{"_id":"68741cec146c9140440ac4dc","slug":"there-is-no-action-in-the-widow-pension-given-to-married-women-the-responsible-are-being-saved-bareilly-news-c-4-vns1074-681333-2025-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सुहागिनों को दी गई विधवा पेंशन में कार्रवाई शून्य, बचाए जा रहे जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सुहागिनों को दी गई विधवा पेंशन में कार्रवाई शून्य, बचाए जा रहे जिम्मेदार
विज्ञापन
बरेली। आंवला तहसील क्षेत्र में सुहागिनों को पेंशन दिए जाने के मामले में अभी तक कार्रवाई शून्य है। मामले में अभी तक जांच ही पूरी नहीं हो सकी है। इधर, जिला सहकारी बैंक फरीदपुर शाखा में बड़ी संख्या में पुरुषों को भी विधवा पेंशन जारी होने के बाद एक बार फिर महिला कल्याण विभाग सुर्खियों में आ गया है। सहकारी बैंक में जिन खातों में पेंशनराशि भेजी गई, वह लोग वास्तव में कौन और कहां के हैं, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
आंवला तहसील में 61 सुहागिनों के विधवा पेंशन पाने की बात सामने आई थी। इन्हें पिछले पांच-छह साल से पेंशन मिल रही थी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा अमर उजाला ने 29 मई को किया था। डीएम ने संज्ञान लेकर एसडीएम आंवला से जांच रिपोर्ट मांगी थी। डेढ़ महीने से अधिक वक्त बीत गया अब तक जांच ही नहीं हो पाई है। एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने बताया कि वह अभी कुछ दिनों पहले ही यहां तैनात हुई हैं। अब मामले को समझकर जल्द ही जांच को पूरा करेंगे। संवाद
--
अभी तक अपात्रों से केवल रिकवरी पर जोर
विधवा पेंशन में हुए फर्जीवाड़े में जिम्मेदारों पर कार्रवाई के बजाय अपात्रों से वसूली पर ही जोर है। वर्ष 2023 में आंवला तहसील में अपात्र 34 महिलाओं को आरसी जारी हुई थी। शुरुआती दौर में महिला कल्याण विभाग ने 26 सुहागिन महिलाओं से रिकवरी की थी। अभी मई में अन्य 27 सुहागिनों को आरसी जारी हुई थी। इन सुहागिनों से 14 से 69 हजार रुपये तक विधवा पेंशन राशि की वसूली होनी है।
विज्ञापन
-- --
53 सुहागिनें हैं, जिन्हें कई साल से पेंशन मिल रही थी। इनके आवेदनों पर पता गलत हैं। इनके मूल पते महिला कल्याण विभाग से मांगे थे। हालांकि, कई अपात्रों को खोज लिया गया है। इस मामले में हमने एसडीएम विदुषी सिंह को बता भी दिया है। अब वही जांच करेंगी।
- नहने राम, तत्कालीन एसडीएम, आंवला
आंवला तहसील के जिन अपात्रों को पेंशन गई है, वह चिह्नित हैं और उनकी पेंशन रोकी जा चुकी है। इनको पेंशन कैसे मिली आदि के संबंध में जांच करने को कहा गया था। वहां नहने राम के स्थानांतरण बाद नई एसडीएम विदुषी सिंह पहुंची हैं, उन्हें जल्द ही जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। - सौरभ दुबे, एडीएम सिटी/नोडल महिला कल्याण विभाग
विज्ञापन
आंवला तहसील में 61 सुहागिनों के विधवा पेंशन पाने की बात सामने आई थी। इन्हें पिछले पांच-छह साल से पेंशन मिल रही थी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा अमर उजाला ने 29 मई को किया था। डीएम ने संज्ञान लेकर एसडीएम आंवला से जांच रिपोर्ट मांगी थी। डेढ़ महीने से अधिक वक्त बीत गया अब तक जांच ही नहीं हो पाई है। एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने बताया कि वह अभी कुछ दिनों पहले ही यहां तैनात हुई हैं। अब मामले को समझकर जल्द ही जांच को पूरा करेंगे। संवाद
विज्ञापन
अभी तक अपात्रों से केवल रिकवरी पर जोर
विधवा पेंशन में हुए फर्जीवाड़े में जिम्मेदारों पर कार्रवाई के बजाय अपात्रों से वसूली पर ही जोर है। वर्ष 2023 में आंवला तहसील में अपात्र 34 महिलाओं को आरसी जारी हुई थी। शुरुआती दौर में महिला कल्याण विभाग ने 26 सुहागिन महिलाओं से रिकवरी की थी। अभी मई में अन्य 27 सुहागिनों को आरसी जारी हुई थी। इन सुहागिनों से 14 से 69 हजार रुपये तक विधवा पेंशन राशि की वसूली होनी है।
विज्ञापन
53 सुहागिनें हैं, जिन्हें कई साल से पेंशन मिल रही थी। इनके आवेदनों पर पता गलत हैं। इनके मूल पते महिला कल्याण विभाग से मांगे थे। हालांकि, कई अपात्रों को खोज लिया गया है। इस मामले में हमने एसडीएम विदुषी सिंह को बता भी दिया है। अब वही जांच करेंगी।
- नहने राम, तत्कालीन एसडीएम, आंवला
आंवला तहसील के जिन अपात्रों को पेंशन गई है, वह चिह्नित हैं और उनकी पेंशन रोकी जा चुकी है। इनको पेंशन कैसे मिली आदि के संबंध में जांच करने को कहा गया था। वहां नहने राम के स्थानांतरण बाद नई एसडीएम विदुषी सिंह पहुंची हैं, उन्हें जल्द ही जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। - सौरभ दुबे, एडीएम सिटी/नोडल महिला कल्याण विभाग