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Bareilly News: राना और केपी के उत्तराखंड भागने का शोर
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बरेली। पीलीभीत बाइपास पर फायरिंग के मामले में मुख्य आरोपी राजीव राना और केपी यादव की तलाश में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। दोनों बेहद शातिर हैं। चर्चा है कि दोनों उत्तराखंड भाग गए हैं। मुसीबत के दिनों में पहले भी राना और उसके साथियों ने उत्तराखंड में शरण ली थी। राना का काशीपुर में भी होटल बताया जा रहा है।
बरेली पुलिस की चार टीमों के साथ ही एसओजी व सर्विलांस टीम भी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। राजीव राना व केपी यादव की गिरफ्तारी को लेकर ज्यादा दबाव है। राजीव राना का मोबाइल फोन घटना वाले दिन से ही बंद है। उसके गुर्गों के लिहाज से पुलिस को दो दिन पहले उसकी लोकेशन मैगलगंज में मिली थी। इसके बाद से कोई नई जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी है। पुलिस ने उसके परिचितों व रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी है। इससे यह भी सुराग मिला है कि उसकी लोकेशन उत्तराखंड में हो सकती है।
दरअसल, राजीव के भाई संजीव की लोकेशन दो दिन पहले उत्तराखंड में मिली थी। पुलिस की एक टीम वहां गई थी पर सही ठिकाना न मिलने पर लौट आई। जिले के एक तत्कालीन बसपा विधायक ने जब राना व उसके साथियों पर शिकंजा कसा था तो ये लोग काफी समय तक उत्तराखंड में छुपे रहे थे। इसी दौरान राना ने वहां भी संपत्ति बना ली। उसके आका के वहां मजबूत कनेक्शन हैं, जिनकी बदौलत उसे आसानी से शरण मिल सकती है।
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बरेली पुलिस की चार टीमों के साथ ही एसओजी व सर्विलांस टीम भी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। राजीव राना व केपी यादव की गिरफ्तारी को लेकर ज्यादा दबाव है। राजीव राना का मोबाइल फोन घटना वाले दिन से ही बंद है। उसके गुर्गों के लिहाज से पुलिस को दो दिन पहले उसकी लोकेशन मैगलगंज में मिली थी। इसके बाद से कोई नई जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी है। पुलिस ने उसके परिचितों व रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी है। इससे यह भी सुराग मिला है कि उसकी लोकेशन उत्तराखंड में हो सकती है।
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दरअसल, राजीव के भाई संजीव की लोकेशन दो दिन पहले उत्तराखंड में मिली थी। पुलिस की एक टीम वहां गई थी पर सही ठिकाना न मिलने पर लौट आई। जिले के एक तत्कालीन बसपा विधायक ने जब राना व उसके साथियों पर शिकंजा कसा था तो ये लोग काफी समय तक उत्तराखंड में छुपे रहे थे। इसी दौरान राना ने वहां भी संपत्ति बना ली। उसके आका के वहां मजबूत कनेक्शन हैं, जिनकी बदौलत उसे आसानी से शरण मिल सकती है।
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