Bareilly News: स्थानीय बनाम बाहरी में तब्दील हुई कटरी की जंग, नेता संग आए तो सुरेश प्रधान ने किया सरेंडर
कटरी तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुरेश प्रधान की गिरफ्तारी न होने से पुलिस दबाव में थी। उधर, सुरेध प्रधान भी सरेंडर करने की तैयारी में जुटा है। सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं का साथ मिला तो उसके आत्मसमर्पण का रास्ता तय हो सका।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कटरी तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुरेश प्रधान की गिरफ्तारी न होने से पुलिस दबाव में थी। मौजूदा माहौल में आम अपराधी होता तो पुलिस एनकाउंटर करने की सोचती। इस मामले में आरोपी के सियासी रसूख और घायल होने की वजह से पुलिस कार्रवाई से ठिठक रही थी। हालांकि घर पर बुलडोजर चलाने का डर दिखाया गया तो प्रधान पक्ष सहम गया। मामले में कुछ सजातीय नेता प्रधान पक्ष की ढाल बनते नजर आए।
पूर्व विधायक ने की थी पैरवी
इस बीच प्रधान के करीबी रहे सत्तापक्ष से जुड़े एक पूर्व विधायक भी उसे सकुशल बरेली लाने में जुट गए। उन्होंने प्रयास किया पर कोई बड़ा नेता उसकी पैरवी के लिए तैयार नहीं हुआ। तब पूर्व विधायक ने तर्क दिया कि अपने खेतों की देखभाल के दौरान सुरेश पर हमला किया गया है। दूध का धुला तो कोई नहीं है।र्व विधायक ने कहा कि सुरेश प्रधान स्थानीय और असरदार है तो उसकी मदद क्यों न की जाए। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय बनाम बाहरी मुद्दे पर नेताओं का रुख नरम पड़ा और सुरेश को बरेली लाया गया। सुरेश के आने से पहले तमाम सजातीय नेता अस्पताल पहुंच गए थे कि कहीं पुलिस वादाखिलाफी न कर दे। मामला मीडिया की जानकारी में आने के बाद ही वे वहां से हटे।
इसी अस्पताल में आने को की थी कॉल
घटना के बाद सुरेश प्रधान को इसी अस्पताल में भर्ती कराने लाया जा रहा था, जहां वह अब भर्ती हुआ है। घायल प्रधान को उसके गुर्गे पहले स्टीमर से रायहंसपुर लाए थे। वहां से कार में लिटाने के बाद अस्पताल प्रशासन से जुड़े शख्स को कॉल कर घायल को भर्ती कराने की बात बताई। अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरी तैयारी भी स्टाफ ने कर ली।
इस बीच मास्टमाइंड प्रधान ने प्लान बदल दिया। उसे लग रहा था कि बरेली में भर्ती होते ही पुलिस अगले दिन जेल भेज देगी। इसलिए उसने मुरादाबाद के अस्पताल में जाने का फैसला लिया। वहां उसके सिर में टांके लगाए गए। हाथ में फ्रैक्चर था, जिस पर एक्सरे के बाद प्लास्टर चढ़ाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद प्रधान पक्ष ने बरेली कूच कर दिया।