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Bareilly News: मीठी गोली दूर कर रही सर्दी-खांसी, जोड़ों के दर्द में भी हमदर्द
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बरेली। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी, फ्लू, जोड़ों में दर्द, त्वचा संबंधी संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। इसके साथ ही मरीजों का होम्योपैथी पर भरोसा भी बढ़ा है। ओपीडी में रोजाना सौ से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें संख्या सर्दी-खांसी, जोड़ों के दर्द और त्वचा संबंधी संक्रमण के मरीजों की तादाद ज्यादा है। चार साल में होम्योपैथी की ओपीडी करीब दोगुनी हो गई है।
जिला अस्पताल परिसर में स्थित होम्योपैथी सेंटर की चिकित्सक डॉ. कल्पना चौहान के मुताबिक, इलाज की यह विधा मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए सुरक्षित है। इसके साइड इफेक्ट नहीं होते। निशुल्क इलाज होता है। प्रत्येक आयुवर्ग के लोग इन मीठी गोलियों का सेवन कर सकते हैं। इस पद्धति में रोग के साथ ही मरीज के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है। इसकी प्रत्येक दवा संबंधित रोग के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वाभाविक तौर पर मजबूत बनाने में सक्षम है।
बताया कि इस वर्ष अप्रैल से नवंबर तक 32 हजार से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे। दिसंबर में दिन में धूप और रात में शीतलहर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। ओपीडी में रोजाना सौ मरीज पहुंच रहे हैं।
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घर में रखें दवाएं, परामर्श लेकर खाएं
होम्योपैथी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य डॉ. अमित डेविस के मुताबिक, ठंड के मौसम में कुछ होम्योपैथिक दवाएं घर में रखनी चाहिए। तेज बुखार, बेचैनी होने पर एकोनिटम नेपेलस, सूखी खांसी, शरीर के दर्द में ब्रायोनिया अल्बा, बार-बार सर्दी से गले में खराश, सीने में जलन, थकान हो तो आर्सेनिका एल्बम, गले की ग्रंथियों में सूजन हो तो हेपर सल्फर का सेवन चिकित्सक के परामर्श पर किया जा सकता है। आकस्मिक स्थिति में बगैर परामर्श भी संतुलित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।
होम्योपैथी केंद्र पर चार वर्षों में मरीज की स्थिति
वर्ष मरीज
2021-22 23,718
2022-23 30,321
2023-24 31,702
2024-25 42,517
नोट : आंकड़े होम्योपैथी सेंटर के प्राप्त।
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जिला अस्पताल परिसर में स्थित होम्योपैथी सेंटर की चिकित्सक डॉ. कल्पना चौहान के मुताबिक, इलाज की यह विधा मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए सुरक्षित है। इसके साइड इफेक्ट नहीं होते। निशुल्क इलाज होता है। प्रत्येक आयुवर्ग के लोग इन मीठी गोलियों का सेवन कर सकते हैं। इस पद्धति में रोग के साथ ही मरीज के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है। इसकी प्रत्येक दवा संबंधित रोग के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वाभाविक तौर पर मजबूत बनाने में सक्षम है।
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बताया कि इस वर्ष अप्रैल से नवंबर तक 32 हजार से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे। दिसंबर में दिन में धूप और रात में शीतलहर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। ओपीडी में रोजाना सौ मरीज पहुंच रहे हैं।
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घर में रखें दवाएं, परामर्श लेकर खाएं
होम्योपैथी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य डॉ. अमित डेविस के मुताबिक, ठंड के मौसम में कुछ होम्योपैथिक दवाएं घर में रखनी चाहिए। तेज बुखार, बेचैनी होने पर एकोनिटम नेपेलस, सूखी खांसी, शरीर के दर्द में ब्रायोनिया अल्बा, बार-बार सर्दी से गले में खराश, सीने में जलन, थकान हो तो आर्सेनिका एल्बम, गले की ग्रंथियों में सूजन हो तो हेपर सल्फर का सेवन चिकित्सक के परामर्श पर किया जा सकता है। आकस्मिक स्थिति में बगैर परामर्श भी संतुलित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।
होम्योपैथी केंद्र पर चार वर्षों में मरीज की स्थिति
वर्ष मरीज
2021-22 23,718
2022-23 30,321
2023-24 31,702
2024-25 42,517
नोट : आंकड़े होम्योपैथी सेंटर के प्राप्त।