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वापस रबर प्लांट पहुंची बाघिन, रेस्क्यू की तैयारी शुरू
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फतेहगंज पश्चिमी। लगातार इलाका बदल रही बाघिन के पगचिन्ह अब रबर प्लांट में देखे गए हैं। टीम ने बाघिन को घेरने के लिए इसी इलाके में खुले में पड्डा बांधा है। दो साल पहले रबर फैक्टरी पहुंचे बाघ को भी इसी जगह ट्रेंक्युलाइज किया गया था। बाघिन की लोकेशन इसी जगह मिलने से एक्सपर्ट की टीम को ट्रेंक्युलाइज करने की उम्मीद जगी है।
बीते चार माह से वन विभाग को अपनी पैंतरेबाजी से परेशान कर रही बाघिन का मूवमेंट रबर प्लान्ट में मंगलवार की देर रात देखा गया। पगचिन्ह देखकर अफसरों और एक्सपर्ट की सलाह पर टीम ने एक पड्डे को खुले में बांधा है। जानकारी के मुताबिक एक्सपर्ट रात में बाघिन को ट्रेस कर रेस्क्यू करने की कोशिश करेंगे। दो साल पहले भी रबर फैक्ट्री में आए बाघ को टीम ने इसी प्लांट और इसी जगह से ट्रेंक्युलाइज किया था। बता दें कि बीते दिनों बाघिन के आने से एक तेंदुआ इस इलाके को छोड़कर भागते हुए नेशनल हाइवे पर हादसे का शिकार हो गया था। तब वन विभाग ने बाघिन को पकड़ने की योजना बनाई थी। जिसके तहत उन्होंने फैक्टरी के आधे क्षेत्र में कैमरे और पिंजड़े लगाए। साथ ही शिकार भी खुले में बांधे मगर बाघिन पकड़ी नहीं जा सकी। सप्ताह भर पहले बाघिन की सटीक लोकेशन मिलने से दुधवा से एक्सपर्ट की टीम पहुंची मगर बाघिन खतरे को भांप कर इस इलाके को छोड़कर दूसरी जगह चली गई थी। अब वापस इसी इलाके में बाघिन दिखी है, इसलिए टीम बाघिन को यहीं ट्रेंक्युलाइज करने की योजना बना रहा है।
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बीते चार माह से वन विभाग को अपनी पैंतरेबाजी से परेशान कर रही बाघिन का मूवमेंट रबर प्लान्ट में मंगलवार की देर रात देखा गया। पगचिन्ह देखकर अफसरों और एक्सपर्ट की सलाह पर टीम ने एक पड्डे को खुले में बांधा है। जानकारी के मुताबिक एक्सपर्ट रात में बाघिन को ट्रेस कर रेस्क्यू करने की कोशिश करेंगे। दो साल पहले भी रबर फैक्ट्री में आए बाघ को टीम ने इसी प्लांट और इसी जगह से ट्रेंक्युलाइज किया था। बता दें कि बीते दिनों बाघिन के आने से एक तेंदुआ इस इलाके को छोड़कर भागते हुए नेशनल हाइवे पर हादसे का शिकार हो गया था। तब वन विभाग ने बाघिन को पकड़ने की योजना बनाई थी। जिसके तहत उन्होंने फैक्टरी के आधे क्षेत्र में कैमरे और पिंजड़े लगाए। साथ ही शिकार भी खुले में बांधे मगर बाघिन पकड़ी नहीं जा सकी। सप्ताह भर पहले बाघिन की सटीक लोकेशन मिलने से दुधवा से एक्सपर्ट की टीम पहुंची मगर बाघिन खतरे को भांप कर इस इलाके को छोड़कर दूसरी जगह चली गई थी। अब वापस इसी इलाके में बाघिन दिखी है, इसलिए टीम बाघिन को यहीं ट्रेंक्युलाइज करने की योजना बना रहा है।
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