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Bareilly News: ठेकेदार की वजह से खड़ा हो गया था रोजी का संकट, इसलिए मार डालाहत्यारोपी कुली नौबत ने कबूला गुनाह
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बरेली। पार्सल ठेकेदार के भाई की हत्या करने के आरोपी आरोपी कुली नौबत ने पूछताछ के अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि ठेकेदार की वजह से उसके व दूसरे कुलियों के सामने रोजी का संकट खड़ा हो गया था। साथियों के उकसावे ने आग में घी का काम किया। इस पर उसने ठेकेदार की हत्या कर दी।
इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय ने बताया कि नौबत यादव ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि प्रतापगढ़ निवासी ठेकेदार अतुल पांडेय व उसके भाई अनुज पांडेय ने नवंबर 2024 से पार्सल का ठेका ले रखा था। इन्होंने अपने पांच कर्मचारी लगाकर 26 कुलियों का काम ठप कर रखा था। कई बार ठेकेदार से कहा कि हमें पहले की तरह काम करने दें। तब ठेकेदार अतुल व उसके भाई अनुज ने कहा कि हम लोगों ने काफी रुपया देकर ठेका लिया है। हम निर्धारित दर और वजन के हिसाब से भाड़ा दे सकते हैं। नौबत के मुताबिक निर्धारित रेट काफी कम होने से पहले की तरह कुलियों की कमाई नहीं हो पा रही थी।
नौबत ने पुलिस को बताया कि कुछ कुली इकट्ठा हुए। इसमें साथियों ने उसे भड़काया। सोमवार को वह स्टैंड पर आया तो अनुज और अतुल ने उसे भगा दिया। इससे उसे बहुत गुस्सा आया। शाम छह बजे हत्या का मन बनाकर वह तमंचा और कारतूस लेकर आ गया। वह पार्सल घर में गया तो अनुज बाहर ठेले पर बैठा मिला। उससे बात की तो उसने पहले की तरह काम से मना कर दिया। तब उसने तमंचा निकालकर अनुज के सीने पर गोली मार दी। तमंचा फिर लोड किया और पार्सल घर के अंदर जाकर तख्त पर लेटे अतुल को गोली मारकर भाग गया। भागते समय तमंचा और बचे कारतूस भरतौल रोड पर बंद गोदाम की झाड़ियों में छिपा दिया। दोबारा भागने के चक्कर में पकड़ा गया।
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भीड़ में खड़े थे साथी, जरूरत पड़ती तो उसे बचाते
नौबत ने पुलिस को बताया कि वारदात में उसका साला पीलीभीत के गोबर मोहल्ला निवासी दिनेश यादव, बरेली के सुभाषनगर का राजन और सुनील कश्यप, नौबत के गांव मेहतरपुर करोड़ का निवासी कामदेव, बिथरी के गांव उड़ला जागीर निवासी नन्हें व इसरार शामिल थे। इन लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसकी हर तरीके से मदद करेंगे। जब वह हत्या करने स्टैंड पर पहुंचा तो ये सभी उसके साथ थे। वे सब यात्रियों के बीच खड़े हो गए। तय हुआ कि हत्या के बाद अगर भीड़ ने पकड़ा या हमला किया तो ये लोग सामने आ जाएंगे और उसे साथ लेकर भाग चलेंगे। ब्यूरो
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इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय ने बताया कि नौबत यादव ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि प्रतापगढ़ निवासी ठेकेदार अतुल पांडेय व उसके भाई अनुज पांडेय ने नवंबर 2024 से पार्सल का ठेका ले रखा था। इन्होंने अपने पांच कर्मचारी लगाकर 26 कुलियों का काम ठप कर रखा था। कई बार ठेकेदार से कहा कि हमें पहले की तरह काम करने दें। तब ठेकेदार अतुल व उसके भाई अनुज ने कहा कि हम लोगों ने काफी रुपया देकर ठेका लिया है। हम निर्धारित दर और वजन के हिसाब से भाड़ा दे सकते हैं। नौबत के मुताबिक निर्धारित रेट काफी कम होने से पहले की तरह कुलियों की कमाई नहीं हो पा रही थी।
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नौबत ने पुलिस को बताया कि कुछ कुली इकट्ठा हुए। इसमें साथियों ने उसे भड़काया। सोमवार को वह स्टैंड पर आया तो अनुज और अतुल ने उसे भगा दिया। इससे उसे बहुत गुस्सा आया। शाम छह बजे हत्या का मन बनाकर वह तमंचा और कारतूस लेकर आ गया। वह पार्सल घर में गया तो अनुज बाहर ठेले पर बैठा मिला। उससे बात की तो उसने पहले की तरह काम से मना कर दिया। तब उसने तमंचा निकालकर अनुज के सीने पर गोली मार दी। तमंचा फिर लोड किया और पार्सल घर के अंदर जाकर तख्त पर लेटे अतुल को गोली मारकर भाग गया। भागते समय तमंचा और बचे कारतूस भरतौल रोड पर बंद गोदाम की झाड़ियों में छिपा दिया। दोबारा भागने के चक्कर में पकड़ा गया।
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भीड़ में खड़े थे साथी, जरूरत पड़ती तो उसे बचाते
नौबत ने पुलिस को बताया कि वारदात में उसका साला पीलीभीत के गोबर मोहल्ला निवासी दिनेश यादव, बरेली के सुभाषनगर का राजन और सुनील कश्यप, नौबत के गांव मेहतरपुर करोड़ का निवासी कामदेव, बिथरी के गांव उड़ला जागीर निवासी नन्हें व इसरार शामिल थे। इन लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसकी हर तरीके से मदद करेंगे। जब वह हत्या करने स्टैंड पर पहुंचा तो ये सभी उसके साथ थे। वे सब यात्रियों के बीच खड़े हो गए। तय हुआ कि हत्या के बाद अगर भीड़ ने पकड़ा या हमला किया तो ये लोग सामने आ जाएंगे और उसे साथ लेकर भाग चलेंगे। ब्यूरो