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Bareilly News: वर्दीवालों के रिश्तों को खोखला कर रहा शक का दीमक
Fri, 04 Jul 2025 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 04 Jul 2025 01:25 AM IST
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बरेली। पुलिसकर्मी भी पारिवारिक समस्याओं को लेकर न्यायालय की शरण में पहुंच रहे हैं। शक का दीमक उनके रिश्तों को खोखला कर रहा है। परिवार परामर्श केंद्र में हाल में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। काउंसलिंग के बाद पता चला कि झगड़े की वजह शक और संवादहीनता है। ये मामले यह दर्शाते हैं कि दूसरों के झगड़े निपटाने वाले पुलिसकर्मी भी निजी जीवन में तनाव से जूझ रहे हैं। रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं। परिवार परामर्श केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, छह महीनों में लगभग 10 प्रतिशत मामले पुलिसकर्मियों से संबंधित रहे हैं। इनमें ज्यादातर युवा दंपती शामिल हैं।
एक ही थाने में तैनाती, फिर भी रिश्तों में बढ़ती दूरियां
केस 1
बरेली निवासी दंपती की पोस्टिंग मुरादाबाद में एक ही थाने में थी। शुरुआत में दोनों ने खुशी-खुशी साथ काम किया, लेकिन धीरे-धीरे काम के दबाव, ड्यूटी की प्राथमिकता और एक-दूसरे के लिए समय की कमी ने उनके रिश्ते में खटास घोल दी। पति को पत्नी पर शक होने लगा कि वह जानबूझकर उससे दूरी बना रही है। वहीं, पत्नी का कहना है कि पति का व्यवहार अधिकार जताने वाला और तानाशाही भरा हो गया है। पत्नी ने कहा कि पति मेरे काम को लेकर हमेशा शक करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
पति ने कहा- मैं निर्दोष हूं, पत्नी का शक करना ठीक नहीं
केस 2
बरेली में महिला कांस्टेबल के पद पर तैनात पत्नी ने बागपत में तैनात पुलिस अफसर पति पर बेवफाई का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि पति अक्सर देर रात घर लौटता है। फोन कॉल पर छिपाकर बातें करता है और घर में उसका व्यवहार भी बदल चुका है। पति ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि उसकी ड्यूटी ही ऐसी है, जहां रात की गश्त और छापेमारी आम बात है। पति ने काउंसलिंग के दौरान कहा कि अगर मैं गुनहगार हूं तो जांच होनी चाहिए, पर यूं शक करना ठीक नहीं है।
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पति रहने के लिए तैयार, मगर पत्नी कर रही इन्कार
केस 3
एक मामला बरेली के पुलिस कार्यालय में तैनात महिला सिपाही और मुरादाबाद में तैनात उसके सिपाही पति का है। पत्नी ने कहा कि पति उसे परेशान करता है। बरेली आकर मेरे घर पर तोड़फोड़ की। कोर्ट में भी कई बार सार्वजनिक रूप से मुझे नीचा दिखाया। जबकि, पति ने कहा कि मैंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और शक किया। यह मेरी गलती थी। अब मैं पत्नी के साथ रहना चाहता हूं। पत्नी ने इससे साफ इन्कार करते हुए कानूनी रूप से तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी।
संवाद की कमी के कारण टूट रहे रिश्ते
मनोवैज्ञानिक हेमा खन्ना ने बताया कि पुलिस की नौकरी में मानसिक और शारीरिक तनाव ज्यादा होता है। ड्यूटी की अनिश्चितता, अपराधियों से जूझना और सामाजिक दबाव के चलते ये लोग जब घर लौटते हैं तो भी तनावग्रस्त होते हैं। ऐसे में अगर पति-पत्नी दोनों पुलिस में हों तो एक-दूसरे को समझना और भी जरूरी हो जाता है। मगर दुर्भाग्यवश, ज्यादातर मामलों में संवाद की कमी और अहंकार टकरा जाता है। यही रिश्तों के टूटने की सबसे बड़ी वजह बन रही है। इसे बचाने के लिए पति-पत्नी दोनों को आपस में तालमेल रखना चाहिए।
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एक ही थाने में तैनाती, फिर भी रिश्तों में बढ़ती दूरियां
केस 1
बरेली निवासी दंपती की पोस्टिंग मुरादाबाद में एक ही थाने में थी। शुरुआत में दोनों ने खुशी-खुशी साथ काम किया, लेकिन धीरे-धीरे काम के दबाव, ड्यूटी की प्राथमिकता और एक-दूसरे के लिए समय की कमी ने उनके रिश्ते में खटास घोल दी। पति को पत्नी पर शक होने लगा कि वह जानबूझकर उससे दूरी बना रही है। वहीं, पत्नी का कहना है कि पति का व्यवहार अधिकार जताने वाला और तानाशाही भरा हो गया है। पत्नी ने कहा कि पति मेरे काम को लेकर हमेशा शक करते हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
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पति ने कहा- मैं निर्दोष हूं, पत्नी का शक करना ठीक नहीं
केस 2
बरेली में महिला कांस्टेबल के पद पर तैनात पत्नी ने बागपत में तैनात पुलिस अफसर पति पर बेवफाई का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि पति अक्सर देर रात घर लौटता है। फोन कॉल पर छिपाकर बातें करता है और घर में उसका व्यवहार भी बदल चुका है। पति ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि उसकी ड्यूटी ही ऐसी है, जहां रात की गश्त और छापेमारी आम बात है। पति ने काउंसलिंग के दौरान कहा कि अगर मैं गुनहगार हूं तो जांच होनी चाहिए, पर यूं शक करना ठीक नहीं है।
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पति रहने के लिए तैयार, मगर पत्नी कर रही इन्कार
केस 3
एक मामला बरेली के पुलिस कार्यालय में तैनात महिला सिपाही और मुरादाबाद में तैनात उसके सिपाही पति का है। पत्नी ने कहा कि पति उसे परेशान करता है। बरेली आकर मेरे घर पर तोड़फोड़ की। कोर्ट में भी कई बार सार्वजनिक रूप से मुझे नीचा दिखाया। जबकि, पति ने कहा कि मैंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और शक किया। यह मेरी गलती थी। अब मैं पत्नी के साथ रहना चाहता हूं। पत्नी ने इससे साफ इन्कार करते हुए कानूनी रूप से तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी।
संवाद की कमी के कारण टूट रहे रिश्ते
मनोवैज्ञानिक हेमा खन्ना ने बताया कि पुलिस की नौकरी में मानसिक और शारीरिक तनाव ज्यादा होता है। ड्यूटी की अनिश्चितता, अपराधियों से जूझना और सामाजिक दबाव के चलते ये लोग जब घर लौटते हैं तो भी तनावग्रस्त होते हैं। ऐसे में अगर पति-पत्नी दोनों पुलिस में हों तो एक-दूसरे को समझना और भी जरूरी हो जाता है। मगर दुर्भाग्यवश, ज्यादातर मामलों में संवाद की कमी और अहंकार टकरा जाता है। यही रिश्तों के टूटने की सबसे बड़ी वजह बन रही है। इसे बचाने के लिए पति-पत्नी दोनों को आपस में तालमेल रखना चाहिए।