्रभारी रहे। गौरव के बड़े भाई डिंपल बैंक में काम करते हैं।
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गोलू को आ रही थी नींद
घायल हरप्रीत सिंह उर्फ गोलू से गुरुद्वारा कमेटी व अन्य लोगों ने बात की तो उसने कहा कि गौरव कार चला रहा था। वह उसके पास ही बैठे थे। तभी गोलू को नींद आने लगी। तब पीछे बैठे सुनील ने कहा कि तुम पीछे आओ, मैं आगे आ जाता हूं। इसके कुछ ही देर बाद यह घटना हो गई। गोलू ने बताया कि वह लोग कार में फंस गए थे।
घायलों का हाल देखने पहुंचे नेता और व्यापारी
घायल हरप्रीत सिंह उर्फ गोलू सुभाषनगर गुरुद्वारा कमेटी के मीडिया प्रभारी हैं। वह मोबाइल व्यवसायी होने के साथ ही राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष हैं। वहीं, दूसरे घायल प्रेम साहनी क्रॉकरी व्यापारी व इसी व्यापार संगठन की शहर शाखा के मंत्री हैं। उन्हें शाम को मेडिकल कॉलेज से शहर के निजी अस्पताल लाया गया। यहां उनको देखने संगठन के महानगर अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा व उनकी टीम पहुंची। रात को मेयर उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल गंगवार, भाजपा के महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लिया। अमर उजाला ब्यूरो