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पूरी जमीन की फिर से होगी पैमाइश
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 10 Apr 2016 01:00 AM IST
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अक्ष्ार िवविहार
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अक्षर विहार तालाब पाटने की कोशिशों पर नगर निगम की नींद आखिरकार टूटी। बोर्ड की मीटिंग में ये मामला उठने के बाद मेयर डा. आईएस तोमर, नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, एक्सईएन गयूर अहमद, मानचित्रकार समशुल हसन के अलावा कई पार्षद भी तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे। मेयर ने तालाब के पास बिल्डरों की फ्री होल्ड कराई गई जमीन भी देखी। बिल्डर के कर्मचारियों से अनाधिकृत तरीके से लगे गेट को दो दिन में हटाने को कहा गया। ये भी तय हुआ कि तालाब पर कब्जा रोकने के लिए पूरी जमीन (तालाब और नजूल की फ्री होल्ड) की नगर निगम और तहसील की टीम फिर से नाप करेगी। जिसका भी अनाधिकृत कब्जा होगा, उसे हटवाया जाएगा। तालाब के चारों ओर फेंसिंग कराने के अलावा रोड भी बनेगी।
मानचित्रकार ने तालाब के किनारे 45 सौ मीटर नजूल की जमीन फ्री होल्ड होने की जानकारी दी। बताया कि पांच बार तालाब की जमीन की नाप हो चुकी है। छठी बार फिर से नाप कराई जाएगी। मेयर को 2006.68 वर्ग मीटर जमीन पर तालाब का होना बताया गया। मेयर ने बिल्डर प्रिंस छाबड़ा की जमीन और सड़क के बीच में लगे गेट को उनके कर्मचारियों से दो दिन में हटाने को कहा। एक्सईएन गयूर अहमद ने बताया कि बिल्डर ने नगर निगम से निर्माणाधीन नाला अपनी जमीन पर होना बताकर उनको नोटिस भेजा है।
तालाब के एक ओर अनेजा ग्रुप और दूसरी ओर होराइजन ग्रुप की जमीन बताई गई। मेयर डा. तोमर ने कहा कि नगर निगम की टीम तालाब और राजस्व टीम दोनों बिल्डरों की फ्री होल्ड कराई गई जमीन की संयुक्त नाप करे। अगर तालाब की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा निकले तो उसे तुरंत हटाया जाए। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने कहा कि संयुक्त नाप के बाद तालाब के चारों ओर फेंसिंग कराकर रोड बनवाई जाएगी ताकि तालाब पर भविष्य में कोई भी बिल्डर कब्जा न कर सके। हालांकि इस पूरी कवायद में ये स्पष्ट नहीं हो सकता कि कितना तालाब पट चुका है। संयुक्त जांच के बाद ही तालाब पर कब्जे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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‘हमारी 2050 मीटर जमीन नजूल की है जो फ्री होल्ड कराई गई थी। हमने ये जमीन किरन तलवार से खरीदी थी। 87 फुट पर बाड़ लगी है। वहीं पर गेट है। उसे हटा लिया जाएगा। नगर निगम ने हमारी जमीन पर नाला बनवा दिया। हम चाहते हैं कि मेरा और अनेजा ग्रुप के दोनों प्लाटों समेत पूरे तालाब की फिर से नाप हो। जितनी जिसकी जमीन निकले, उसे छोड़ दिया जाए।’ प्रिंस छाबड़ा
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मानचित्रकार ने तालाब के किनारे 45 सौ मीटर नजूल की जमीन फ्री होल्ड होने की जानकारी दी। बताया कि पांच बार तालाब की जमीन की नाप हो चुकी है। छठी बार फिर से नाप कराई जाएगी। मेयर को 2006.68 वर्ग मीटर जमीन पर तालाब का होना बताया गया। मेयर ने बिल्डर प्रिंस छाबड़ा की जमीन और सड़क के बीच में लगे गेट को उनके कर्मचारियों से दो दिन में हटाने को कहा। एक्सईएन गयूर अहमद ने बताया कि बिल्डर ने नगर निगम से निर्माणाधीन नाला अपनी जमीन पर होना बताकर उनको नोटिस भेजा है।
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तालाब के एक ओर अनेजा ग्रुप और दूसरी ओर होराइजन ग्रुप की जमीन बताई गई। मेयर डा. तोमर ने कहा कि नगर निगम की टीम तालाब और राजस्व टीम दोनों बिल्डरों की फ्री होल्ड कराई गई जमीन की संयुक्त नाप करे। अगर तालाब की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा निकले तो उसे तुरंत हटाया जाए। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने कहा कि संयुक्त नाप के बाद तालाब के चारों ओर फेंसिंग कराकर रोड बनवाई जाएगी ताकि तालाब पर भविष्य में कोई भी बिल्डर कब्जा न कर सके। हालांकि इस पूरी कवायद में ये स्पष्ट नहीं हो सकता कि कितना तालाब पट चुका है। संयुक्त जांच के बाद ही तालाब पर कब्जे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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‘हमारी 2050 मीटर जमीन नजूल की है जो फ्री होल्ड कराई गई थी। हमने ये जमीन किरन तलवार से खरीदी थी। 87 फुट पर बाड़ लगी है। वहीं पर गेट है। उसे हटा लिया जाएगा। नगर निगम ने हमारी जमीन पर नाला बनवा दिया। हम चाहते हैं कि मेरा और अनेजा ग्रुप के दोनों प्लाटों समेत पूरे तालाब की फिर से नाप हो। जितनी जिसकी जमीन निकले, उसे छोड़ दिया जाए।’ प्रिंस छाबड़ा